अक्सर हाथ, पैर, गर्दन या कंधे की मांसपेशियों में होने वाले दर्द को हम नजरअंदाज कर देते हैं। कभी हाथ से रगड़ कर दर्द को खत्म करने का प्रयास करते हैं, तो कभी घर में रखी दर्द निवारक दवा खाकर दर्द से छुटकारा पा लेते हैं। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम सेहत की तरफ ध्यान नहीं दे पाते हैं। खासकर मांसपेशियों के दर्द को हल्का-फुल्का दर्द समझ कर ध्यान नहीं देते। लेकिन कई बार यह दर्द असहनीय हो जाता है। ऐसे में डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। मांसपेशियों के दर्द को मायलजिया कहते हैं। यह दर्द कई वजहों से होता है। इनमें से कुछ खास वजहें हैं–
पानी की कमी
पानी की कमी शरीर में कई रोगों को जन्म देती है। यह सिर्फ शरीर को निर्जलीकृत यानी डीहाईड्रेट ही नहीं करती, बल्कि कई रोगों को आमंत्रित करती है। मांसपेशियों में दर्द पानी की कमी की वजह से भी होता है।
रक्त संचार का बिगड़ना
जब शरीर में रक्त का बहाव ठीक से नहीं होता, रक्त का बहाव बिगड़ने लगता है तो मांसपेशियों का दर्द लंबे समय तक चल सकता है। खून का सही बहाव न होना भी मांसपेशियों में दर्द की वजह है। शरीर में रक्त प्रवाह बाधित होने की कई वजहें हो सकती हैं।
कैल्शियम की कमी
कैल्शियम की कमी से खून में आक्सीजन की मात्रा भी कम होने लगती है। तब शरीर हड््िडयों से कैल्शियम सोखना शुरू कर देता है। इस तरह हड््िडयां कमजोर होती हैं। जब हड््िडयां कमजोर होती हैं तो मांसपेशियों में खिंचाव बढ़ता है जिस वजह से उनमें दर्द होना शुरू होता है।
इंसुलिन का स्तर
मांसपेशियों में दर्द की एक वजह इंसुलिन के स्तर का बिगड़ना भी है। इसकी वजह से व्यक्ति डायबिटिक यानी मधुमेह का शिकार हो जाता है। इस स्थिति में मांसपेशियों में दर्द होना सामान्य बात है।
चोट लगना
जब शरीर के किसी हिस्से में चोट लग जाती है या घाव हो जाता है तब भी मांसपेशियों में लंबे समय तक दर्द होता है।
लक्षण
उठने बैठने में दिक्कत: मांसपेशियों में दर्द के कारण अक्सर उठने-बैठने में दिक्कत हो जाती है। अगर आपको भी ऐसे ही संकेत मिल रहे हैं, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
शरीर में अकड़न : काम के बाद ज्यादा थकान और शरीर में अकड़न महसूस हो तो यह भी मांसपेशियों के दर्द का लक्षण बन सकता है। कभी-कभी अकड़न होना थकान की वजह हो सकती है, लेकिन अगर यह लगातार रहता है तो मायलजिया के लक्षण हैं।
नींद न आना : मांसपेशियों में दर्द का सबसे प्रमुख लक्षण है नींद आना। अगर आपको रोजाना नींद नहीं आ रही है, तो यह ठीक स्थिति नहीं है।
कमजोरी होना : वैसे तो शरीर में कमजोरी कई वजहों से होती है, लेकिन यह मांसपेशियों में दर्द का भी लक्षण है।
बचाव – मांसपेशियों में दर्द से आप कई तरह से छुटकारा पा सकते हैं।
मांसपेशियों को खींचें : जब भी आप व्यायाम करने जाएं, तो उससे पहले मांसपेशियों को अच्छे से खींचें यानी स्ट्रेच करें। इसके अलावा व्यायाम करने से पहले खुद को वार्मअप करें।
सिकाई करें : दर्द होने पर गरम या ठंडे पानी से सिकाई करें। सिकाई करने के लिए बर्फ का एक टुकड़ा साफ कपड़े में लेकर दर्द वाली जगह पर रखें और कुछ समय तक उसे ऐसे ही लगाते और हटाते रहें। इससे आपको आराम मिलेगा।
अदरक है फायदेमंद : मांसपेशियों के दर्द में अगर आप कच्ची या पकी हुई अदरक खाते हैं तो यह आपके दर्द के लिए बहुत फायदेमंद हो सकती है। अदरक वैसे भी सूजन के लिए फायदेमंद होती है।
खूब पानी पीएं : दिन में कम से कम दो लीटर पानी पीएं। शरीर में पानी की कमी न होने दें। पानी शरीर को कई रोगों से दूर रखता है।
सावधानियां
मांसपेशियों में दर्द वाले मरीज को ऐसी गतिविधियां नहीं करनी चाहिए, जिनमें अधिक ऊर्जा की जरूरत होती है। ऐसी गतिविधियां कम करनी चाहिए, जो उच्च प्रभाव की हों।
योग करने से आपका तनाव कम होता है। आपका मन शांत रहता है। इसलिए मांसपेश्यिों के दर्द वाले मरीज को योग जरूर करना चाहिए।
मांसपेशियों में दर्द होने पर भारी सामान कम उठाएं।
खानपान पर ध्यान दें। पत्तेदार सब्जियां, पानी वाले और खट्टे फल का इस्तेमाल अधिक करें।

