ट्विटर पर लोगों की मदद के लिए पहचाने जाने वाली मोदी सरकार में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज पर महिला ने मदद न करने का आरोप लगाया। बैंकॉक में रहने वाली गीतिका अग्रवाल की सास शशि अग्रवाल को इलाज के लिए मेदांता अस्पताल लाया जा रहा था। इस दौरान प्लेन क्रैश हो गया और पायलट की मौत हो गई थी। उन्होंने लिखा- “वह हमारी मदद के लिए मां को एयरलिफ्ट करने आए थे लेकिन आप ने (सुषमा स्वराज) हमारे लिए कुछ नहीं किया।” दरअसल को 6 मार्च को शशि अग्रवाल को बैंकॉक से मेदांता अस्पताल लाया जा रहा था। इस दौरान एयर एंबुलेंस ने आग पकड़ ली और बैंकॉक से करीब 730 किलोमीटर दूर नाखोन पाथोम एयरपोर्ट पर क्रैश लैंडिंग हुई। सुषमा स्वराज ने इस संबंध में ट्वीट भी किया था।
गीतिका, उनके पति रचित और ससुर राकेश शशि को एयरलिफ्ट करने के लिए एक महीने से प्रयास कर रहे थे और वित्तीय मदद के लिए भारतीय दूतावास और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से भी गुहार लगाई थी। गीतिका ने फरवरी में सुषमा स्वराज से मदद की अपील करते हुए ट्वीट किया था लेकिन उनकी ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद परिवार ने ‘मदद’ पोर्टल पर मदद की अपील की। लेकिन इस पर उन्हें सिर्फ एयर एंबुलेंस के खर्च के बारे में बताया गया। गीतिका ने बताया कि वह मरीज को भारत वापस लाना चाहती थी, लेकिन सामान्य फ्लाइट में यह संबंव नहीं था क्योंकि उनको लगातार ऑक्सीजन की जरुरत थी।
https://twitter.com/SushmaSwaraj/status/838790091271106561
https://twitter.com/SushmaSwaraj/status/838790708139962368
https://twitter.com/SushmaSwaraj/status/838791655880716288
गीतिका के पति रचित ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि बैंकॉक से भारत तक का एयर एंबुलेंस का किराया 35 लाख से ज्यादा था, तो हमने मदद के लिए भारतीय दूतावास से संपर्क किया। इसके बाद उन्होंने भारतीय अस्पतालों और गुड़गांव के मेंदाता अस्पताल से संपर्क किया, वो 23 लाख रुपए में एयरलिफ्ट करने के लिए तैयार हो गए। इसके लिए हमने अपने रिश्तेदारों और दोस्तों से पैसे उधार लिए, लेकिन अब हम फिर से वहीं खड़े हो गए हैं जहां से हमने शुरुआत की थी। गीतिका ने कहा कि हमारी मां को वापस घर लाने वाले डॉक्टरों, पायलट और नर्स के लिए खुद को दोषी महसूस कर रहे हैं। यूपी के रामपुर के रहने वाले परिवार ने कहा कि हमें उम्मीद है कि मेंदाता इस समस्या से निकलने के बाद शशि को एयरलिफ्ट करेगा।
रचित ने मंगलवार को सुषमा स्वराज को किए अपने ट्वीट में लिखा- मैडम आप क्यों मरीज के लिए चिंतित नहीं होती हैं? आपका का एक जवाब हमारे के लिए राहत भरा हो सकता है लेकिन इतना भेदभाव क्यों?
why madam you are not concerned for the patient? Your's 1 simple reply may be relaxing for us but why so much differentiation?
— Rachit Agarwal (@rkagarwal030753) March 7, 2017

