
यह देख कर प्रिंसिपल बोलीं, ‘बेटा, ईमानदारी की दुकान में आप सभी दुकानदार थे और सभी खरीदार। अगर खरीदी गई…

यह देख कर प्रिंसिपल बोलीं, ‘बेटा, ईमानदारी की दुकान में आप सभी दुकानदार थे और सभी खरीदार। अगर खरीदी गई…

आजकल इन दोनों का मिलान यानी ‘इंडो-वेस्टर्न लुक’ अधिक लुभा रहा है। यही वजह है कि भारतीय महिलाओं और लड़कियों…

यह संरचनात्मक रूप से जटिल विटामिन है। इसकी कमी को पूरा करने के लिए विटामिन बी-12 से युक्त आहार ग्रहण…

लगातार नरम और मुलायम भोजन करने से उनका पाचन तंत्र प्रभावित हो रहा है। ऐसे में मोटे अनाज और दालों…

ईश्वर चंद्र विद्यासागर ने जुलाई 1856 में हिंदू विधवा-पुनर्विवाह का कानून पारित करवाया था। खुद विद्यासागर ने अपने बेटे का…

अपने यहां औरतें गाली देती रही हैं, मगर वे नहीं जो इन दिनों अपने को पढ़ी-लिखी और सशक्त कहने वाली…

स्त्रियों ने हमेशा से सामाजिक विडंबनाओं, राजनीतिक-आर्थिक मसलों, प्रकृति, प्रेम, भाषा और कविता आदि के सवालों पर गंभीरता से विचार…

नितिन उसके पास बैठकर बोलता जा रहा था, ‘प्रिया हम आज तक केवल लड़ते आए हैं। अब समय लड़ाई से…

‘नवजीवन’ (गुजराती) में उनके छपे लेख का यह अंश द्रष्टव्य है- ‘मैंने कई लोगों से कई बार जयदेव कृत ‘गीत…

15 जून, 1932 को भारती नाम की एक लड़की को लिखे पत्र में उन्होंने दो-टूक शब्दों में समझाया था- ‘कला…

सत्याग्रह में गांधीजी विरोधी पक्ष से कोई बात छिपाते नहीं थे, न ही झूठा वादा करते थे। वे कब कानून…

राजेंद्र चुघ का कवि नितांत अपनी अनुभूतियों के महल सृजित करने वाला नहीं है। उनकी हर कविता अनुभवात्मक संवेदना की…