
अकसर ढूंढने चलती हूं कोई चीज उसकी जगह मिल जाता है कुछ और आज अचानक हटाया मेज पर से कोई…

अकसर ढूंढने चलती हूं कोई चीज उसकी जगह मिल जाता है कुछ और आज अचानक हटाया मेज पर से कोई…

किसी को किसी पर, यकीन ही नहीं, अजीब सी हो, चली है यह दुनिया, शब्दों की दुनिया, संवेदनाओं की दुनिया

वैसे तो प्रेम की अभिव्यक्ति कमोबेश भक्तिकाल के सभी कवियों के यहां मिल जाती है, लेकिन सूफियों के यहां इस…

वह कॉलेज में थी तब कुछ रूमानी-सी कहानियां लिखी थी। और पिता के साधनों से एक छोटी-सी पुस्तिका भी छपा…

भ्रूण हत्या को लेकर लंबे समय से भारत में बहस जारी है। सरकार ने इस अपराध को रोकने को लेकर…

एकल परिवारों के इस दौर में मासूम बच्चे कार्टून चरित्रों के मोहजाल में फंसकर रह गए हैं। स्कूल के अलावा…

भारत में पानी को लेकर दोहरी समस्याएं हैं। कुछ क्षेत्र हैं जो सैलाब से परेशान रहते हैं तो कुछ सूखे…

मायानगरी तक के सफर में शकील बदायूंनी को जिस शायरी से मशहूरियत मिली, उसकी शुरुआत बदायूं से हुई थी।

बारिश की रिमझिम फुहारें सावन के आने का संकेत दे रही थीं। राखी का त्योहार आने में कुछ ही दिन…

उमेश प्रसाद सिंह कविता में अर्थ-निष्पादन की कोई एक ही चिराचरित प्रणाली नहीं है। अर्थ-व्यंजना की अनगिनत प्रणालियां हैं, जिनका…

सुबह अखबार आते, तो उनमें रंग-बिरंगे, छोटे-बड़े पैंफलेट्स निकलते और बच्चे उन्हें लूटने के लिए झपट पड़ते।

भारत जैसे विशाल देश में जिस पैमाने पर रक्त की जरूरत है, उसके मुकाबले काफी कम रक्त उपलब्ध है।