वंदना सिंह
फैशन का भाव जहन में आते ही ज्यादातर लोग उसे पश्चिमी परिधानों, मेकअप आदि से जोड़ते हैं, बिना यह जाने कि मेरे व्यक्तित्व पर क्या फबेगा। नए फैशन को अपनाने की जिद करते हैं। फैशन रुझानों के बारे में खुद को अद्यतन रखना फिल्मी सितारों, मॉडल्स आदि के लिए जरूरी है, पर हम सभी वर्गों की बात करें तो हर व्यक्ति को उसके रंग-रूप के आधार पर अपने कपड़े, ज्वैलरी और फुटवियर चुनने चाहिए, क्योंकि जरूरी नहीं कि लेटेस्ट फैश्न की हर चीज आपकी पर्सनैलिटी को सूट करे। फैशन को अपनाने से पूर्व, हमें अपनी उम्र, पेशा और स्थान का ध्यान रखना चाहिए। आइए जानने की कोशिश करते हैं कि किसी भी फैशन रुझान को अपनाने से पहले हमें क्या सावधानियां बरतनी चाहिए।
फैशन हो ऐसा जिससे निखरे व्यक्तित्व
आजकल का फैशन वह हर चीज चलन में ले आया है, जिससे सबको अलग दिखने का पूरा स्कोप मिलता है। मसलन, आप अपने व्यक्तित्व को अपने हिसाब से निखार सकते हैं, क्योंकि मनुष्य का व्यक्तिव ही उसके स्वभाव का आईना होता है। अगर आप स्वभाव से नम्र, शांत और मृदुभाषी हैं, तो आपको हल्के रंगों के परिधानों का चयन करना चाहिए, न कि दूसरों के कहने पर या देखादेखाी गहरे और भड़कीले रंगों का। इसके अलावा अपने काम, अपने प्रोफेशन को भी ध्यान में रखना चाहिए। आप कॉरपोरेट जगत में हैं, अध्यापक हैं, हाउस वाइफ या कुछ और, सजने-संवरने और अच्छा दिखने का अधिकार सबको है।
अपनी जड़ों से जोड़ता है फैशन
भारतीय संस्कृति, भारतीय परिधान विश्व में अपनी उत्कृष्टता के लिए जाने जाते हैं और इसी लिए हमारे फैशन में हमारी जड़ों की खुशबू आना स्वाभाविक है, फिर चाहे वह सूती कपड़ों के बेहद खुबसूरत होने के साथ-साथ आरामदायक कुर्ते हों या फिर पारंपरिक और क्लासी लुक देने वाली सिल्क की साड़ियां, हर परिधान की अपनी अलग एक खास पहचान है और साथ ही हर किसी पर फबते हैं। सदाबहार फैशन में रहने वाले लखनवी चिकन के कुर्ते, बनारसी सिल्क और कांजीवरम की साड़ियों के तो क्या कहने। भारतीय परिधान न सिर्फ भारत में, बल्कि पूरी दुनिया में अपनी अलग पहचान छोड़ते हैं। पंजाबी जूतियां, राजस्थानी सूट और घाघरे, पटियाला सलवार, कश्मीरी सूट और शालें सबका मन मोह लेते हैं। फैशन की अंधी दौड़ में, विदेशी परिधान युवाओं को अपनी गिरफ्त में ले रहे हैं। विदेशी ब्रांड के कपड़े काफी महंगे होते हैं, लेकिन फिर भी लोग खुद की एक ब्रांडेड पहचान बनाने के लिए खरीदते और पहनते हैं, फिर चाहे इसका सीधा असर आपकी जेब पर ही क्यों न पड़ता हो। भारतीय परिधान सस्ते होते हैं और साथ ही हम पर जंचते भी हैं।
फैशन वही जो बढ़ाए आत्मविश्वास
फैशन डिजाइनिंग के क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास के चलते, हर रोज एक नया फैशन चलन में आ जाता है। लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि हम हर एक चलन को आजमाएं। अगर हम पेंसिल हील फुटवियर की बात करें तो हमें अपनी जरूरत और ाराम को ध्यान में रखते हुए ही उनका चयन करना चाहिए। हील पहनने का शौक हो लेकिन आरामदेह न हो, तो प्लेटफॉर्म हील वाले फुटवियर पहने जा सकते हैं, जो दिखने में भी स्मार्ट भी लगते हैं और साथ ही आरामदायक भी होते हैं। रोजमर्रा इस्तेमाल के लिए और यहां तक कि पार्टियों के लिए भी फ्लैट चप्पलें एक से बढ़ कर एक खूबसूरत, बाजार में उपलब्ध हैं। हमारे चलने के तरीके से हमारा आत्मविश्वास झलकता है, इसलिए हमारे फुटवियर का आरामदायक होना बेहद जरूरी है।
इसी तर्ज पर अगर हम फैशनपरस्त शॉर्ट ड्रेस की बात करें तो उनको पहनते वक्त इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि आप वह ड्रेस किस जगह और किस मौके पर पहन रहे हैं। अगर आप अपनी गाड़ी रखती हैं और जिस समाज में आप उठती-बैठती हैं उसका नैतिक स्तर सुदृढ़ है, तो कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन इसके विपरीत अगर आप सार्वजनिक परिवहन में सफर करती हैं तो आपको ध्यान रखना होगा, हर तरह के लोगों से आपका सामना होगा, यह आपको खुद ही तय करना होगा कि आपका आत्मविश्वास आपका कितना साथ देगा। पुरानी कहावत है जैसा देस, वैसा भेस। रोजमर्रा की जिंदगी में मेकअप भी हल्का और क्लासी होना चाहिए। आजकल न्यूड मेकअप ट्रेंड में है जो कामकाजी महिलाओं के लिए उपयुक्त मेकअप हो सकता है। जिससे आपकी सुंदरता भी बढ़े और आत्मविश्वास भी बना रहे।
फैशन के चलन से बिठाएं सामंजस्य
परिवर्तन प्रकृति कर नियम है। फैशन में समय के साथ बदलाव आते रहते हैं, परंतु इसका मतलब यह नहीं कि हर फैशन ट्रेंड को अपनाना हर किसी के लिए जरूरी है। हममें से हर कोई एक-दूसरे से भिन्न होता है। हर एक का अपना बॉडी टाइप, रंग-रूप और दृष्टिकोण होता है और साथ ही परवरिश और सोच भी सर्वथा भिन्न होती है जिसका असर हमारे व्यक्तित्व पर होता है। जरूरी नहीं, जो पहनावा आपकी दोस्त पर फब रहा हो वह आप पर भी फबे या जो किसी फिल्म स्टार ने पहना हो वह आप पर भी अच्छा लगे। इस सोच से बाहर निकल कर अपने लिए सही फैशन चुनना ही समझदारी होगी।
अपनी पसंद और व्यक्तित्व के अनुसार, इंडो-वेस्टर्न परिधानों का चयन भी किया जा सकता है, जो कि आलकल काफी चलन में भी हैं। यह भी याद रखना जरूरी है कि फैशन ट्रेंड सिर्फ कपड़ों पर लागू नहीं होते, बल्कि रंगों, फैब्रिक, फुटवियर, हेयर स्टाइल, हेयर कलर, ज्वैलरी, हैंड बैग, मेकअप सभी उसका हिस्सा होते हैं। कपड़ों के साथ इन सब चीजों का सही चयन भी उतना ही महत्त्वपूर्ण है। कटु सत्य है फैशन हमारी जेब पर खासा दबाव बनाता जा रहा है। हर साल-छह महीने में फैशन ट्रेंड्स बदल जाते हैं। मध्यम श्रेणी के लोग अपनी आय का एक बड़ा हिस्सा फैशन की बलि चढ़ा देते हैं। ऐसे में हमें नए फैशन के साथ सामंजस्य बिठाना बेहद जरूरी है। अपने पुराने को नए फैशन के अनुसार मॉडिफाई करके पहनने का भी एक विकल्प है, जिसको समझदारी के साथ अपनाया जा सकता है।
