रूखी त्वचा, होठों से निकलती पपड़ी और शरीर पर बार-बार रूखेपन की वजह से होने वाली खुजली… इस बदलते मौसम में कुछ इस तरह की समस्याएं देखने को मिलती हैं। बदलते मौसम का असर हमारी त्वचा पर खासा देखने को मिलता है। तेज और सर्द हवाओं के कारण शरीर पर रूखापन महसूस होता है और मृत कोशिकाएं बनने लगती हैं। कई प्रकार की क्रीम और तेल लगाने के बाद भी समस्या दूर नहीं होती है। तो कई लोग त्वचा चिकित्सक का परामर्श लेना जरूरी समझते हैं। तो बसंत के इस बदलते मौसम में आपको अपनी त्वचा का कैसे खयाल रखना है और अगर आप खयाल नहीं रखेंगे, तो कौन-सी समस्याएं हो सकती हैं इसके बारे में हम आपको बता रहे हैं।
ऐसे रखें खयाल
क्लीनजर का करें इस्तेमाल : रूखेपन के कारण त्वचा की नमी खत्म हो जाती है। ऐसे में क्रीम युक्त क्लीनजर का इस्तेमाल करने से त्वचा के रोम छिद्र तो खुलेंगे ही, साथ ही त्वचा की नमी भी बरकार रहेगी।
क्रीम : हवाओं के कारण त्वचा में दरारें-सी बनने लगती हैं और उन्हें सही करने का उपाय सही क्रीम लगाना है। ज्यादा रूखी त्वचा वाले से लेकर कम रूखी त्वचा के लिए बाजार में अलग-अलग तरह की क्रीम मौजूद हैं। इनका सही चुनाव करना बेहद जरूरी है।
संतुलित आहार लें : त्वचा की देखभाल जितनी बाहर से जरूरी है, उतनी ही अंदरूनी खयाल रखना आवश्यक है। ऐसे में पौष्टिक भोजन करना इस मौसम में काफी लाभदायक साबित होता है। फैटी एसिड, विटामिन्स, प्रोटीन, जिंक जैसे पदार्थों का सेवन करने से त्वचा स्वस्थ रहती है और निखार भी बना रहता है। इसके साथ ही ज्यादा मात्रा में पानी पीना भी त्वचा और स्वास्थ दोनों के लिए असरदार होता है।
फेशियल और स्क्रब करें : शरीर की मृत कोशिकाओं को ठीक करने के लिए फेशियल और स्क्रब करना मददगार साबित होता है। इससे त्वचा की समस्याएं कम होंगी।
लैवेंडर का तेल : त्वचा नमी बनाए रखने के लिए लैवेंडर या नारियल के तेल का इस्तेमाल करने से त्वचा रोग से बचा जा सकता है।
सनस्क्रीन लगाएं : गर्मी के ही मौसम में ही नहीं, बल्कि घर से निकलते वक्त सनसक्रीन लगा कर निकलें। इससे त्वचा पर धूप की किरणें हानिकारक साबित नहीं होती हैं।
नहाने के बाद तेल : नहाने के बाद सरसों का तेल शरीर पर लगाएं। इससे त्वचा की नमी बनी रहती है। अगर आप तेल नहीं लगाते हैं तो त्वचा में रूखापन बढ़ता है और खुजली की समस्या हो जाती है। तेल के अलावा आप कोई अन्य मॉश्चराइजर लगा सकते हैं।
परेशानी
ऐसे मौसम में शुष्कता जहां बढ़ती है, वहीं लोग अपनी आदतों में भी बदलाव लाने लगते हैं। कम पानी पीना और घंटों धूप सेंकना, कई तरह की परेशानी पैदा करता है। त्वचा का फटना, खुजली और फंगल इंफेक्शन जैसी समस्याएं इस मौसम में आम बात हो जाती है। यह मौसम बहुत असमंजस वाला होता है। इस वजह से कई बार लोगों को समझ नहीं आता कि क्या पहनें और क्या न पहनें। ऐसे में मौसम गरम समझ कर जब हम बाहर निकलते हैं तो ठंड लग जाती है। इस वजह से जब भी बसंत के इस मौसम में आप घर से बाहर निकलें तो कुछ एक गरम कपड़े भी अपने साथ रख लें, ताकि ठंड लगने पर उनका इस्तेमाल किया जा सके। इससे लोगों को डॉक्टर का परामर्श लेना होता है। लोगों की ओर से त्वचा की सफाई में असावधानी और खानपान में लापरवाही के कारण लोगों को चर्म रोग की परेशानी भी होती है।
सावधानियां
’ अपनी दिनचर्या में शरीर की मालिश को शामिल करें।
’ स्नान गुनगुने पानी से ही करें। अधिक गरम पानी से न नहाएं।
’ खूब पानी पीएं।
’ धूप से अपनी त्वचा को बचाएं।
’ पौष्टिक भोजन करें।
’ बाहर निकलते समय चेहरे को चमकती धूप से बचाएं।

