लौकी यखनी
लौकी या घीया हर कहीं आसानी से उपलब्ध हो जाने वाली सब्जी है। इसमें विटामिन ए, सी, कैल्शियम, आयरन, पोटैशियम, मैग्नीशियम और जिंक पाया जाता है। इस तरह यह पोषक तत्त्वों से भरपूर है। यह पचने में आसान तो है ही, कई रोगों से दूर भी रखती है। इसे खाने से वजन तेजी से घटता है। इसमें मौजूद प्राकृतिक जल चेहरे पर निखार लाता है। मधुमेह रोगियों के लिए यह किसी औषधि से कम नहीं है। पाचन तंत्र को दुरुस्त करती है और एसिडिटी, गैस जैसी समस्याओं को दूर करती है।
मगर कई लोग लौकी खाना पसंद नहीं करते। उनके लिए पेश है- लौकी से बनने वाली स्वादिष्ट यखनी।लौकी यखनी बनाने के लिए एक मध्यम आकार की लंबी लौकी लें। थोड़ा-सा मैदा, दो कप गाढ़ा दही, दो चम्मच सौंप पाउडर, आधा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, साबुत जीरा, साबुत धनिया, दो-तीन हरी छोटी इलाइची, चार-छह दाने काली मिर्च और गार्निश करने के लिए हरी मिर्चें और हरा धनिया पत्ता। तलने के लिए थोड़ा-सा रिफाइंड तेल या देसी घी। वैसे घीया और घी का मेल अच्छा रहता है।
विधि:
लौकी को छील कर पतले आकार में गोल-गोल काट लें। उन टुकड़ों में से बीज और गूदे वाला हिस्सा निकाल लें। इस तरह आपके पास लौकी के छल्ले तैयार हो जाएंगे। अगर बीज नरम हैं, तो टुकड़ों को गूदा समेत भी रख सकते हैं। इन टुकड़ों को काटने के साथ ही सूखे मैदे को एक प्लेट में फैला कर रखते जाएं ताकि लौकी के टुकड़ों पर मैदे की हल्की परत चढ़ जाए।एक बड़े कटोरे में दही, सौंफ पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर और नमक फेंट कर अलग रख लें।अब एक पैन में तेल या घी गरम करें। उसमें लौकी के छल्लों को आधा पकने तक तल लें। इन छल्लों को अलग रख लें। एक कड़ाही में सरसों का तेल गरम करें। उसमें जीरा, साबुत धनिया, इलायची, काली मिर्च का तड़का लगाएं। तड़का बन जाए तो उसमें मसाले मिले हुए दही को डाल दें। आधा कप पानी डाल कर उसे चलाते हुए हल्की आंच पर पकाएं।दही फटने न पाए। जब उसमें उबाल आने लगे तो लौकी के तले हुए छल्लों को मिला दें और थोड़ी देर पकाएं। लौकी के टुकड़े नरम और ग्रेवी गाढ़ी हो जाए तो आंच बंद कर दें। उसमें हरा धनिया पत्ता और लंबे कटे हरी मिर्च के टुकड़े डाल कर गार्निश करें और गरम-गरम रोटी या पराठे के साथ परोसें।
केले का हलव
ले में भरपूर फाइवर यानी रेशा होता है। यह पाचनतंत्र को मजबूत करता है। इसके अलावा इसमें लौह तत्त्व, विटामिनबी-6 और भरपूर मैग्नीशियम होता है। यह रक्तचाप यानी ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए किसी औषधि से कम नहीं। केला जैसे भी खाएं, फायदेमंद है? यह अपने आप में संपूर्ण आहार है। केले से कई तरह के व्यंजन बनते हैं- यह फल भी है और सब्जी भी।केले का हलवा बनाने के लिए पके हुए थोड़े सख्त केले लें। यों कई लोग कच्चे केले का हलवा बनाते हैं, पर पके केले का हलवा बना कर देखें, स्वादिष्ट बनेगा। एक व्यक्ति के लिए एक केला पर्याप्त होता है। दो चम्मच चीनी, अखरोट, बादाम और काजू के कुछ दाने। सूखे मेवे के छोटे टुकड़े कर लें। एक नॉन स्टिक पैन गरम करें। उसमें मेवे के टुकड़ों को हल्का गरम करें। फिर उसमें चीनी डाल कर पिघलाएं। जब बुलबुले उठने लगें और चीनी धुआं छोड़ने लगे तो आंच बंद कर दें। ठंडा होने पर देखेंगे कि चीनी का कुरकुरा कैरेमल तैयार है। इसके छोटे टुकड़े करके अलग कटोरी में रख लें।
अब केलों को छील कर गोल-गोल छोटे टुकड़े करें। छोटी इलाइची के कुछ दाने कूट कर पाउडर बना लें। फिर एक नॉनस्टिक पैन में घी गरम करें। आंच हल्की रखें। उसमें केले के टुकड़ों को डाल दें और हल्का-हल्का चलाते हुए तब तब पकाएं, जब तक कि केले के टुकड़े नरम न हो जाएं। उसमें छोटी इलाइची पाउडर डालें और मिला दें। केले नरम हो जाएं तो आंच बंद कर दें।अब खाने की प्लेट में आइसक्रीम निकालें, उसकी बगल में केले का हलवा रखें और उस पर कैरेमल डाल कर परोसें। केले के हल्के खट्टे स्वाद के साथ आइसक्रीम और कैरेमल का मेल आपको भुलाए न भूलेगा। आइसक्रीम बटर स्कॉच लें तो बेहतर।
