मानस मनोहर

दही वाले भरवा टिंडे
इस मौसम में जो सब्जियां उपलब्ध होती हैं, उनमें टिंडा भी एक है। मगर बच्चे तो टिंडे का नाम सुनते ही नाक-भौं सिकोड़ने लगते हैं। हालांकि टिंडे अगर ठीक से बनाए जाएं, तो इनका स्वाद बहुत मजेदार होता है। टिंडा भी लौकी प्रजाति की ही सब्जी है। कई लोग इसकी सूखी सब्जी बनाते हैं, भुजिया की तरह। कुछ लोग रसेदार बनाते हैं, तो कुछ भरवां बनाते हैं।

भरवां टिंडे का आनंद ही अलग होता है। मगर आमतौर पर भरवां टिंडा बनाते समय लोग उसे बीच से चार हिस्सों में काट कर प्याज-टमाटर से बना मसाला भर देते हैं और फिर उन्हें कड़ाही में ढक्कन लगा कर सिंकने देते हैं। कुछ लोग इसे खोखला करके भरावन भरते और फिर उसी तरह सेंक लेते हैं, जैसे भरवां करेले सेंकते हैं। मगर टिंडे को भरवां और तरीदार बनाएं, तो उसका स्वाद अलग निखर कर आता है। टिंडे की तरी दही में बनाएं, तो स्वाद और बढ़ जाता है। जैसे यखनी लौकी बनाने की विधि पर पहले हमने बात की थी, उसी तरह भरवां टिंडे की तरी भी बनाते हैं।

भरवां टिंडे बनाने के लिए ताजा और मुलायम टिंडे लें। अच्छे टिंडे की पहचान का सबसे आसान तरीका है कि जिस टिंडे के छिलके पर हल्के रोएं होते हैं, वह नरम और बिना बीज का होता है। इसी तरह मध्यम आकार के आठ-दस या अपनी जरूरत भर के टिंडे ले लें। उन्हें धो-पोंछ कर साफ कर लें। इनका छिलका उतारने की जरूरत नहीं। ऊपर से थोड़ा काटें और सावधानी से उनके भीतर का गूदा निकाल कर खोखल कर लें। गूदे को अलग रख दें, भरावन में काम आएंगे।

अब इसकी भरावन तैयार करें। भरावन के लिए एक से दो उबले आलू, करीब डेढ़ सौ ग्राम पनीर, हरा धनिया, हरी मिर्च और अदरक की जरूरत पड़ेगी। कड़ाही में एक चम्मच तेल गरम करें। उसमें जीरा और सौंफ का तड़का लगाएं। फिर उसमें टिंडे के गूदे को पहले छौंकें और धीमी आंच पर चलाते हुए नरम होने तक पकाएं। इसमें आधा छोटा चम्मच नमक, चौथाई चम्मच कुटी लाल मिर्च, चौथाई चम्मच से थोड़ा कम गरम मसाला, चुटकी भर हल्दी पाउडर डालें और अच्छी तरह मिला लें।

अब आलू और पनीर को कद्दूकस करके इसमें डालें और अच्छी तरह चलाते हुए तीन से चार मिनट तक पकाएं, ताकि सब्जियों की नमी पूरी तरह सूख जाए। आंच बंद कर दें। जब भरावन कुछ ठंडी हो जाए, तो उसमें कटा हुआ हरा धनिया, अदरक और हरी मिर्च डाल कर मिलाएं और छोटी-छोटी गोलियां बना कर टिंडों में भर दें।

कड़ाही में दो से तीन चम्मच तेल गरम करें और इसमें सावधानी से टिंडे रख दें। ध्यान रखें कि टिंडे का भरा हुआ हिस्सा ऊपर की तरफ हो। आंच मध्यम कर दें। कड़ाही पर ढक्कन लगाएं और करीब दस मिनट तक पकने दें।

अब इसकी तरी तैयार करें। एक से डेढ़ कटोरी दही लें। उसे अच्छी तरह फेंट लें। उसमें चुटकी भर हल्दी पाउडर, आधा छोटा चम्मच नमक, चौथाई चम्मच कुटी लाल मिर्च, एक चम्मच धनिया पाउडर और दो छोटा चम्मच सौंफ पाउडर डालें और अच्छी तरह मिला कर पांच से सात मिनट के लिए रख दें, ताकि मसाले दही में अच्छी तरह घुल-मिल जाएं। इस तरह पकाते समय दही के फटने की संभावना भी खत्म हो जाएगी।

अब एक कड़ाही या पैन में एक चम्मच तेल गरम करें। उसमें चुटकी भर जीरे का तड़का लगाएं। तड़का तैयार हो जाए, तो आंच बंद कर दें और दही का मिश्रण डाल दें। दो से तीन मिनट तक आंच बंद रखते हुए ही चलाएं और फिर गैस जला दें। चलाते हुए पांच मिनट पकाएं। जब तरी में उबाल आने लगे तो उसमें चौथाई चम्मच देगी मिर्च या कश्मीरी मिर्च का पाउडर डालें और एक उबाल आने के बाद आंच बंद कर दें। तरी तैयार है। अब तक टिंडे भी सिंक गए होंगे। उन्हें अलग कटोरे में निकालें और फिर उनके ऊपर से दही की तरी डालें चाकि सारे टिंडे अच्छी तरह तरी से भीग जाएं। अब हरा धनिया से सजाएं और परोसें।

आम की लौंजी
यह कच्चे आम के व्यंजन बनाने का सबसे उपयुक्त मौसम है। इस मौसम में कच्चे आम खूब मिलते हैं और इनसे कई तरह के व्यंजन बनते हैं। उन व्यंजनों में लौंजी सबसे लोकप्रिय व्यंजन है। लौंजी का खट्टा, मीठा, तीखा, हल्का नमकीन स्वाद हर प्रकार के भोजन के साथ मेल खाता है, इसलिए इसे सब पसंद करते हैं।

लौंजी बनाना बहुत आसान है। इसके लिए न तो अलग से तैयारी करनी पड़ती है और न अलग से सामग्री जुटानी पड़ती है। यह दरअसल, एक प्रकार की मीठी चटनी ही है, पर रसेदार होने की वजह से इसे कई बार सब्जी की जगह भी खाया जा सकता है। परांठे या रोटी के साथ। लौंजी बनाने के लिए तीन-चार कच्चे आम छील कर उसके गूदे को पतले-पतले कतरन में काट लीजिए।

फिर कड़ाही में एक चम्मच घी गरम करें और उसमें साबुत धनिया, जीरा, सौंफ, दो-तीन साबुत लाल मिर्चें और अजवाइन का तड़का लगाएं। तड़का तैयार हो जाए तो आम को छौंक दीजिए और धीमी आंच पर पांच मिनट तक ढंक कर पकने दें। अब उसमें हल्का-सा नमक डालें और आम को थोड़ा और नरम हो जाने तक पकाएं। फिर इसमें चौथाई चम्मच कुटी लाल मिर्च डालें और चला लें। अब इसमें पांच-छह चम्मच चीनी डालें और एक कप पानी डाल कर चला लें। कड़ाही पर ढक्कन लगाएं और लौंजी को थोड़ा गाढ़ा होने तक पकाएं। लौंजी तैयार है।