रावेंद्र कुमार रवि

कविता: नाम बताकर कर लो मिल्ली

एक मटर की फली हरी,
उसमें रहती एक परी!

परी अभी यह नन्ही-सी है,
पंख नहीं हैं इसके आए!
दाने खाती हरे-हरे,
मीठे रस से भरे-भरे!
सोच रही, ‘क्या और मिलेंगी,
फलियां इतनी स्वाद-भरी!’

कुछ दिन बाद बने जब प्यूपा,
तब यह कुछ भी ना खा पाए!
तब झूमे लटकी-लटकी,
नहीं फिरे भटकी-भटकी!
सोच रही, ‘निकलूं प्यूपा से,
दुनिया देखूं रंग-भरी!’

ज्यों ही यह प्यूपा से निकले,
पहले अपने पंख सुखाए!
तितली बन फिर उड़ी-उड़ी,
सूंड़ संभाले मुड़ी-मुड़ी!
सोच रही, ‘कोई भी मेरा,
नाम बताकर कहे परी!’

शब्द-भेद: कुछ शब्द एक जैसे लगते हैं। इस तरह उन्हें लिखने में अक्सर गड़बड़ी हो जाती है। इससे बचने के लिए आइए उनके अर्थ जानते हुए उनका अंतर समझते हैं।

ओट / वोट: जब हम किसी चीज की आड़ लेते हैं या किसी चीज के पीछे छिपने का प्रयास करते हैं, तो उसे ओट कहते हैं। जैसे वह दरवाजे की ओट में खड़ी थी। जबकि वोट अंगरेजी का शब्द है, जिसका अर्थ है मतदान।

आहट / आहत: जब किसी के चलने की धीमी-धीमी आवाज आती है, तो उसे आहट कहते हैं। जैसे उसके आने की आहट मुझे मिल गई थी। जबकि आहत का अर्थ होता है, चोट खाना, दुखी होना, पीड़ा पाना।