दिल्ली नगर निगम चुनाव को लेकर तीनों अहम पार्टियां आप, कांग्रेस और बीजेपी अपनी अपनी जीत का दावा कर रही है। जहां एक तरफ बीजेपी पिछले 10 सालो ं ने नगर निगम पर कब्जे को बरकरार रखना चाहती है। तो वहीं आप नगर निगम में बीजेपी के काम को मु्द्दा बनाकर सत्ता पर काबिज होने के लिए कैंपेन कर रही है। ट्विटर भी दिल्ली के चुनावी रंग मेंं रंगा नजर आ रहा है। ट्विटर पर #JhaaduMan4MCD ट्रेंड कर रहा है। इस ट्रेंड में अरविंद केजरीवाल झाड़ू मैन बताया जा रहा है। वहीं बीजेपी को मच्छर मैन के तौर पर दिखाया जा रहा है। इससे पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पीएम नरेंद्र मोदी और बीजपी पर जमकर निशाना साधा है। खुद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करते हुए लिखा कि, “अगर बीजेपी को वोट दिया तो 5 साल तक कूड़ा और मच्छर इसी तरह रहेंगे। कल अगर आपके घर में डेंगू हो जाए तो आप खुद उसके जिम्मेदार होंगे, क्योंकि आपने बीजेपी को वोट दिया है। अगले ट्वीट में उन्होंने लिखा है कि दिल्लीवालों के लिए भाजपा डेंगू और चिकनगुनिया वाली पार्टी है।”
#JhaaduMan4MCD
डेंगू का मलेरिया का कूड़े का भ्रष्टाचार का.. सबका बदला लीजिये। जाइये वोट कीजिये।#DeJhaadu pic.twitter.com/QuL6bYWiDq— The Last Monk (@the_lastmonk) April 22, 2017
Delhi Ko House Tax Free Zon Banane Ke liye #JhaaduMan4MCD pic.twitter.com/zf59gZAyQq
— Rakesh (@AAPKA_RK) April 22, 2017
Just compare 2 years of AAP Vs 10 Year of BJP MCD's work before voting! #JhaaduMan4MCD pic.twitter.com/7EL1ngorgX
— Dr Safin ?? (@HasanSafin) April 22, 2017
इस बार #JhaaduMan4MCD करेगा कलयुग रावण के 56 इंच सीने का झाड़ू से संहार?@ArvindKejriwal @kapsology @Maddy_Saheb @AAPVind @aartic02 @j0shiG pic.twitter.com/z9REPtKCZT
— VoiceAgainstCorruption (@varunINFOSYS) April 22, 2017
Vote wisely tomorrow
MCD affects your day to day activity. #JhaaduMan4MCD pic.twitter.com/55MkTfF6Gz— Dr Safin ?? (@HasanSafin) April 22, 2017
मंदिर मस्जिद की राजनीति से दूर स्कूल कॉलेज बनाए, MCD में आएंगे तो दिल्ली साफ़ जर्क बताएंगे।#JhaaduMan4MCD pic.twitter.com/jsCgl58R8D
— Muhammad Shadab Khan (@_shadabkhan24) April 22, 2017
दिल्ली से डेंगू मलेरिया कौन भगाएगा?#Jhaaduman#JhaaduMan4MCD pic.twitter.com/VqeJrR7XeF
— Muhammad Shadab Khan (@_shadabkhan24) April 22, 2017
क्या फर्क पड़ता है बटन कोई भी दबाएंगे वोट तो बीजेपी को ही जाना है…!! #JhaaduMan4MCD #कमल_का_बटन_दबाएं
— IndianRider (@RiderIndian08) April 22, 2017
#JhaaduMan4MCD जब से युगपुरुष @ArvindKejriwal का राजनीति में पदार्पण हुआ है, दो चीजें बहुत बदनाम हुई हैं
पहली ? झाड़ू
दूसरी ? आम आदमी ?— Piyush Gautam? (@piyushgautam571) April 22, 2017
वहीं अरविंद केजरीवाल के पुराने साथी और अब स्वराज इंडिया के अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने कहा है कि एमसीडी चुनाव दिल्ली सरकार पर जनमत संग्रह होगा और अगर 50 प्रतिशत सीटों पर आप जीतने में विफल रहती है तो मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को इस्तीफा दे देना चाहिए। चुनावों से एक दिन पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में यादव ने केजरीवाल को एमसीडी में अक्षम और भ्रष्ट शासन देने वाली भाजपा को इन नगर निकाय चुनावों में खड़ा होने देने के लिए जिम्मेदार ठहराया। यादव ने केजरीवाल को लिखे एक पत्र में कहा, ‘‘इस दुर्घटना के लिए व्यक्तिगत रूप से आप जिम्मेदार हैं। आपने दिल्ली की जनता का विश्वास तोड़ा है। विश्वास सिर्फ एक नेता या पार्टी से नहीं टूटा है। बल्कि जनता का अपने आप पर से भी विश्वास टूटा है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आपसे धोखा खाने के बाद उन्हें लगता है कि उन्हें अच्छे और बुरे की पहचान नहीं है। इसलिए टूटे मन से बहुत से लोग उन्हीं पार्टियों के पास फिर से जा रहे हैं, जिन्हें उन्होंने दो साल पहले खारिज कर दिया था।’’ केजरीवाल के पूर्व साथी यादव ने कहा, ‘‘मैं यह कहने पर मजबूर हूं कि अपने अहंकार, आत्म-मोह और सत्ता के लालच में डूबकर आपने यह अपराध किया है।’’ दक्षिण, उत्तर और पूर्वी दिल्ली नगर निगम को मिलाकर 272 सीटों के लिए कल मतदान होना है।
यादव ने कहा, ‘‘आपने बार-बार दावा किया है कि दिल्ली के लोग आपके साथ हैं। आपने दिल्ली में कल होने वाले एमसीडी चुनाव को अपनी व्यक्तिगत लोकप्रियता के रेफरेंडम में बदल दिया है। आपके होर्डिंग में आपकी पार्टी का नाम भी नहीं है।’’ यादव ने कहा, ‘‘दिल्ली में 70 में से 67 सीटें जीतनें के दो साल के भीतर इस रेफरेंडम में अगर आप हार जाते हैं तो नैतिकता की मांग है कि आप ईवीएम जैसा कोई बहाना नहीं बनाएं, मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दें और आपकी सरकार दिल्ली में रिकॉल के सिद्धांत के अनुसार दोबारा जनता से विश्वास मत हासिल करे।’’ दिल्ली नगर निगम के नतीजों पर पूरे देश की नजर लगी हुई। हर पार्टी के लिए इस चुनाव के नतीजे बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
