नए कृषि कानून को लेकर बड़ी तादाद में किसान देश की राजधानी दिल्ली को घेरे हुए हैं। इन किसानों की मांग है कि इस नए कानून को रद्द किया जाए और कृषि को लेकर जो पहले की स्थिति थी उसे ही बहाल रखा जाए। आंदोलनकारी किसानों ने 8 दिसंबर को भारत बंद किया तो कांग्रेस समेत देश में तमाम विपक्षी दलों ने उनका समर्थन किया। विपक्षी दल आंदोलनकारी किसानों के पक्ष में खड़े दिख रहे हैं और सरकार पर उनकी मांगें पूरी करने के लिए दबाव बना रहे हैं।
आंदोलनकारी किसानों के साथ खड़े विपक्ष पर रिपब्लिक टीवी के हेड अर्नब गोस्वामी ने निशाना साधा है। अर्नब गोस्वामी ने अपने शो पूछता है भारत में कांग्रेस पार्टी पर आरोप लगाया कि वह अपने निजी हित के लिए किसानों को बर्गला रही है। अर्नब ने कहा कि ये कांग्रेस पार्टी जो इस वक्त एक निकाय चुनाव तक नहीं जीत सकती हैं लेकिन इस तरह के काम बखूब कर ले रही है
अर्नब गोस्वामी ने नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ हुए प्रदर्शनों का हवाला देते हुए कहा कि ये वही कांग्रेस पार्टी है जिसने सीएए के खिलाफ आंदोलन कर रहे लोगों से कहा था कि इससे मुसलमानों की नागरिकता छीन ली जाएगी। अब वही कांग्रेस किसानों से कह रही है कि नए कृषि कानूनों से किसानों की जमीनें छीन ली जाएंगी।
अर्नब गोस्वामी ने कहा कि कांग्रेस की जब केंद्र में सरकार थी तब उन्होंने खुद कृषि क्षेत्र में प्राइवेट प्लेयर्स की एंट्री करवाने का मन बनाया था। लेकिन अब जब बीजेपी के शासन में ये कानून बन गया तो वह इसका विरोध करने लगी है। अर्नब गोस्वामी ने कहा कि दरअसल कांग्रेस पार्टी अपना अस्तित्व बचाने के लिए किसानों के साथ खड़ी दिख रही है और उन्हें बहकाने का काम कर रही है।
अर्नब गोस्वामी ने कांग्रेस पार्टी के अलावा उन तमाम विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा जो किसान आंदोलन के समर्थन में हैं। अर्नब ने किसान आंदोलन का साथ दे रहे राजनीतिक दलों के बारे में कहा कि ये लोग अपना वजूद खो चुके हैं इसीलिए इस मामले को लंबा खींच रहे हैं जबकि सरकार की तरफ से साफ कहा गया है कि नए कृषि कानूनों से किसानों को सिर्फ लाभ ही लाभ होगा।
