आओ वीरों के गुण गाएं,
आजादी के दीप जलाएं।
देश-भक्ति की माला लेकर,
प्यारा झंडा-गीत सुनाएं!
सह कर जिसने कष्ट घनेरे,
हम लोगों के दुर्दिन फेरे।
अपनी आजादी के खातिर,
पग-पग सहे कष्ट बहुतेरे।
आओ उनको शीश झुकाएं!
आजादी के दीप जलाएं।
भारत माता की जय गाकर,
ब्रिटिश राज रख दिया हिला कर।
चूम लिए फांसी के फंदे,
जिन ने पौरुष वेग दिखा कर।
उनके साहस के गुण गाएं!
आजादी के दीप जलाएं।
करी देश से खत्म बुराई,
लंबी लड़नी पड़ी लड़ाई।
अच्छाई के लिए लड़ें हम,
यहां सदा जीते अच्छाई।
इस दिन सबको गले लगाएं!
आजादी के दीप जलाएं।
देश-प्रेम का भाव जगाओ,
पतझड़ में भी फूल खिलाओ।
हरदम देश हितैषी रह कर,
सब में साहस, प्रेम जगाओ।
घर-घर देश-ध्वजा लहराएं!
आजादी के दीप जलाएं।
शिव मोहन यादव
