इराइड एक ग्रंथि है लेकिन बीते बीस साल में इसे एक बड़ी स्वास्थ्य समस्या के तौर पर देखा जा रहा है। चाहे आपका वजन अचानक बढ़ने लगा हो या फिर आपके बाल झड़ने या गिरने लगे हैं या फिर आपको हर समय थकान रहती है, इन सबकी जड़ में थाइराइड और थाइराइड असंतुलन है।

एक अध्ययन के मुताबिक पुरुषों की तुलना में महिलाओं में थायराइड विकार दस गुना ज्यादा होता है। यही कारण है कि आज ज्यादातर महिलाएं मोटापे की शिकार हैं तो कई महावारी की अनियमितता से। वहीं कुछ महिलाएं थाइराइड असंतुलन की वजह से चेहरे पर निकल आए बालों से परेशान रहती हैं तो कई महिलाएं गर्भवती ही नहीं हो पाती। डॉक्टरों की मानें तो थाइराइड असंतुलन के प्रमुख कारणों में दिनोंदिन बढ़ता तनाव और हमारी खराब दिनचर्या है।

क्या है थायराइड
थायराइड एक अंत: स्रावी ग्रंथि (एंडोक्राइन ग्लैंड) है, जो गले में होता है। इसका आकारा तितली यानी बटरफ्लाई के आकार का होता है। इसमें से थायराइड हार्मोन निकलता है जो शरीर में चयापचय को संतुलित करता है। थायराइड ग्रांथि शरीर से आयोडीन की मदद से हार्मोन बनाता है और जब थायराइड हार्मोन का स्राव असंतुलित हो जाता है तो शरीर में कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं होने लगती है।

थाइराइड के प्रकार
थाइराइड रोग के पांच प्रकार हैं जिनमें हाइपोथायरायडिज्म और हाइपरथायरायडिज्म प्रमुख हैं। किसी व्यक्ति को एक समय में एक या एक से अधिक तरह की थाइराइड समस्या हो सकती है। सभी प्रकारों के लक्ष्ण और समस्याएं अलग-अलग होती है।
हाइपोथायरायडिज्म : इसमें जरूरत से कम थायराइड हार्मोन का स्राव होता है।
हाइपरथायरायडिज्म : जरूरत से कहीं अधिक थायराइड हार्मोन के स्राव से समस्याएं होती हैं।
संरचनात्मक असामान्यताएं : थायरॉयड ग्रंथि के बढ़ने की वजह से घेंघा होता है।
ट्यूमर : इसमें मामूली ट्यूमर या कैंसर भी हो सकता है।
थाइराइड : असामान्य कार्य करना

हाइपो-थायराइड
इसमें थायराइड ग्रंथि सक्रिय नहीं होता, जिससे शरीर में जरूरत के मुताबिक टी3, टी4 हार्मोन नहीं पहुंच पाता। इससे पीड़ित व्यक्ति का वजन अचानक बढ़ जाता है। कम खाना जैसे तमाम उपाय भी उसके वजन को कम नहीं कर पाते। इससे पीड़ित व्यक्ति को अपने आहार में आयोडिन नमक, सी फूड, फिश, चिकेन, अंडा, दूध और इसे बनी चीजें खानी चाहिए।
लक्षण
चेहरे एवं आंखों पर सूजन
सुस्ती
मांसपेशियों में ऐंठन
थकान
हृदय गति का धीमा होना
कब्ज<br />यादाश्त कम होना
उदासी
अनियमित महावारी
वजन बढ़ना

हाइपर-थायरायड
इसमें जरूरत से अधिक थायराइड हार्मोन का स्राव होता है जो खून में घुलने लगता है। ऐसा होने पर पीड़ित व्यक्ति का वजन अचानक कम होने लगता है। यह बेहद खतरनाक स्थिति होती है। इसमें मरीज चाहे जितना भी खा ले उसका वजन लगातार घटता ही रहता है। आहार में हरी सब्जियां, साबूत अनाज, ब्राउन ब्रेड, ओलिव आॅयल, लेमन, हर्बल और ग्रीन टी, अखरोट, जामुन, स्ट्रॉबेरी, गाजर, हरी मिर्च, शहद को शामिल करना चाहिए।

लक्षण
मांशपेशियों में कमजोरी
भूख का बढ़ जाना
अच्छी नींद का अभाव
हृदय गति तेज होना
गर्म तापमान के प्रति संवेदनशीलता
अधिक पसीना आना
दस्त
चिड़चिड़ापन
महावारी में अनियमितता
गर्भपात

सावधानियां
वजन के तेजी से बढ़ने या घटने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लें। सुबह उठकर सैर पर जाएं या फिर योग या कसरत करें। समय पर खाएं, सोएं और डॉक्टर के परामर्श अनुसार दवाइयां लेते रहें।