नए कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले 40 दिनों से किसान दिल्ली के बॉर्डर पर डटे हुए हैं। आंदोलनकारी किसानों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगें मान नहीं लेती तब तक वह पीछे नहीं हटेंगे। दिल्ली बॉर्डर पर धरने पर बैठे किसानों को देश के दूसरे हिस्सों के किसानों का भी समर्थन मिल रहा है।
पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ती ढंड और बारिश से बचने के लिए धरनास्थल पर किसानों के लिए टेंट लगाए गए हैं। तमाम किसान इन्हीं टेंट में रात गुजार रहे हैं। किसानों के लिए सड़कों पर लगे टेंट की तमाम तस्वीरें सोशल मीडिया में वायरल भी है। इन्हीं तस्वीरों में से एक को रिपब्लिक टीवी की एंकर ने ट्वीट किया। ट्वीट कर एंकर ने पूछा कि ये टेंट कहां से आ रहे हैं कोई जवाब?
ये टेंट कहाँ से आ रहे हैं है कोई जवाब? pic.twitter.com/TOC3Os1Qjs
— Sweta Tripathi (@swetatripathi14) January 3, 2021
महिला एंकर के इस ट्वीट पर तमाम सोशल मीडिया यूजर्स ने उन्हें बुरी तरह से ट्रोल किया। ट्रोल करने वाले लिख रहे हैं कि किसानों के टेंट पर सवाल पूछने वाले सरकार से उनकी मौत पर भी एक सवाल पूछते। वहीं ऐसे ही दूसरे यूजर्स ने लिखा कि आपको किसानों के टेंट तो दिख रहे हैं लेकिन उनकी मौत नहीं दिख रही है।
Tumahre ghar se ya paiso se to nhi aa rhe! Fer itni takleef kyu? Kitney main apna zameer becha Modi ko? Kabhi tent, kabhi pizza. Agar itni hee takleef hai to khud apne ghar par ann paida kro(grow all crops at your home on your own) @UnmatchActivist @SalveenHundal @AntiITcellTask1
— Navpreet Kang (@NavpreetKang1) January 4, 2021
थारी नौकरी से आ नही रहे हैं जो इतना हाजमा खराब होरा छोरी
ये किसान हैं जिनके बेटे फौज में हैं इतनी तो शर्म होगी यहां देश मे इंसान भी रहते हैं सब गोदी मीडिया औऱ उसके मालिक के दलाल नही से धन्यवाद— नम्बरदार जी (@numberdaarji) January 3, 2021
You are blinded by power and ego. You can’t see the martyred dead bodies of around 60 farmers but you can see the tents. First remove the log from your own eyes, then you will be able to see clearly to remove the speck from your brother’s eye. #ModiMurderingFarmers https://t.co/VYr6QX9Jqo
— Blaise D’Souza (@TheSouzaBlaise) January 5, 2021
कुछ अन्य यूजर्स ने रिपब्लिक टीवी की एंकर को ट्रोल करेत हुए लिखा कि ये अपने आप को पत्रकार समझती हैं। ये वही पत्रकार हैं जिन्होंने रिया चक्रवर्ती की बिल्डिंग के वॉचमैन को टॉर्चर किया था। ऐसे यूजर्स ने उनके कुछ पुराने वीडियोज भी शेयर किये।
ये अपने आप को पत्रकार समझती हैं।
ये वही पत्रकार हैं जिन्होंने रिया चक्रवर्ती की बिल्डिंग के वॉचमैन को टॉर्चर किया था।pic.twitter.com/qzHXg4B684 https://t.co/xVY4ujXUDr
— Mohammed Zubair (@zoo_bear) January 5, 2021
ट्रोल करने वाले एक यूजर ने लिखा- लाइव कैमरे में दम तोड़ता बुजुर्ग किसान, मौत ने ऐसा धक्का मारा कि वह लुढ़ककता चला गया l अगर थोड़ा ज़मीर अभी जिंदा हो तो इस पर भी सरकार से सवाल पूछना। SSR कि मौत पर छाती पीटने वालों आज तुम्हारी जुबान क्यों सिली हुई है?
लाइव कैमरे में दम तोड़ता बुजुर्ग किसान, मौत ने ऐसा धक्का मारा कि वह लुढ़ककता चला गया l
अगर थोड़ा ज़मीर अभी जिंदा हो तो इस पर भी सरकार से सवाल पूछना।
SSR कि मौत पर छाती पीटने वालों आज तुम्हारी जुबान क्यों सिली हुई है?#दलाल_मीडिया— मै भी किसान Pramod Pandit (@PramodS73582170) January 3, 2021
वहीं कुछ यूजर्स रिपब्लिक टीवी एंकर के सपोर्ट में भी ट्वीट करते दिखे। ऐसे यूजर्स ने लिखा कि सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले ये लोग किसान नहीं हैं। कुछ ने लिखा कि जिस तरह से शाहीनबाग में धरने के लिए विदेशों से फंड आ रहे थे उसी तरह इनके लिए भी आ रहे हैं।
बता दें कि पिछले 40 दिनों में अब तक करीब 60 आंदोलनकारी किसानों की मौत हो चुकी है। विरोध प्रदर्शन खत्म कराने के लिए सरकार की तरफ से कई राउंड की बातचीत हुई लेकिन किसी भी मीटिंग में कोई बीच का रास्ता अब तक नहीं निकल पाया है।

