अक्सर आपने महसूस किया होगा कि जब आप थोड़े समय के लिए बैठते हैं, तब आपके हाथ या पैरों में झनझनाहट शुरू हो जाती है। कई लोग झनझनाहट को पैर सो जाना या झुनझुनी भी कहते हैं। न्यूरोप्रैक्सिया की वजह से हाथों या पैरों में झनझनाहट होती है। न्यूप्रैक्सिया का मतलब है नस का दब जाना। वैसे तो न्यूरोप्रैक्सिया बहुत बड़ी समस्या नहीं है, लेकिन समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो व्यक्ति गंभीर रूप से परेशान हो सकता है। इससे पीड़ित व्यक्ति एक पल के लिए कलपने लगता है। क्योंकि जब पैर या हाथ सो जाता है, तब सुई जैसी चुभन होने लगती है। यह चुभन जल्दी बर्दाश्त नहीं होती और पीड़ित को लगता है कि इस समस्या से जल्दी कैसे छुटकारा पाया जाए। झनझनाहट शरीर में किसी कमी का संकेत है। स्वामी दयानंद अस्पताल में जनरल फिजिशियन ग्लैडविन त्यागी का कहना है कि यह समस्या छोटे बच्चों को बहुत नहीं सताती है। यह उन लोगों को अधिक सताती है जो मध्य की उम्र के हैं या अधिक उम्र के हैं। आज हम इसी समस्या के बारे में बात करेंगे। यह झनझनाहट होती क्यों है और इससे बचाव क्या है।

कारण
नसों का कमजोर होना
जब नसें कमजोर होने लगती हैं, तब सभी अंगों के अंत तक संकेत नहीं पहुंच पाते हैं, जिसकी वजह से झनझनाहट होने लगती है।

मधुमेह
डॉक्टर त्यागी के मुताबिक जिन लोगों को मधुमेह का रोग होता है उनमें एक जटिलता होती है, जिसे डायबिटिक न्यूरोपैथी कहते हैं। इसकी वजह से नसों में सुन्नपन आ जाता है। व्यक्ति को न ठंडे का पता चलता है और न गर्म का। इसमें सबसे पहले झनझनाहट होती है।

विटामिन बी 12 की कमी
विटामिन बी 12 नसों के ऊपर मलाइन की परत बनाने में मदद करता है। मलाइन की परत से नसें सुरक्षित रहती हैं और नसों का जुड़ाव भी उन्हीं की वजह से होता है। जब यह परत हटने लगती है, तो सुन्नपन और झनझनाहट होने लगती है। जिन लोगों में विटामिन बी 12 की कमी होती है उन लोगों में ये समस्या देखने को मिलती है। इससे भी नसों की समस्या होती है।

खनिज की कमी
डॉक्टर त्यागी के मुताबिक, जो लोग किसी एक अवस्था में सो जाते हैं और उनके हाथ या पैर सो जाते हैं, तो उन लोगों में खनिज की कमी और विटामिन डी की कमी भी होती है। और इस वजह से हाथ या पैर में झनझनाहट होने लगती है।

नसों का दबना
जब आप किसी एक अवस्था में लंबे समय तक बैठे रहते हैं तो कुछ नसें दब जाती हैं। उन नसों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाता जिस वजह से झनझनाहट होने लगती है।

बन सकती है बड़ी समस्या
अमूमन लोग हाथ या पैर के सो जाने को गंभीर समस्या नहीं मानते, इस वजह से डॉक्टर के पास नहीं जाते। लेकिन डॉक्टर ग्लैडविन के मुताबिक अगर इस समस्या पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो शरीर के अन्य हिस्सों को भी नुकसान पहुंच सकता है। अगर किसी व्यक्ति को मधुमेह है और उसे झनझनाहट हो रही है और वह डॉक्टर के पास नहीं जाता तो उसे और अधिक समस्या हो सकती है।

बचाव
’जब ऐसा कोई लक्षण दिखे तो चिकित्सक के पास जाएं। चिकित्सक आपके अंदर जो कमी है, जिसकी वजह से ये समस्या है उनकी दवाइयां देगा।
’सरसों, जैतून या नारियल के गुनगुने तेल से मालिश करने से झनझनाहट से छुटकारा पाया जा सकता है।
’डॉक्टर त्यागी के मुताबकि, बैठने और लेटने की अवस्था अगर ठीक रखी जाए तो भी इस समस्या से बचा सकता है।
’अगर यह समस्या शुरुआती दौर में है तब गरम पानी की सिंकाई भी कर सकते हैं। इससे अगर आराम नहीं मिलता है तो चिकित्सक को दिखाएं।
’विटामिन बी 12 युक्त भोजन का सेवन करें। इसमें आप दूध, सोयाबीन, दही, पनीर सोया आदि का सेवन कर सकते हैं।