कई बार लोगों को दूसरे से थोड़ी दूरी बना कर और मुंह पर रूमाल रख कर बात करते देखा जाता है। इस तरह बात करने के पीछे एक कारण मुंह से आने वाली बदबू भी होती है। मुंह से आने वाली बदबू को हेलिटोसिस रोग कहा जाता है। सांसों की बदबू की वजह से आपकी सामाजिक छवि तो खराब होती ही है, आपकी मानसिक स्थिति पर भी उसका बुरा असर पड़ता है।
मुंह की दुर्गंध के कारण और उपाय
मुंह में पैदा होने वाले बैक्टीरिया : मुंह से बदबू आने का प्रमुख कारण मुंह में पैदा होने वाले बैक्टीरिया हैं। इनके पैदा होने के पीछे कारण नियमित ब्रश न करना और दांतों के बीच में भोजन फंसा रहना है। इससे बचने के लिए नियमित ब्रश करना चाहिए।
शरीर में जिंक की कमी : शरीर में जिंक की कमी हो जाती है तो सांसों से बदबू आती है। डायबिटिज और मसूड़ों की बीमारी से भी सांसों में बदबू आती है। यह दुर्गंध न आए, इसके लिए ऐसी चीजें खानी चाहिए, जो जिंक की कमी को पूरा करें। मुंह को साफ रखने के लिए नियमित कुल्ला करें।
कम पानी पीना : जब कोई व्यक्ति पानी कम पीता है तब भी मुंह से बदबू आती है। दरअसल, कम पानी पीने से हमारा मुंह सूख जाता है और सूखे मुंह में मृत कोशिकाओं का आपकी जीभ, मसूड़े और गालों के नीचे जमाव होता रहता है। ये कोशिकाएं क्षरित होकर दुर्गंध पैदा कर सकती हैं। सूखा मुंह आमतौर पर सोने के समय होता है। इस समस्या से निपटने के लिए आपके मुंह में लार बननी जरूरी है। इससे आपके मुंह में नमी रहने और मुंह को साफ रखने में मदद मिलती है।
धूम्रपान : जो लोग धूम्रपान या किसी भी रूप में तंबाकू का सेवन करते हैं उनके मुंह से भी बदबू आती है। इसके पीछे भी कारण है मुंह का सूखना। दरअसल, धूम्रपान से आपका मुंह सूख जाता है और उससे दुर्गंध पैदा होती है। तंबाकू का सेवन करने वालों को दांतों की बीमारी भी होती है, जो सांसों की दुर्गंध का कारण बनती है।
अधिक समय तक खाली पेट रहना : जब लोग अधिक समय तक खाली पेट रहते या डायटिंग करते हैं तब भी उनके मुंह से बदबू आने लगती है। डायटिंग करने वालों में ऐसी सांस पैदा होती है, जिसमें अधिक बदबू होती है। यह केटोएसीडोसिस, जो व्रत के दौरान रसायनों के टूटने से पैदा होती है, के कारण होता है। इसलिए आपको अधिक समय तक भूखे नहीं रहना चाहिए। थोड़े-थोड़े समय पर कुछ-कुछ खा लें।
साइनस संक्रमण : सांसों से आने वाली बदबू का एक कारण साइनस संक्रमण भी है, क्योंकि साइनस से नाक से होकर बहने वाला द्रव आपके गले में जाकर सांसों में दुर्गंध पैदा करता है, जिससे मुंह से दुर्गंध आती है। ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सक के पास जाना चाहिए।
तैलीय पदार्थों का सेवन : ज्यादा तला हुआ भोजन भी मुंह की बदबू का कारण बनता है। तैलीय पदार्थ सांसों में बदबू पैदा करते हैं। जब तीखी गंध वाला तेल आपके खून में शामिल होता है, तो वह आपके फेफड़ों तक पहुंचता है, जिससे सांसों में बदबू आती है।
फेफड़ों का संक्रमण : फेफड़े का संक्रमण मुंह से आने वाली दुर्गंध का एक कारण है। इसके अलावा फेफड़े में गांठ से भी सांसों में बहुत खराब बदबू पैदा होती है। चयापचय की गड़बड़ी से भी सांसों में बदबू पैदा हो होती है। मुंह से बदबू न आए इसके लिए आपको ताजा रेशेदार सब्जियां खानी चाहिए।
अधिक मसालेदार भोजन : जो लोग ज्यादा मसालेदार खाना खाते हैं उनके मुंह से भी बदबू आती है। दरअसल, अधिक मसालेदार भोजन, लहसुन या प्याज खाने से भी मुंह से अधिक बदबू आने लगती है। इससे बचाव के लिए आपको ब्रश और कुल्ला नियमित रूप से करना चाहिए।
पाचन ठीक न होना : अध्ययनों से यह सामने आया है कि जब व्यक्ति का खाना ठीक से नहीं पच पाता और पेट खराब रहता है, तब भी मुंह से बदबू आती है। बहुत से लोग खाना खाने के तुरंत बाद बिस्तर पर लेट जाते हैं, जिससे उनका पाचन ठीक नहीं रहता और पेट खराब हो जाता है। भोजन ठीक से पचे इसके लिए आप नियमित टहलें और पाचक वस्तुओं का सेवन करें।
दांतों की बीमारियां : दांतों में सड़न, पायरिया या फिर दांतों और मसूड़ों की किसी कमी के कारण भी मुंह से दुर्गंध आती है। बदबू न आए इसके लिए आपको दांतों की ठीक से सफाई करनी चाहिए। इसके अलावा आप मुंह में लौंग भी डाल सकते हैं, जिससे बदबू नहीं आएगी।
जीभ की गंदगी : हम अक्सर अपने दांत तो साफ कर लेते हैं, लेकिन जीभ साफ करना भूल जाते हैं। लंबे समय तक जीभ साफ न करने से गंदगी जीभ पर जम जाती है, और थोड़े समय बाद हमें खुद असहज महसूस होने लगता है। जो गंदगी जीभ पर जम जाती है उसकी वजह से हमारे मुंह से बदबू आने लगती है। दांत की सफाई के साथ-साथ नियमित जीभ भी साफ करें।
गर्भावस्था में हार्मोन परिवर्तन : गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के अंदर हार्मोन्स में परिवर्तन होता है। जिस वजह से उस समय तक उनकी सांसों से बदबू आने लगती है। मुंह से बदबू न आए इसके लिए आप माउथ फ्रेशनर का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।
