खुशियां और खास मौके जश्न से ही जंचते हैं, जन्मदिन, सालगिरह, पारिवारिक समारोह हो या फिर तीज-त्योहार, इनकी रौनक अपनों के जमावड़े से ही पूरी होती है। पहले हर छोटे-बड़े समारोह के आयोजन की तैयारियों में घर के हर सदस्य की तैनाती होती थी, भूमिका तजुर्बे और काबिलियत से तय होती थी। लेकिन आज की भागती-दौड़ती जिंदगी में किसी को फुर्सत नहीं, तो यह जिम्मा, समारोह आयोजन करने वाली कंपनियों और एजेंसियों ने उठा लिया है। घर के छोटे-मोटे समारोह और पारिवारिक भेंट आयोजित करने के लिए रेस्तरां, होटल और शॉपिंग मॉल के फूड कोर्ट में भी जगह और मेन्यू आपको आसानी से मिल जाएगा। पार्टी के आयोजन में जल्दबाजी बिल्कुल न करें।
मौके के हिसाब से करें तैयारी
पार्टी का पूरा प्रबंधन और केटरिंग की दिशा मौके से ही तय होगी। जन्मदिन, सालगिरह, त्यंहार या फिर बिजनेस या कॉरपोरेट मीटिंग के हिसाब से ही प्लानर आपको खर्चा बताएगा, क्योंकि हर पार्टी का मेहमान अलग होता है। अगर मौका बच्चे के जन्मदिन का है, तो मेहमानों में बच्चों की गिनती ज्यादा होगी, ऐसे में बड़ों की छंटनी कर सकते हैं। अन्य मौकों पर पूरे परिवार को बुला सकते है, लेकिन बिजनेस पार्टी के बुलावे में खास एहतियात बरतें। बुलावे में मेहमानों को भी साफ बताएं कि पार्टी किस मौके और उद्देश्य के लिए रखी गई है। कहीं ऐसा न हो कि व्यावसायिक भेंट पारिवारिक मुलाकात बन जाए।
बजट पर नजर
सबसे पहले सूची तैयार करें कि आपको कितने लोगों को आमत्रंण देना है? इस बात का भी ध्यान रखें कि आयोजन कितना लंबा होगा, मेहमान कितनी देर तक रुकेंगे। पार्टी का समय जितना लंबा होगा, बिल भी वैसे ही बढ़ेगा। आप आयोजन पर औसतन कितना खर्च करना चाहते हैं और अधिकतम कितना करेंगे, यह पहले ही तय कर लें। क्योंकि अक्सर हम प्लानर से सौदा पहले तय कर लेते हैं और बाद में यह जेब पर भारी पड़ जाता है। प्लानर को पहले ही अपना बजट बताएं, जिससे आपको बेहतर डील तय करने में सहूलियत रहेगी।
जगह का चुनाव
यह थोड़ा भागदौड़ भरा काम है। अगर आप किसी इवेंट मैनजमेंट कंपनी की सेवा नहीं लेना चाहते, तो अलग-अलग रेस्तंरा और होटल में जाकर आपको जगह, सुविधाओं और मेन्यू का मुआयना खुद ही करना पड़ेगा। अगर पार्टी में भीड़ कम होगी, तो आप इस विकल्प को आजमा सकते हैं, लेकिन बड़े आयोजन के लिए समारोह आयोजकों से आपको फायदा मिलेगा, क्योंकि उनके पहले से ही इस क्षेत्र में संपर्क होते हैं, तो वे आपके बजट के हिसाब से आपको सही जगह की सलाह भी देंगे। साथ ही इससे आपका समय और मेहनत दोनों बचेंगे। पार्टी इनडोर होगी या खुले आसमान की छत के नीचे, अपनी इस पसंद को भी तवज्जो दें। अगर लोग ज्यादा हों, मौसम खुशगवार हो तो खुले में पार्टी माहौल को और रंगीन कर देगी। लेकिन पार्टी अगर मानसून में है तो मौसम के बदलते मिजाज का भी खयाल रखें और तैयार रहें।
सजावट आम मौके को भी खास बना देती है। आजकल थीम बेस्ड सजावट खूब चलन में है, यानी मौके और मूड के हिसाब से आपके वैन्यू की खूबसूरती संवारी जाती है। इसके अलावा ऐसा स्थान चुनें, जहां मेहमानों को पहुंचने में दिक्कत न हो। हां, सौदा तय करने से पहले पार्टी वैन्यू के प्रबंधन, साफ-सफाई, सजावट, बैठक प्रबंध, पार्किंग सुविधा और अन्य सुविधाओं को जरूर जांच लें, क्योंकि प्लानिंग कंपनियां भी नियम और शर्तों का बहाना बना कर कई बार ग्राहक को चूना लगा देती हैं और समारोह के समय आयोजक को परेशानी और किरकिरी दोनों झेलनी पड़ती है।
खानपान में क्या, कब परोसें
खाना किसी भी पार्टी या आयोजन का सबसे खास पहलू होता है। स्टाटर्स, स्नैक्स, मेन मेन्यू, और डेजर्ट में वेरायटी के साथ पसंद-नापसंद का भी खयाल जरूर रखें। अगर कार्यक्रम पहले से तय है, तब तो मेन्यू में वहीं मिलेगा, जो आपने आर्डर किया होगा और आर्डर पर आपका पूरा नियंत्रण होगा। कॉरपोरेट मीटिंग है, तो सॉफ्ट के साथ हार्ड ड्रिंक का भी इंतजाम अब एक मजबूरी है। लेकिन अगर खुले फूड कोर्ट या रेस्तरां में बिना आयोजन का न्योता है, तो फिर वेरायटी पर थोड़ा नियंत्रण ही सही रहेगा। कांबो पैक और डिस्काउंट ऑफर्स में से भी चुनाव कर सकते हैं। हरेक की पसंद का आर्डर देने से बचें और एक निर्धारित मेन्यू ही फॉलो करें, तो किफायती होगा। बच्चे खाने को लेकर ज्यादा चटोरे होते हैं, उनकी पसंद का खाना और फास्ट फूड भी सूची में रखें। नहीं तो बच्चों के पिचके हुए मुंह आपको भी नहीं सुहाएंगे। यानी खानपान में थोड़ा ही सही, लेकिन हर किसी के मुताबिक कुछ न कुछ जरूर रखें।
मनोरंजन का भी रखें इंतजाम
पार्टी या समारोह का आयोजन हम अपनों के साथ खुशनुमा लम्हों को जीने और समेटने की चाहत से करते है। लेकिन आप सारे मेहमानों के साथ न तो समय गुजार सकते हैं और न ही खुद उनका मनोरंजन कर सकते हैं, ऐसे में मनोरंजन के लिए नाच-गाने, संगीत का इंतजाम रखें। बच्चों के लिए प्लानर आजकल खूब सारी एक्टिविटीज और खेलों की तैयारी रखते है। बच्चों और बड़ों के अलग-अलग व्यस्त रखने का प्रबंध करें, ताकि सभी कार्यक्रम का मजा उठा सकें। गाने-बजाने में समय सीमा का भी ध्यान रखें और अपने प्लानर से पहले ही पता कर लें कि उसके पास ऐसे संगीत कार्यक्रम आयोजित करने का लाइसेंस है या नहीं।
आयोजन से पहले की तैयारी
आमंत्रण और बाकी इंतजाम निपटाने के बाद पार्टी से ठीक पहले सजावट और दूसरे बंदोबस्त चेक कर लें। प्लानर से संपर्क में रहें। उसके कर्मचारियों से भी एक बार जरूर मिल लें। मेहमानों को सीधे वैन्यू पर ही बुलाएं, बुलावा देते समय ही इस बात को साफ कर लें कि सभी लोग समय पर और सही जगह पर पहुंच जाएं।
बाकी तैयारियां तो किसी भी आयोजन के आखिरी समय तक होती ही रहती हैं। घर से बाहर पार्टी आयोजित करने का मकसद और फायदा यही होता है कि आप पर काम का बोझ न पड़े, इससे समय, मेहनत और मेहमानों को खिलाने और लुभाने की सरदर्दी से आप आसानी से बच जाते हैं। सबसे खास बात कि पार्टी के बाद घर आकर, आपको घर साफ-सुथरा मिलता है। पार्टी भले आपको अचानक देनी हो, लेकिन तैयारी पहले से करनी ही मुनासिब होगी। इन मामूली-सी नजर आने वाली तैयारियों से आप अपने आयोजन को मजेदार और यादगार बना सकते हैं।

