शायद ही कोई ऐसा हो, जिसे फल पसंद न हों। हां, यह तो हो सकता है कि किसी को कोई फल ज्यादा पसंद होता है और कोई फल कुछ कम। लेकिन, बच्चे, जवान, बूढ़े-सभी फलों के दीवाने होते हैं। हो भी क्यों न, वे होते भी तो हैं पौष्टिक और स्वास्थ्यवर्द्धक। लेकिन क्या आपको पता है कि कौन सा फल कब खाना चाहिए और इनके खाने का उचित समय क्या है? ज्यादातर लोगों को फल खाने का सही तरीका मालूम नहीं होता। अक्सर लोग खाने के तुरंत बाद स्वीट-डिश की तरह इसका इसका भी उपयोग करते हैं, जो कि सही नहीं है। फलों को गलत समय पर खाने से होने वाले लाभ की जगह, शरीर में अपच, तेजाबियत और कब्ज के अलावा दूसरी तमाम समस्याएं भी हो सकती हैं। इसलिए हमें फलों को सही समय और सही तरीके से ही खाना चाहिए। आइए जानें कि किस फल को खाने का सही तरीका क्या है?

सेब
सेब में बहुत काफी पौष्टिक तत्त्व होते हैं। खनिज और विटामिन से भरपूर सेब में फाइबर भी बहुत अधिक मात्रा में होता है और कोलेस्ट्रॉल बिलकुल नहीं होता। सेब को छील कर नहीं खाना चाहिए। जब हम सेब का छिलका निकालते हैं तो छिलके के बिलकुल नीचे रहने वाला विटामिन-सी काफी मात्रा में नष्ट हो जाता है। इसके अलावा सेब को हमें सुबह के समय खाना चाहिए। सेब अगर खाली पेट खाया गया तो आपके शरीर का टॉक्सिक (विष) आसानी से बाहर निकलेगा। ऊर्जा अधिक मिलेगी, शरीर भी छरहरा होगा और स्फूर्ति रहेगी।

संतरा
खट्टे फलों की श्रेणी में आने वाले संतरे में विटामिन सी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। इसके अलावा संतरा विटामिन ए, बी कांप्लेक्स, फ्लेवोनॉयड, अमीनो एसिड, कैल्शियम, आयोडीन, फॉस्फोरस, सोडियम, मंैगनीज जैसे अन्य पोषक तत्वों की खान भी है। लेकिन संतरे को खाते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि सुबह और रात में इसे न खाएं। संतरे को हमेशा दिन के समय में खाएं। साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि इसे हमेशा खाना खाने के एक घंटा पहले या बाद में खाएं। पहले खाने से भूख बढ़ती है और बाद में खाने से भोजन पचाने में मदद मिलती है। संतरा एक मीठी दवा की तरह काम करता है। रोज दो संतरा खाने से जुकाम, कोलेस्ट्रॉल, किडनी में पथरी और कोलन कैंसर जैसी बीमारियों से रक्षा होती है।

आम
आम फलों का राजा कहा जाता है। आम में संतृप्त वसा और सोडियम की मात्रा काफी कम होती है। साथ ही यह आहार संबंधी फाइबर, विटामिन इ-6, विटामिन ए का अच्छा स्रोत माना जाता है। आम खाने के अनेक फायदे हैं। आम में पोटेशियम, मैग्नीशियम और कॉपर जैसे मिनरल लवण भी प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। लेकिन इसके सेवन के समय इस बात का ध्यान रखें कि आम की तासीर गर्म होती है। इसलिए आम के साथ दूध का प्रयोग करना चाहिए। या उसका शेक बनाया जा रहा है तो आम के टुकड़ों में शुगर और थोड़ा-सा दूध मिलाकर पीना लाभदायक होगा।

अंगूर
अंगूर या अंगूर का जूस भी शरीर में पानी की मात्रा बनाए रखने में मदद करता है। अंगूर खाने के बाद तुरंत स्फूर्ति आती है। अंगूर विटामिनों का भी सर्वोत्तम स्रोत है। विटामिन का सेवन खाली पेट ज्यादा लाभदायक होता है इसलिए अंगूर का सेवन सुबह श्रेयस्कर है। इसके अलावा, इसका सेवन धूप में जाने से कुछ देर पहले या धूप से लौटने के कुछ देर बाद भी किया जा सकता है।

मौसंबी
विटामिन सी से भरपूर इस फल से सभी परिचित हैं। मौसंबी ऐसा पौष्टिक फल है जिसका रस आसानी से पच जाता है, इसलिए इसे रोगियों को पीने की सलाह दी जाती है। हरे या हल्के पीले रंग की मौसंबी देखने में संतरे की तरह लगता है। कैल्शियम, फास्फोरस आदि तत्वों से भरपूर यह अत्यंत गुणकारी और हितकारी है। मौसंबी का सेवन दोपहर में करना चाहिए। धूप में जाने से कुछ देर पहले या धूप से आने के कुछ देर बाद मौसंबी खाना या उसका जूस पीना अधिक लाभदायक होता है। इससे शरीर में पानी की मात्रा कम नहीं होती।

नारियल
नारियल को श्रीफल भी कहा जाता है। नारियल में विटामिन, पोटैशियम, फाइबर, कैल्शियम, मैग्नीशियम, विटामिन और खनिज तत्त्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। नारियल कई बीमारियों के इलाज में काम आता है। नारियल में वसा और कॉलेस्ट्रॉल नहीं होता है, इसलिए नारियल मोटापे से भी निजात दिलाने में मदद करता है। वैसे तो नारियल पानी कभी भी पिया जा सकता है, जिन्हें पेट संबंधी समस्याएं हैं, अम्लता या अल्सर की समस्या है उनके लिए यह लाभदायक है। नारियल पानी को खाली पेट नहीं पीना चाहिए।

तरबूज
प्यास बुझाने वाले इस फल में 92 प्रतिशत पानी होता है और तरबूज का सेवन प्रतिरोधी तंत्र के लिए भी अच्छा होता है। ठंडे तरबूज का स्वाद भी अच्छा होता है। तरबूज खाने के बाद एक घंटे तक पानी नहीं पीना चाहिए अन्यता लाभ के स्थान पर शरीर को हानि पहुंच सकती है। वैसे तरबूज ताजा काट कर ही खाना चाहिए, क्योंकि बहुत पहले का कटा तरबूज नुकसान भी पहुंचाता है।