
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय पिछले तीन हफ्ते से न केवल देश, बल्कि दुनिया भर में अचानक सुर्खियों में आ गया है।…

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय पिछले तीन हफ्ते से न केवल देश, बल्कि दुनिया भर में अचानक सुर्खियों में आ गया है।…

कमल कुमार मैं इस देश की एक आम नागरिक हूं। साधारण जीवन जीती हूं। जनेवि में जो आतंकवाद और अलगाववाद…

उच्चस्तरीय शिक्षा-दीक्षा, खुलेपन, तार्किकता और बेबाकियत के लिए मशहूर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय कुछ दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं की वजह से अचानक सुर्खियों…

सभी चखना चाहते हैं अमृत यहां विष को कोई नहीं नाग भी चखता नहीं है विष पीकर दूध का कटोरा…

भारतीय ज्ञानगंगा में कश्मीर का स्थान काशी जैसा है, लेकिन मध्यकालीन विकृति ने कश्मीरियत की पहचान को संकीर्ण कर दिया।…

पीपल चैंरी पर सघन हरी पत्तियों की छाया में उसके पांवो के निशान थे, मोटा पौड़ी से आनन फानन में…

एक गजलकार ने पूरी मशक्कत के बाद खतरा उठा कर परिणाम घोषित कर ही दिया। उसके अनुसार कल चौदहवीं की…

आंकड़ों के मुताबिक देश में हर पंद्रह सेकेंड में कोई न कोई अपराध जरूर घटित होता है। इसमें बलात्कार, दहेज-हत्या…

आजादी के कितने ही साल बीत गए। जाने कितनी सरकारे आर्इं और गर्इं, पर कोई भी किसानों की हालत में…

देश में कारोबार और राजनीति जैसे पेशों में महिलाओं की उपस्थिति से जुड़ा यह एक बड़ा सच है कि उनका…

साल 2013 में शुरू हुआ ‘कसा मुक्था बंगलुरु’ यानी कचरा मुक्त बंगलुरु का अभियान असफल साबित हुआ।

स्पेनिश नाटक ‘समव्येहर इन किखोते’ विशेष रूप से अपनी प्रकाश परिकल्पना के लिए याद रखा जाएगा। प्रकाश परिकल्पना के लिए…