राजेश मेहरा

उस दिन राजू की बड़ी दीदी की शादी थी। राजू, उसके मम्मी-पापा और सबसे ज्यादा उसकी दीदी, सब खुश थे। राजू की दीदी अपनी दोस्तों के साथ सजने ने लगी थी। शादी एक मैरिज गार्डन में थी, इसलिए राजू का पूरा परिवार और सारे रिश्तेदार वहां पहुंच गए। राजू के पापा ने उसकी दीदी को शादी में पहनने के लिए महंगे गहने खरीदे थे, इसलिए वे चिंतित थे कि कहीं कोई गहना खो या चोरी न हो जाए। राजू के पापा ने उसकी दीदी को समझाया था कि गहनों का ध्यान रखे। राजू की दीदी ने ध्यान रखने को कहा। राजू ने तो कहा कि शादी में पहनने की क्या जरूरत है, जब दीदी विदा होगी तब पहन लेगी, लेकिन उसकी दीदी की नाराजगी के कारण उसके मम्मी-पापा ने गहने पहनने की इजाजत दे दी। बारात आ चुकी थी और स्टेज पर वरमाला पहनाने का कार्यक्रम चल रहा था। राजू भी अपनी दीदी के साथ स्टेज पर ही खड़ा रहा। जैसे ही वरमाला का आदान-प्रदान हुआ और राजू की दीदी और जीजू कुर्सी पर बैठे तो राजू ने देखा कि उसकी दीदी का गले का महंगा सोने का हार गायब था। राजू ने जब दीदी से पूछा तो देखते ही दीदी के पसीने छूट गए और यह बात उसके जीजू ने भी नोटिस की, लेकिन उन्होंने अभी चुप रहने को कहा, वरना स्टेज पर अफरातफरी का माहौल हो जाता। राजू और उसकी दीदी सहज हो गए, लेकिन राजू मन ही मन चोर के बारे में ही सोच रहा था। अगर चोर नहीं पकड़ा गया, तो उसके पापा हार की चोरी के बारे में सुन कर दीदी से नाराज होंगे। राजू ने देखा कि उसकी दीदी भी अब खुश नहीं थी, उसके चेहरे से मुस्कान गायब थी। उसे यह भी अच्छा लगा कि उसके जीजू भी उनके साथ हैं।

राजू भीड़ में चोर को पहचानने के लिए इधर-उधर देख रहा था, तभी शादी की तस्वीर उतारते वीडियोग्राफर पर उसकी नजर पड़ी। उसको अचानक एक तरकीब सूझी और वह वीडियोग्राफर के पास पहुंचा। राजू ने हार की चोरी की बात वीडियोग्राफर को बताई तो उसने कहा कि वह इसमें क्या मदद कर सकता है? इस पर राजू ने उसको कुछ कहा तो वीडियोग्राफर मैरिज गार्डन के एक कोने में उसके साथ आ गया। राजू ने उससे अब तक रिकॉर्ड किए गए वीडियो को कैमरे में ही दिखाने को कहा। वीडियोग्राफर ने वीडियो चला दिया। उसे देखते-देखते राजू ने अचानक एक जगह वीडियो रोकने को कहा। फिर वीडियो पीछे करके देखा तो पाया कि उसकी दीदी के हार का चोर साफ दिख रहा था। वीडियोग्राफर भी हैरान था कि यह भी चोरी कर सकता है। वीडियोग्राफर ने राजू से कहा, आओ उसे पकड़ते हैं। इस पर राजू ने कहा कि अगर हम उसे यह वीडियो दिखा कर पकड़ेंगे तो हो सकता है कि वह मुकर जाए। क्यों न हम उसे रंगे हाथ पकड़ें? राजू ने उसे अपनी योजना समझाई। योजना सुन कर वीडियोग्राफर ने भी राजू के दिमाग की दाद दी। तभी स्टेज से वीडियोग्राफर को पुकारा गया, तो राजू और वीडियोग्राफर तुरंत वहां पहुंचे।

वीडियोग्राफर राजू की योजना के अनुसार वीडियो बनाने लगा। उसने अपने सहयोगी से कहा कि दुल्हन के चेहरे के सामने उसका घूंघट आ रहा है, उसे ठीक करो। इतना सुन कर सहायक तुरंत स्टेज पर पहुंचा और राजू की दीदी का घूंघट ठीक करने लगा। राजू और वीडियोग्राफर सहायक को ध्यान से देख रहे थे। वह जैसे ही घूंघट ठीक करके वापस आया तो राजू ने उसका हाथ पकड़ लिया और उसे लेकर गार्डन के एक तरफ आ गया। वीडियोग्राफर भी उनके पीछे था। राजू ने सहायक की जेब में हाथ डाला और अपनी दीदी की कान की बाली निकाली, जो उसने घूंघट ठीक करते वक्त निकाल ली थी। राजू ने पूछा कि चोरी क्यों की? सहायक घबरा गया और भागने लगा तो वीडियोग्राफर ने उसे पकड़ लिया और राजू की दीदी का हार भी उससे प्राप्त कर लिया। पुलिस के पास श्किायत की धमकी से सहायक ने बता दिया था कि उसने ही राजू की दीदी का हार उस समय चुराया था, जब वह उनका स्टेज पर विडियो बनाने के लिए मेकअप ठीक कर रहा था। सहायक अब गिड़गिड़ाने लगा तो राजू के कहने पर वीडियोग्राफर ने उसे जाने दिया, लेकिन उसे आगे से ऐसा न करने की चेतावनी दी। राजू ने स्टेज पर जाकर अपनी दीदी को हार और कान की बाली दी, उन्हें देख कर वह खुश हुई और चुपचाप दोनों चीजें पहन ली। राजू की दीदी और जीजू दोनों खुश थे।