मानस मनोहर
लौकी को घिया और दुद्धी या दुधी भी कहते हैं। यह हर जगह और हर मौसम में आसानी से उपलब्ध होने वाली सब्जी है। गरमी के मौसम में इसकी पैदावार अधिक होती है। इस मौसम में इसे खाने में भी बहुत आनंद आता है। देखने में यह साधारण-सी सब्जी सेहत की दृष्टि से बहुत गुणकारी है। खासकर, मधुमेह, रक्तचाप, बुरे कोलेस्ट्रॉल, कब्ज आदि से परेशान लोगों के लिए यह औषधि का काम करती है। देश के विभिन्न हिस्सों में इसे अलग-अलग ढंग से बनाया जाता है। उन्हीं में से कुछ तरीकों पर बात करेंगे।
चना दाल-लौकी
यों लौकी को सामान्य ढंग से मनचाहे आकार में काट कर आधा चम्मच देसी घी में जीरे का तड़का लगा कर पकाएं और खाएं, तो इसका उचित स्वाद मिलता है। लौकी एक ऐसी सब्जी है, जिसमें मसाले वगैरह की बहुत जरूरत नहीं पड़ती। बस नमक डाल कर खाया जा सकता है। पर इसे और स्वादिष्ट बनाने के लिए कुछ अन्य चीजों के साथ मिला कर पकाते हैं। उन्हीं में से एक चना दाल भी है। चना दाल के साथ लौकी पकाने का चलन देश के लगभग हर हिस्से में है। पर अधिकतर लोग चना दाल के साथ जब लौकी पकाते हैं, तो उसमें प्याज, लहसुन, टमाटर आदि का भी प्रयोग करते हैं।
जबकि भोजन का विज्ञान कहता है कि लौकी के साथ प्याज, टमाटर, लहसुन का मेल ठीक नहीं होता। लहसुन-प्याज-टमाटर के रसायन लौकी के गुणों को नष्ट कर देते हैं। बल्कि उनका विपरीत प्रभाव भी पड़ता है। इसलिए लौकी में प्याज-टमाटर डालने से परहेज करना चाहिए। इनके बिना भी लौकी, चने की दाल को स्वादिष्ट बनाया जा सकता है। इससे उनमें मौजूद पोषक तत्त्व अक्षुण्ण रहते हैं। लौकी-चना दाल बनाने के लिए दाल को कम से कम तीन-चार घंटे के लिए भिगो कर रख दें। फिर उसमें नमक और हल्दी डाल कर मध्यम आंच पर दो सीटी तक पका लें।
ताजा और नरम लौकी लें। उसका छिलका उतार कर मनचाहे आकार में काट लें। इसके लिए छोटे टुकड़े काटना ठीक रहता है। अब एक कड़ाही में एक से डेढ़ चम्मच देसी घी गरम करें। उसमें जीरा, हींग, अजवाइन का तड़का लगाएं और उसमें लौकी को छौंक दें। थोड़ा-सा नमक डालें और कड़ाही पर ढक्कन लगा कर मद्धिम आंच पर दस मिनट तक पकने दें। जब लौकी पानी छोड़ने लगे, तो उसमें उबली हुई चने की दाल डालें और फिर ऊपर से एक चम्मच सब्जी मसाला, आधा चम्मच कुटी लाल मिर्च, पांच-छह दाने काली मिर्च के कूट कर डालें और दाल को गाढ़ी होने तक पकने दें। ध्यान रखें कि चने की दाल पक कर बिल्कुल गलनी नहीं चाहिए। फट कर नरम हो जानी चाहिए। सब्जी में पानी अधिक न हो, इसलिए दाल को उबालते समय पानी कम ही डालना चाहिए। लौकी भी पानी छोड़ती है, इसलिए पानी की मात्रा का ध्यान रखना चाहिए। सब्जी गाढ़ी लबाबदार बननी चाहिए।
सब्जी बन जाए तो एक बार फिर तड़का पैन में एक चम्मच घी गरम करें। उसमें जीरा, हींग और साबुत लाल मिर्च का तड़का तैयार करें और इसे सब्जी में ऊपर से डाल दें। सब्जी तैयार है। इसे रोटी, परांठा जिसके साथ चाहें, खाएं।
नारियल के साथ
कच्चे नारियल के साथ लौकी का स्वाद लाजवाब होता है। इसे बनाने में बहुत मशक्कत भी नहीं करनी पड़ती। बस कच्चे नारियल की गीरी को कद्दूकस कर लें या ग्राइंडर में पीस कर बुरादे जैसा बना लें।
अब लौकी को छील कर छोटे टुकड़ों में काटें। एक कड़ाही में एक चम्मच देसी घी गरम करें। ध्यान रखें कि लौकी बनाते समय हमेशा देसी घी का इस्तेमाल करें, इससे उसका स्वाद बढ़ जाता है। रिफाइंड या सरसों के तेल में इसका स्वाद उतना अच्छा नहीं आ पाता। फिर घी में जीरा, राई, हींग, कढ़ी पत्ता, दो साबुत लाल मिर्चें डाल कर तड़का तैयार करें। उसमें लौकी को छौंक दें। कड़ाही पर ढक्कन लगा दें और मद्धिम आंच पर दस मिनट तक पकने दें। जब लौकी पानी छोड़ने लगे और थोड़ी नरम हो जाए, तो उसमें नारियल का बुरादा डालें और नमक डाल कर ठीक से मिला लें। एक बार फिर से कड़ाही पर ढक्कन लगाएं और दस मिनट तक पकने दें। ध्यान रखें कि पानी बिल्कुल सूखने न पाए। अब आंच बंद कर दें और पांच-छह काली मिर्चें कूट कर सब्जी में डालें। चम्मच से दबाते हुए सब्जी को ठीक से मिलाएं। नारियल लौकी की सब्जी तैयार है। इसे जैसे चाहें, खाएं।
अन्य तरीके
’ लौकी के कोफ्ते भी बहुत लोकप्रिय हैं। मगर इसकी तरी बनाने के लिए आमतौर पर प्याज-टमाटर का उपयोग किया जाता है। इसकी जगह आप दही और थोड़े-से भुने बेसन का उपयोग करें। इसमें पिसी हुई सौंफ से स्वाद लाजवाब बन जाता है।
’ कश्मीरी ढंग से लौकी की सब्जी बनाने के लिए हमेशा दही का उपयोग किया जाता है। इसके लिए लौकी का छिलका उतार लें। फिर उसे गोलाकार छल्ले में काट लें। बीच का बीज वाला हिस्सा चाकू से निकाल कर अलग कर दें। फिर इन छल्लों को मैदा या अरारोट में लपेट कर गरम तेल में आधा पकने तक तल लें। फिर एक कड़ाही में जीरा, अजवाइन, हींग और सौंफ का तड़का तैयार करें। उसमें एक से डेढ़ कटोरी फेंटा हुआ दही डालें। उसी में नमक, थोड़ा-सा गरम मसाला और दो चम्मच पिसी सौंफ डाल कर धीमी आंच पर चलाते हुए उबाल आने तक पकाएं। फिर तले हुए लौकी के छल्लों को डालें और धीरे-धीरे चलाते हुए गाढ़ा होने तक पकाएं। ऊपर से तीन-चार कुटी काली मिर्चें डालें। लौकी यखनी तैयार है। रोटी, परांठे, नॉन के साथ खाएं।

