स्वस्थ और सेहतमंद रहने के लिए भोजन करना ही नहीं, बल्कि उसमें पोषक तत्त्वों का होना भी बेहद जरूरी है। पोषक तत्त्वों में विटामिन, मिनरल्स, आयरन और प्रोटीन शामिल हैं। प्रोटीन शरीर का निर्माण करने वाले तत्त्वों में सबसे महत्त्वपूर्ण और आवश्यक पोषक तत्त्व है। शरीर के कई कार्यों जैसे कि मांसपेशियों की ताकत, हड्डियों की मजबूती, ऊतकों की मरम्मत, चयापचय को बढ़ावा देने, प्रतिरक्षा प्रणाली को दुरुस्त रखने और शरीर को ऊर्जा प्रदान करने के लिए इसका शरीर में सही मात्रा में होना बेहद आवश्यक है।

अगर आप पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन का सेवन नहीं करते हैं तो इसका सीधा असर आपके स्वास्थ्य पर पड़ता है और कुछ समय बाद आप बीमारियों की गिरफ्त में चले जाते हैं। बीमारियों से कोसो दूर रहने के लिए शरीर में प्रोटीन की सही मात्रा का होना आवश्यक है। प्रोटीन की सबसे अच्छी बात है कि यह शाकाहारी और मांसाहारी दोनों ही खाद्य पदार्थों में पाया जाता है। इसलिए रोजाना के खाने में प्रोटीन युक्त आहार को शामिल कर के इसकी कमी को आसानी से पूरा किया जा सकता है।

प्रोटीन की कमी के लक्षण
’शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है और आप आए दिन बीमार रहने लगते हैं।
’प्रोटीन की कमी होने पर शरीर में ऊर्जा कम होने लगती है और आप हर समय कमजोरी, थकावट और शारीरिक दर्द महसूस करते हैं।
’सही मात्रा में प्रोटीन नहीं लेने से बाल और नाखून कमजोर हो जाते हैं। बाल सड़ने का एक प्रमुख कारण प्रोटीन की कमी भी है।
’पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन नहीं लेने से जोड़ों में मौजूद तरल पदार्थ का निर्माण कम होता है, जिससे लचीलापन कम हो जाता है और जोड़ों में अकड़न के साथ मांसपेशियों में भी दर्द की समस्या बढ़ने लगती है।
’चोट या जख्म का जल्दी ठीक नहीं होना।
’सिरदर्द जैसी समस्याएं होना भी इसकी कमी के लक्षण हैं।

प्रोटीन युक्त आहार
अंडा : अंडा स्वादिष्ट होने के साथ पौष्टिक होता है। इसमें विटामिन, मिनरल्स, स्वस्थ वसा, आंखों को सुरक्षा प्रदान करने वाले एंटीऑक्सीडेंट के साथ मस्तिष्क के लिए पोषक तत्त्व मौजूद होते हैं। एक पूरे अंडे में प्रोटीन की प्रचुरता होती है, लेकिन अंडे के सफेद भाग में शुद्ध प्रोटीन पाया जाता है। एक पूरे अंडे में पैंतीस फीसद कैलोरी होती है।

बादाम : इसमें विटामिन ई, मैग्नीज, मैग्नीशियम के साथ फाइबर पाया जाता है। बादाम के अलावा पिस्ता और काजू में भी प्रोटीन होता है। बादाम में तेरह फीसद, पिस्ता में तेरह फीसद और काजू में ग्यारह फीसद कैलोरी होती है।

चिकन : यह प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ है। चिकन विटामिन बी का स्रोत भी है। मधुमेह को संतुलित रखने और एलडीएल कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने के लिए प्रोटीन महत्त्वपूर्ण हैं। इसमें अस्सी फीसद कैलोरी होती है।

दलिया : दलिया पौष्टिक अनाजों में से एक है। दलिया में प्रोटीन के साथ फाइबर, मैग्नीशियम, मैग्नीज और विटामिन बी-1 के अलावा और दूसरे पौष्टिक तत्त्व भी पाए जाते हैं। इसके अलावा दाल, आलू, साबुत अनाज, सोयाबीन और बीन्स में भी प्रोटीन भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसमें पंद्रह फीसद कैलोरी होती है।

दूध : दूध में कई पौष्टिक तत्त्व होते हैं। यह उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीन का एक उत्कृष्ट स्रोत है। दूध में उच्च मात्रा में कैल्शियम, फास्फोरस और राइबोफ्लेविन (विटामिन बी 2) मौजूद होता है। यही नहीं, दूध से बने उत्पाद जैसे चीज, पनीर और दही में कैल्शियम के साथ प्रोटीन और विटामिन डी भी मौजूद होता है। इसलिए दिनचर्या में एक गिलास दूध पीने की आदत डालें। दूध में इक्कीस फीसद कैलोरी होती है। एक कप दूध में आठ ग्राम प्रोटीन के साथ 149 कैलोरी होती है।

मछली : मछली में महत्त्वपूर्ण पोषक तत्त्वों के साथ ह्रदय को स्वस्थ रखने वाले ओमेगा-3 फैटी एसिड भी पाया जाता है। मछली के अलावा सी-फूड में भी प्रोटीन प्रचुर मात्रा में होता है। सैलमन मछली में 46 फीसद प्रोटीन होता है।
कितनी मात्रा है जरूरी

प्रोटीन की आवश्यकता शरीर के वजन और आप कितनी कैलोरी लेते हैं उस पर निर्भर होती है। इसलिए इसका सही मात्रा में लिया जाना बेहद आवश्यक है। आपकी कुल कैलोरी का बीस से पैंतीस फीसद प्रोटीन से आना चाहिए। प्रतिदिन एक महिला को छियालीस ग्राम और पुरुष को छप्पन ग्राम प्रोटीन ग्रहण करना चाहिए। हालांकि, कई स्वास्थ्य और फिटनेस विशेषज्ञों का मानना है कि हमें बेहतर कार्य करने के लिए इससे कहीं अधिक मात्रा में प्रोटीन लेने की आवश्यकता होती है।