अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भूमिपूजन से पहले सुबह-सुबह AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने एक ट्वीट किया। अपने इस ट्वीट को लेकर उन्हें सोशल मीडिया ट्रोलिंग का शिकार होना पड़ा है। लोग उन्हें ट्रोल करते हुए कई आपत्तिजनक बातें भी लिख रहे हैं। दरअसल ओवैसी ने अपने ट्वीट में लिखा था-  बाबरी मस्जिद थी और रहेगी. इशांअल्लाह। इसके साथ ही ओवैसी ने बाबरी मस्जिद और बाबरी मस्जिद के विध्वंस की एक-एक तस्वीर भी शेयर की है।

असदुद्दीव ओवैसी के इस ट्वीट पर चंद लोग उनके समर्थन में दिखे तो वहीं काफी यूजर्स उन्हें ट्रोल करने लगे। ट्रोल करने वाले लिखने लगे कि अब अपना सिर पीटने से क्या होगा। कई लोगों ने उन पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना का आरोप लगाया है। ऐसे यूजर्स ने लिखा, ‘भारतीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश का आप सम्मान नहीं कर रहे हैं। इससे साबित होता है कि आपके खून और धर्म में दूसरे लोगों के हक पर जबरदस्ती दावा और अनादर करना रचा-बसा है। यही काम आपके बाबर ने किया था।’

 

कुछ यूजर्स ने असदुद्दीन ओवैसी पर निजी हमला करते हुए लिखा कि आपके पूर्वज हिंदू थे, हैं और रहेंगे। बहुत से यूजर्स ने तो ऐसे कमेंट किए जिन्हें हम यहां दिखा भी नहीं सकते।

ओवैसी ने इससे पहले पीएम के मंदिर के शिलान्यास में जाने को संविधान की शपथ का उल्लंघन बताया था। उन्होंने कहा था कि पंथनिरपेक्षता भारत के संविधान का अभिन्न अंग है और यह उसका अनादर होगा। ओवैसी ने कहा था कि हम यह नहीं भूल सकते कि 400 वर्षों से ज्यादा वक्त से बाबरी मस्जिद अयोध्या में थी और 1992 में क्रिमिनल भीड़ ने इसे ध्वस्त कर दिया था।

बता दें, 9 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने विवादित राम मंदिर- बाबरी मस्जिद भूमि को लेकर अपना फैसला सुनाया था। अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने विवादित जमीन राम लला को सौंप दिया था। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को आदेश दिया था कि मस्जिद बनाने के लिए अयोध्या में पांच एकड़ की जमीन दी जाए।