नए कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले 40 दिनों से किसान दिल्ली के बॉर्डर पर डटे हुए हैं। आंदोलनकारी किसानों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगें मान नहीं लेती तब तक वह पीछे नहीं हटेंगे। दिल्ली बॉर्डर पर धरने पर बैठे किसानों को देश के दूसरे हिस्सों के किसानों का भी समर्थन मिल रहा है।

पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ती ढंड और बारिश से बचने के लिए धरनास्थल पर किसानों के लिए टेंट लगाए गए हैं। तमाम किसान इन्हीं टेंट में रात गुजार रहे हैं। किसानों के लिए सड़कों पर लगे टेंट की तमाम तस्वीरें सोशल मीडिया में वायरल भी है। इन्हीं तस्वीरों में से एक को रिपब्लिक टीवी की एंकर ने ट्वीट किया। ट्वीट कर एंकर ने पूछा कि ये टेंट कहां से आ रहे हैं कोई जवाब?

महिला एंकर के इस ट्वीट पर तमाम सोशल मीडिया यूजर्स ने उन्हें बुरी तरह से ट्रोल किया। ट्रोल करने वाले लिख रहे हैं कि किसानों के टेंट पर सवाल पूछने वाले सरकार से उनकी मौत पर भी एक सवाल पूछते। वहीं ऐसे ही दूसरे यूजर्स ने लिखा कि आपको किसानों के टेंट तो दिख रहे हैं लेकिन उनकी मौत नहीं दिख रही है।

 

कुछ अन्य यूजर्स ने रिपब्लिक टीवी की एंकर को ट्रोल करेत हुए लिखा कि ये अपने आप को पत्रकार समझती हैं। ये वही पत्रकार हैं जिन्होंने रिया चक्रवर्ती की बिल्डिंग के वॉचमैन को टॉर्चर किया था। ऐसे यूजर्स ने उनके कुछ पुराने वीडियोज भी शेयर किये।

ट्रोल करने वाले एक यूजर ने लिखा- लाइव कैमरे में दम तोड़ता बुजुर्ग किसान, मौत ने ऐसा धक्का मारा कि वह लुढ़ककता चला गया l अगर थोड़ा ज़मीर अभी जिंदा हो तो इस पर भी सरकार से सवाल पूछना। SSR कि मौत पर छाती पीटने वालों आज तुम्हारी जुबान क्यों सिली हुई है?

वहीं कुछ यूजर्स रिपब्लिक टीवी एंकर के सपोर्ट में भी ट्वीट करते दिखे। ऐसे यूजर्स ने लिखा कि सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले ये लोग किसान नहीं हैं। कुछ ने लिखा कि जिस तरह से शाहीनबाग में धरने के लिए विदेशों से फंड आ रहे थे उसी तरह इनके लिए भी आ रहे हैं।

बता दें कि पिछले 40 दिनों में अब तक करीब 60 आंदोलनकारी किसानों की मौत हो चुकी है। विरोध प्रदर्शन खत्म कराने के लिए सरकार की तरफ से कई राउंड की बातचीत हुई लेकिन किसी भी मीटिंग में कोई बीच का रास्ता अब तक नहीं निकल पाया है।