मानस मनोहर
दालों की नमकीन
नमकीन कई प्रकार की दालों से बनती है। उनमें मूंग, मोठ, चना दाल, साबुत मूंग, मसूर आदि शामिल हैं। दालों की नमकीन बनाने के लिए पहले दालों को भिगोना होता है। मूंग की दाल चूंकि सभी दालों में कोमल होती है, इसलिए जब भी बिना छिलके वाली मूंग दाल की नमकीन बनानी हो तो उसे एक घंटे से अधिक न भिगोएं। एक घंटे बाद उसका पानी निथार लें और कपड़े पर रख कर पानी सुखा लें। अब कड़ाही में भरपूर तेल गरम करें। तेल रिफाइंड, अलसी या तिल का लें तो नमकीन के लिए बेहतर रहता है। सरसों तेल में झांस होती है, जिससे नमकीन का स्वाद बिगड़ सकता है। जब तेल गरम हो जाए तो आंच थोड़ी कम कर दीजिए और उसमें भीगी हुई मूंग की दाल डाल दीजिए। दो से ढाई मिनट में दाल पक कर तेल में तैरने लगेगी। उसे फटाफट छान कर निकाल लें। ज्यादा देर तलने से नमकीन का रंग बादामी हो जाएगा और खाने में कड़ा होगा। इसलिए उतनी ही देर तलें, जितने में उसका पानी सूख जाए। मूंग की दाल कोमल होती है, इसलिए उसे ज्यादा देर तक तलना ठीक नहीं होता। अब इस तली हुई दाल में गरम रहते ही ऊपर से जरूरत भर का नमक डालें। चाहें तो काली मिर्च पाउडर भी डाल सकते हैं। चम्मच की मदद से उलटते-पलटते हुए नमक और मिर्च को नमकीन में मिला लीजिए। मूंग दाल की नमकीन तैयार है।

चना दाल नमकीन
चना दाल की नमकीन को बेसन की मोटी सेव के साथ मिला कर या फिर वैसे ही खाने में बहुत स्वाद आता है। कई जगह लोग इसे नाश्ते के तौर पर खाते हैं। इसमें बारीक कटा प्याज, हरी मिर्च और हरा धनिया डाल कर चाट मसाले के साथ मिला कर स्वादिष्ट नाश्ता बन जाता है। इसलिए चना दाल की नमकीन बना कर रख लें और जब भी चाय के साथ खाना हो आनंद लीजिए। बच्चों को हल्की-फुल्की भूख में इसे खाने को दिया जाता है। मूंग दाल नमकीन की तरह चना दाल की नमकीन बनाना भी बहुत आसान है। पर चना दाल थोड़ी सख्त होती है, इसलिए उसे कम से कम चार घंटे भिगो कर रखें। इससे दाल पूरी तरह नरम हो जाती है। नमकीन बनाने के लिए दाल का भीग कर नरम होना जरूरी है। फिर छान कर उसी तरह कपड़े पर पानी सुखा लें, जैसे मंूग दाल के लिए किया था। अब कड़ाही में भरपूर तेल गरम करें। उसमें दाल को डालें और आंच को मध्यम कर दें। दाल की नमकीन बनाने के लिए आंच का ध्यान रखना जरूरी होता है। अगर आंच ज्यादा तेज होगी, तो नमकीन का रंग बदल जाएगा और बीच का हिस्सा ठीक से नहीं पकेका। अगर आंच कम होगी, तो नमकीन पकने में समय लेगी और सख्त हो जाएगी। इसलिए पहले तेल को ठीक से गरम हो जाने दें, फिर आंच को मध्यम कर दें। चने की दाल जब पक कर ऊपर तैरने लगे तो छान कर निकाल लें। चना दाल की नमकीन थोड़ी चरपरी अच्छी लगती है, इसलिए इसमें नमक के साथ बारीक पिसी लाल मिर्च और काली मिर्च का पाउडर भी डाला जाता है। तली हुई दाल में गरम रहते ही नमक और मिर्च पाउडर डालें और चम्मच की मदद से ठीक से मिला लें। चना दाल नमकीन तैयार है।
अन्य दालें : इसी तरह छिलके वाली मोठ, मसूर और मूंग की भी नमकीन बनाई जाती है। इन दालों को रात भर भिगो कर रखें। फिर निथार कर कपड़े पर सुखा लें और गरम तेल में डाल कर तल लें। ऊपर से नमक और मिर्च पाउडर डाल कर मिला लें।

मसाला मूंगफली
मसाला मूंगफली भी लोकप्रिय नमकीन है। चाय के साथ या स्नेक्स के तौर पर मसाला मूंगफली काफी पसंद की जाती है। इसे घर में आसानी से बनाया जा सकता है। मसाला मूंगफली बनाने के लिए मूंगफली को बेसन के घोल में लपेटा जाता है। इसलिए इसके लिए पहले बेसन का गाढ़ा घोल तैयार करें। उसमें लाल मिर्च और काली मिर्च का पाउडर, हींग, हल्दी पाउडर और नमक डालें। ध्यान रखें कि घोल ऐसा होना चाहिए, जो मूंगफली के दानों पर अच्छी तरह चिपक जाए। एक कड़ाही में भरपूर तेल गरम करें। तेल गरम हो जाए तो आंच को मध्यम कर दें। अब बेसन के घोल में मूंगफली के कच्चे दाने डालें और ठीक से उन पर बेसन की परत चढ़ा लें। हाथ से उठाते हुए मूंगफली के दानों को कड़ाही में इस तरह डालें कि सारे दाने अलग-अलग गिरें। अगर कुछ दाने आपस में चिपक रहे हों, तो उन्हें सावधानी से अलग कर दें। जब पक कर दाने ऊपर तैरने लगें और बेसन का रंग सुनहरा हो जाए तो समझें नमकीन तैयार है। उसे बाहर निकाल लें और उनके गरम रहते ही उस पर चाट मसाला बुरक कर ठीक से मिला लें। मसाला मूंगफली तैयार है।

