शरीर का एक महत्त्वपूर्ण अंग है कान। अगर कान की ठीक से देखभाल न की जाए, तो कई परेशानियां पैदा हो सकती हैं। अमूमन कान की समस्या को लोग अधिक गंभीरता से नहीं लेते। अगर कान में हल्का दर्द है या मैल जमा हो गया है, तो तेल डाल कर संतुष्ट हो जाते हैं। पर यह ध्यान रखना चाहिए कि कान शरीर का बहुत ही संवेदनशील अंग है इसकी देखभाल बहुत सावधानी से करनी पड़ती है। थोड़ी-सी लापरवाही भी खतरनाक साबित हो सकती है और आप बहरे हो सकते हैं। एम्स में अपनी सेवाएं दे चुके जनरल फिजिशियन डॉक्टर शंकर का मानना है कि कान में अगर थोड़ी-सी भी समस्या हो तो उसे घरेलू उपायों से ठीक करने के बजाय चिकित्सक से संपर्क करें।
कान का मैल
कान की एक आम समस्या है मैल का जमा होना। अगर इसकी ठीक से सफाई न की जाए तो आपको ऊंचा सुनाई देने लगता है। कान के मैल का वैज्ञानिक नाम सेरुनेम है। यह कान की बाहरी नली में बनता है। डॉक्टर शंकर के मुताबिक, कान का मैल सूखा और गीला दो तरह का होता है। सूखा मैल तो आप घर पर भी साफ कर सकते हैं, लेकिन गीला मैल कई बार मवाद बन जाता है। इसलिए उसे डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
संक्रमण
कानों में संक्रमण किसी भी वजह से हो सकता है। यह मौसम बदलने पर भी सताता है। कान का संक्रमण नाक या गले की बीमारियों के कारण अधिक होता है। बच्चों में यह संक्रमण जुकाम या गला खराब होने की वजह से भी हो सकता है। मध्य कान में संक्रमण पीप पैदा करने वाले बैक्टीरिया की वजह से होता है। संक्रमण से बचने के लिए डॉक्टर की सलाह पर ड्रॉप डालें।
हेडफोन है खतरनाक
डॉक्टर शंकर के मुताबिक, आजकल युवा ज्यादातर समय कानों में ईयरफोन लगाए रहते हैं, जिससे उनकी सुनने की क्षमता पर असर पड़ता है। इसलिए युवाओं को या तो हेडफोन का प्रयोग नहीं करना चाहिए और अगर करते भी हैं तो बहुत कम आवाज में संगीत सुनें। ऊंची आवाज में हेडफोन से गाने सुनने पर बहरेपन का शिकार भी हो जाते हैं। 2017 में अमेरिका में हुए एक शोध के मुताबिक अमेरिका में हर साल बारह हजार से अधिक बच्चे ईयरबड्स के कारण अस्पतालों के चक्कर लगा रहे हैं। यह आंकड़ा अमेरिका का है, पर भारत में अगर इसका प्रयोग बढ़ता है तो यहां भी इसके नुकसान झेलने पड़ सकते हैं।
कान में पानी
नहाते समय ध्यान रखें कि कान में पानी न जाए। क्योंकि कान में पानी जाने पर कान बंद हो सकता है और आपकी श्रवणशक्ति पर प्रभाव पड़ सकता है। स्विमिंग करते समय भी ध्यान रखें कि कान में पानी न जाए।
नुकीली चीज न डालें
कान में अगर खुजली हो रही है, तो उसे नजरअंदाज न करें। खुजली को खत्म करने के लिए किसी भी नुकीली चीज को न डालें। नुकीली चीज कान को नुकसान पहुंचा सकती है। उससे घाव होगा, जिससे समस्या बढ़ सकती है।
इस तरह करें कान की सफाई
तेल : कान में अगर सूखा मैल है तो उसे सरसों, जैतून या मूंगफली के तेल से साफ किया जा सकता है। डॉक्टर शंकर के मुताबिक सरसों के तेल से कान साफ करने पर कान को कोई नुकसान नहीं होता है। इससे सूखा मैल गीला हो जाता है और आसानी से बाहर निकाला जा सकता है।
गुनगुना पानी : पानी को हल्का गुनगुना करके रूई की सहायता से डालें और कुछ सेकेंड बाद पानी को बाहर निकाल दें।
प्याज का रस : प्याज को भाप में पका कर इसका रस निकाल लें और रूई की सहायता से एक-एक बूंद कान में डालें। इससे मैल आसानी से बाहर निकल जाएगा।
सावधानियां
’ कान में ईयरबड का प्रयोग न करें। कई बार खुजली होने पर ईयरबड से जोर-जोर से खुजलाने पर नुकसान हो सकता है। इससे मैल बाहर निकलने के बजाय और अंदर जा सकता है। कई बार रूई ही कानों में फंस जाती है। इसलिए ईयरबड से कान साफ करने से बचें।
’ नहाने के बाद रूई से कान साफ न करें। चिकित्सक ऐसा करने से मना करते हैं।
’ कान को ठीक रखने के लिए उसे साफ रखना जरूरी है। कान साफ करने के लिए घरेलू उपायों के बजाय चिकित्सक से संपर्क करें। खुद से प्रोयग न करें।
