गुदगुदी
थकी थकाई
तितली आई
फूलों पर बैठी सुस्ताई
तभी अचानक झपकी आई
गिरते-गिरते संभली तितली
और हंसी फिर जोर से !
फूलों को गुदगुदी हुई
वे भी हंसे साथ तितली के।
हंसीं हवाएं बादल पंछी पेड़ दिशाएं
सभी हंसे मिल खिलखिल-खिलखिल
हाहाहीही हूहूहोहो हाहाहीहीहूहूहोहो
इतना हंसे इतना हंसे इतना हंसे
कांपी धरती आसमान तक कांपा थरथर
हाहीहू के शोर से!
रंग-ढंग
फूलों का रंग देखा होगा
खुशबू का रंग देखो तो
रंग-रंग से उड़ती खुशबू
उड़ने का ढंग देखो तो!
बादल का रंग देखा होगा
बारिश का रंग देखो तो
रंग-रंग में गिरती बूंदें
गिरने का ढंग देखो तो!
शब्दों का रंग देखा होगा
अर्थों का रंग देखो तो
रंग-रंग की भाषा-बोली
बोली का ढंग देखो तो !
