दिल्ली की सीबीआई कोर्ट ने गुरुवार (21 दिसंबर) को 1.76 लाख करोड़ रुपये के 2जी घोटाले के सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। मनमोहन सिंह की यूपीए सरकार के समय स्पेक्ट्रम आवंटन में 1.76 लाख करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होने की बात तत्कालीन सीएजी विनोद राय ने उठाई थी। तब विपक्ष ने इसे घोटाला कहा था। इसमें पूर्व दूरसंचार मंत्री ए. राजा और द्रमुक सांसद कनीमोई के अलावा अन्य को भी आरोपी बनाया गया था। आरोपियों के खिलाफ सीबीआई के साथ ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी मामला दर्ज किया था। इस मामले में द्रमुक सांसद कनीमोई के बरी होने के बाद सोशल मीडिया में एक तस्वीर वायरल हो रही है।
सोशल मीडिया पर वायरल इस तस्वीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कनीमोई और उनके भाई स्टालिन नजर आ रहे हैं। इन तस्वीरों को शेयर करते हुए लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साध रहे हैं। लोग 2जी मामले में आरोपियों की पीएम के साथ सेटिंग होने की बातें लिख रहे हैं।
हां G, क्या G, 2G… रहने दो G…सबके प्यारे —- G… pic.twitter.com/4S5O9gUp5k
— Ameeque Jamei अमीक़ जामेई (@ameeque_Jamei) December 21, 2017
सब मिले हुए है जी।#2GScamVerdict #2GScam pic.twitter.com/k5DMv5PC7Y
— Vipin Rathaur (@VipinRathaur) December 21, 2017
— सत्येन बोराडे??? (@satasm) December 21, 2017
Does this image tell the truth? https://t.co/MitBjupEa0
— nikhil wagle (@waglenikhil) December 21, 2017
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आपको बता दें कि इस मामले में फासला सुनाने वाले सीबीआई कोर्ट के विशेष जज ओ पी सैनी ने कहा कि उन्होंने साल 2011 से लगातार सात साल तक बिना छुट्टी लिए इस केस मे सबूत ढूंढा लेकिन सब बेकार गया। उन्होंने कहा कि केस का आधार ही गॉशिप, अफवाह और अटकलों पर आधारित था। 1552 पेज के अपने फैसले में जज सैनी ने लिखा है, “पिछले लगभग सात साल, सभी वर्किंग डेज जिसमें गर्मी की छुट्टी भी शामिल है, मैं लगातार सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक ओपन कोर्ट में बैठकर इंतजार करता रहा ताकि कोई भी मामले से जुड़ा वैध सबूत लाकर दे लेकिन सब बेकार गया।” जज सैनी ने आगे लिखा है, “मामले में एक भी गवाह टर्नअप नहीं हुआ। इसका मतलब साफ था कि सभी लोग अटकलों, अफवाहों और गॉशिप के पीछे भाग रहे थे, जबकि पब्लिक परसेप्शन का कानूनी प्रक्रियाओं में कोई महत्व नहीं होता है।”
