अनुजा भट्ट

तेजी से बदलते दौर में क्रॉकरी की दुनिया भी काफी बदली है। पारंपरिक और क्लासिक क्रॉकरी की जगह अब ट्रेंडी टेबलवेयर का जमाना है। लाइफ स्टाइल में बदलाव के साथ ही घरों में इस्तेमाल होने वाली क्रॉकरी भी अब अपग्रेड हो रही है। भारतीय घरों की ब्रेकफास्ट, डिनर और टी टेबलों पर अब वर्ल्ड क्लास बोन चाइना, मेलामाइन, ओपल, ग्लास क्रॉकरी सजने लगी हैं। रंग और शेप में जबर्दस्त बदलाव दिख रहे हैं। ब्राइट और ट्रेंडी कलर की क्रॉकरी का चलन बढ़ा है। गोल और चौकोर प्लेटों की जगह ओवल शेप की प्लेटों ने ले लिया है। फाइव कॉर्नर प्लेटों से लेकर तमाम तरह की वैराइटी मौजूद हैं। बाजार में विदेशी और भारतीय ब्रांड, दोनों की क्रॉकरी और ग्लासवेयर मौजूद हैं। जो नाम आजकल बाजार में छाए हुए हैं उनमें ला-ओपेला, ट्रियो, सॉलिटेयर, मिल्टन, डैंकोटुआ, ल्यूमिनार्क, कोरेल, भारत, ल्यिमनार्क, बोरमियोली रोक्को शामिल हैं। फ्रेंच, स्पेनिश और श्रीलंकाई डिजाइन पर बनी क्रॉकरी भारतीय बाजार में बिक रही हैं। इंपोर्टेंड आइटमों की भी डिमांड बढ़ी है।

आज अगर हॉट कॉफी परोसनी हो, तो मध्यवर्गीय परिवारों में आपको नए चलन के कॉफी मग में ही मिलेगी। वह जमाना गया, जब दक्षिण भारतीय घरों में स्टील के गिलास में कॉफी सर्व की जाती थी। इस तरह कपों और प्लेटों में कार्टून कैरेक्टर छा गए हैं। खाने में ना-नुकुर करने वाले बच्चों को तरह-तरह के आकार, रंग और डिजाइन वाली प्लेटों, गिलास या कटोरियों में नाश्ता, खाना या दूध दिया जा रहा है। अगर आप भी रॉयल टी-पॉट्स और टी सेट का शौक रखते हैं, तो आपको बहुत सारी कलैक्शन आॅनलाइन आसानी से मिल जाएगी, लेकिन इसके लिए आपको अपनी जेब ढीली करनी होगी, क्योंकि यह काफी कीमती इंटीरियर है। पोर्सिलेन (चीनी मिट्टी) क्रॉकरी हर किसी की पहली पसंद है। अगर आप कुछ खास और रायलिक टी सेट लेने के इच्छुक हैं, तो स्टीफानो रिकी, हेरमेस, वसार्चे की बोन चाइना क्रॉकरी में गोल्ड, सिल्वर और मैट व शाइनी शुद्ध प्लैटिनम डिजाइनर कलेक्शन भी आपको बहुत पसंद आएगी। आप गोल्डन-सिल्वर हैंड प्रिंटेड, एंटिक, ग्राफिक प्रिंट, फ्लोरल डिजाइनिंग वाले टी सेट में चुनाव कर सकते हैं। सिल्वर और डायमंड नक्काशी वाली क्रॉकरी को खास अवसर पर इस्तेमाल किया जा सकता है या किसी को उपहार के तौर पर भी दे सकते हैं।

विदेश में क्रिस्टलवेयर का चलन कम है, लेकिन भारत में ये खूब बिकते हैं। ओपलवेयर की भी काफी मांग है। रैक और ल्यिमनार्क के ओपल वेयर बाजार में अच्छे बिक रहे हैं। जयपुर के भारत ब्रांड की क्रॉकरी की भी अच्छी मांग है। मेलामाइन में सर्ववेल और डिप्लोमेट की क्वालिटी अच्छी मानी जाती है। ये काफी लोकप्रिय भी हैं। सौ फीसद मेलामाइन वाली क्रॉकरी महंगी है। कमजोर गुणवत्ता वाली मेलामाइन क्रॉकरी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक मानी जाती है, क्योंकि इसमें यूरिया का अंश होता है।

उपहार के लिए अच्छा विकल्प
क्वार्टर प्लेट हो या सर्विंग या डेजर्ट बाउल या फिर पेस्ट्री स्टैंड्स, गिफ्ट देने के लिए क्रॉकरी आइटमों का चलन है। गोल्ड और सिल्वर के दाम बढ़ने की वजह से लोग कम बजट में टेबलवेयर का कटलरी गिफ्ट दे रहे हैं। हालांकि डिजाइनर क्रॉकरी या टेबलवेयर महंगा है, लेकिन गिलास सेट दो सौ रुपए से लेकर कुछ हजार रुपए में उपलब्ध हैं। आप दो सौ रुपए में येरा के गिलास सेट से लेकर साढ़े बाईस हजार रुपए के स्वारवोस्की और पैंतालीस हजार रुपए फाइन बोन चाइना के नोरिटेक गिलास सेट गिफ्ट कर सकते हैं।

डिजाइनर क्रॉकरी का जमाना
उच्च वर्ग के उपभोक्ताओं में डिजाइनर क्रॉकरी का चलन बढ़ रहा है। पिछले दिनों डिजाइन मनीष अरोड़ा ने क्रॉकरी का अपना कलेक्शन पेश किए थे। कलेक्शन की क्रॉकरी रंग-बिरंगी और नायाब डिजाइन वाली थी। क्रॉकरी अब सिर्फ खाना, नाश्ता या चाय सर्व करने की चीज नहीं रही गई है। अब यह अपनी नायाब पसंद का इजहार करने औैर स्टेटस दिखाने का भी माध्यम बनती जा रही है। जब आप बेहतर टेबलवेयर का इस्तेमाल करते हैं, तो मेहमानों के चेहरों की खुशी देखते ही बनती है। मेजबान को भी अच्छा लगता है। इशिका कलेक्शन मिकी झवेरी के मुताबिक क्रॉकरी में भारतीय डिजाइन का इस्तेमाल करते समय वाइट के साथ बाइव्रेंट कलर लगाया जाता है। बेहतरीन लुक देने के लिए पट्टा पेंटिंग, बिदरी मोटिफ, गोल्ड, प्लेटिनम और कॉपर प्लेट वर्क का इस्तेमाल होता है।

कमाल के डिजाइन
स्टील और मेलामाइन के प्लेट की जगह अब ग्लास, सेरामिक और चाइना प्लेटों का ज्यादा इस्तेमाल हो रहा है। पानी में खारापन बढ़ने की वजह से इनका इस्तेमाल बढ़ रहा है। खारे पानी में स्टील और मेलामाइन प्लेटें खराब हो जाती हैं। सिर्फ प्लेट नहीं, सर्विंग तश्तरियां और ओवन वेयर और गिलासों में भी नया ट्रेंड दिख रहा है। अब अलग-अलग ड्रिंक के लिए अलग-अलग गिलास का इस्तेमाल होता है। मसलन सॉफ्ट ड्रिंक के बुलबुलों को बरकरार रखने के लिए खास तरह के न्यूकिलेटेड गिलासों का इस्तेमाल होता है। आरकोरोक के इन गिलासों के पेंदे में एक कट होता है, जिससे सॉफ्ट ड्रिंक या बीयर का फिज लंबे समय तक बना रहता है।

खरीदें स्टाइलिश केक स्टैंड
आप बोनचाइना का केक स्टैंड खरीद सकते हैं। बेहतरीन टी सेट के साथ दो या तीन टियर का केक स्टैंड खूब जमेगा। फ्लोरल कलर, पोल्का डॉट क्रिसमस पर इंगलिश लुक देने के लिए बेहतरीन होगा।

जरूरी है साज-संभाल भी
अक्सर घर में जब पार्टी होती है, तो बोन चाइना की क्रॉकरी निकाली जाती है और फिर आपाधापी में इसे शेल्फ में रख दिया जाता है। हमारी छोटी-छोटी लापरवाहियों की वजह से ही इस क्रॉकरी में दरारें पड़ जाती हैं या फिर ये टूट जाती हैं। अगर आप कुछ खास बातों का ध्यान रखें तो अपने इस खास क्रॉकरी को लंबे वक्त तक सुरक्षित रख सकती हैं-

एक-दूसरे से सटा कर न रखें
ज्यादातर महिलाएं क्रॉकरी एक-दूसरे से सटा कर रख देती हैं, क्योंकि जगह की कमी होती है। लेकिन इस वजह से उनका पेंट आपस में चिपक सकता है और क्रॉकरी कमजोर हो सकती है। इसलिए क्रॉकरी को सजाते समय बीच में पतला कागज आप इस्तेमाल कर सकती है।

वजन का ध्यान रखें
बोन चाइन की बड़ी-बड़ी प्लेट या बर्तन एक साथ रखते समय इस बात का ध्यान रखें कि बहुत ज्यादा बर्तन साथ न रखें। इससे कई बार बड़े बर्तनों की वजह से छोटा चम्मच या छोटी प्लेट टूट जाती है और पूरा सेट बिगड़ जाता है। इससे बचने के लिए बर्तनों को रखते समय साइज का ध्यान रखें।

अखबार में न लपेटें
क्रॉकरी को लपेटे वक्त ज्यादातर महिलाएं अखबार का इस्तेमाल कर लेती हैं। ऐसा न करें, क्योंकि इससे अखबार की इंक क्रॉकरी पर चली जाती है और आपके सेट की चमक फीकी पड़ने लगती है।

ज्यादा गरम या ठंडे पानी से न धोएं
अगर आप क्रॉकरी को ज्यादा गरम या ठंडे पानी से धो रही हैं, तो इससे वे चटक या टूट सकते हैं। बेहतर होगा कि आप हल्के गुनगुने या सामान्य तापमान वाले पानी से बर्तन धोएं।

बर्तन पोछते वक्त रखें ध्यान
बोन चाइना के बर्तन धुलने के बाद उलटे करके मुलायम कपड़े पर रख दें। जब अतिरिक्त पानी निकल जाए तो हल्के हाथ से पोछ दें। इससे क्रॉकरी के प्रिंट को नुकसान नहीं पहुंचेगा।
अगर खाने-पीने के शौकीन हैं तो आपकी यह नफासत आपके घर में इस्तेमाल होने वाली क्रॉकरी में भी दिखाई देने लगती है। इसलिए अब खरीददारी के लिए त्योहार का इंतजार मत कीजिए। आपकी नफासत आपकी टेबल के अंदाज बदल देगी।