जम्मू – कश्मीर में 32 साल बाद सिनेमा हॉल की वापसी हुई है। शोपियां और पुलवामा में सिनेमा हॉल का उद्घाटन उपराज्यपाल मनोज सिन्हा द्वारा किया गया। इसको लेकर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट कर मस्जिद को लेकर सवाल किया। जिस पर लोगों ने कई तरह के जवाब दिए हैं।
असदुद्दीन ओवैसी ने किया ऐसा ट्वीट
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से उपराज्यपाल से सवाल किया कि , ‘सर, आपने शोपियां-पुलवामा में सिनेमा हॉल तो खोले पर श्रीनगर की जामा मस्जिद हर शुक्रवार (जुमे) को क्यों बंद रहती है। कम से कम इसे दोपहर के मैटिनी शो के दौरान तो न बंद रखा जाए।’
यूजर्स के रिएक्शन
रविंद्र नाम के ट्विटर यूजर ने लिखा कि आप अपनी वॉलिंटियर को वहां भेज दीजिए और कह दीजिए कि जुम्मे के दिन व केवल नमाज पढ़ने जाए, वहां पर पत्थर ना फेंके। अरुण दास नाम के ट्विटर यूजर ने कमेंट किया – वहां पर सिनेमा हॉल की जरूरत है लेकिन मस्जिद की नहीं। यह बात अपने दिमाग में रख लीजिए। हर्ष गुप्ता नाम के यूजर ने लिखा, ‘हर बार पत्थरबाजी होती है इसलिए उसे बंद रखा गया है।’
रणविजय सिंह नाम के ट्विटर यूजर कमेंट करते हैं कि क्योंकि वहां से ही पत्थर बाजी होती रहती है और आतंकवाद की फैक्ट्री को बंद करने में सबकी ही भलाई है। अहमद नाम के एक यूजर ने लिखा, ‘धन्यवाद, असदुद्दीन ओवैसी जी। जम्मू कश्मीर के लोगों की आवाज उठाने के लिए आप जैसे ही नेता की सख्त जरूरत है।’ एक अन्य ट्विटर हैंडल से लिखा गया कि यह सवाल तो आप सीधा बीजेपी वालों से जाकर कर सकते हैं क्योंकि आप तो उन्हीं की बी टीम हैं।
1990 के बाद बंद हो गए थे सिनेमा हॉल
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 80 के दशक में वहां पर करीब एक दर्जन सिनेमाहॉल चलाए जा रहे थे। उस दौरान सिनेमा हॉल के मालिकों को आतंकवादियों द्वारा लगातार धमकी मिलने लगी थी। जिसके कारण सभी सिनेमा हॉल धीरे-धीरे बंद कर दिए गए थे। 90 के दशक में एक बार फिर से सिनेमाघरों को खोलने की कोशिश की गई थी लेकिन आतंकवादियों के कारण इसमें सफलता नहीं मिल पाई थी।
