गुडविन मसीह
गौरेया
गौरेया प्यारी गौरेया
रूठी रूठी क्यों रहती हो
आकर बैठो पास हमारे
धूप तपिश तुम क्यों सहती हो।
ऐसे तुम क्यों हांफ रही हो
कुछ भूखी प्यासी लगती हो
आकर खा लो दाना पानी
खाली पेट क्यों फिरती हो।
खिड़की से अंदर आ जाओ
मुझसे इतना क्यों डरती हो
अंदर तुम आराम से रहना
बाहर लू में क्यों फिरती हो।
मिलजुल कर हम साथ रहेंगे।
शब्द-भेद
कुछ शब्द एक जैसे लगते हैं। इस तरह उन्हें लिखने में अक्सर गड़बड़ी हो जाती है। इससे बचने के लिए आइए उनके अर्थ जानते हुए उनका अंतर समझते हैं।
लुटना / लूटना
ये दोनों क्रियापद हैं। जब कोई व्यक्ति अपनी कोई चीज लुटा बैठे, तो उसे लुटना कहते हैं। वह लुट गया। मगर जब कोई व्यक्ति जबरन या डरा-धमका कर किसी का कोई सामान ले ले तो उसे लूटना कहते हैं।
लेटना / लोटना
ये दोनों शब्द भी क्रियापद हैं। जब कोई व्यक्ति आराम करने के लिए बिस्तर पर सोए, पर नींद के लिए न सोए, तो उसे लेटना कहते हैं, जबकि लोटना का अर्थ होता है, जमीन पर या कीचड़ आदि में लेट कर हिलना-डुलना, हाथ-पांव हिलाना, छटपटाना आदि।

