सर्दी का मौसम खानपान के लिहाज से उत्तम होता है। इस मौसम में पाचन तंत्र भी ठीक रहता है और खाने-पीने की बहुत सारी चीजें उपलब्ध रहती हैं। इस मौसम में कई ऐसी चीजें बाजार में उपलब्ध होती हैं, जिन्हें खाने से वर्ष भर सेहत ठीक रह सकती है। उनमें आंवला और कच्ची हल्दी भी शामिल हैं। इस बार आंवले और कच्ची हल्दी के कुछ व्यंजन।
आंवले के लड््डू
वले के गुणों से सभी परिचित हैं। इसमें कैल्शियम और लौह तत्त्व भरपूर मात्रा में पाया जाता है। अगर रोज किसी न किसी रूप में एक आंवले का सेवन किया जाए, तो शरीर में कैल्शियम की कमी से होने वाली परेशानियां कभी पैदा नहीं होंगी। इससे बालों का झड़ना, कमजोर होना रुक जाएगा। मगर बच्चे आंवले की हरी चटनी वगैरह खाने से बचते हैं, इसलिए कि इसका स्वाद कसैला होता है। ऐसे में अगर आंवले के लड््डू बना लिए जाएं और उनके टिफिन में रख दें या भोजन के बाद खाने को दें, तो वे इसे खाने से इनकार नहीं करेंगे। घर के बड़े लोग भी इसे खा सकते हैं। मेहमानों को भी मिठाई की जगह परोसा जा सकता है।
आंवले के लड््डू बनाना बहुत आसान है। इसके लिए बहुत तैयारी नहीं करनी पड़ती। लड््डू बनाने के लिए पहले आंवले को हल्के पानी में डाल कर कुकर में दो सीटी आने तक उबाल लें। फिर इन्हें निथार कर ठंडा होने दें। इन्हें दबा कर इनकी गुठलियां यानी बीज निकाल लें। फिर इन आंवलों को मिक्सर में डाल कर महीन पीस लें।
जितनी मात्रा में आंवले लिए हैं उतनी ही मात्रा में चीनी लें। जैसे आधा किलो आंवला लिया है, तो चीनी की मात्रा भी आधा किलो रखें। अगर इस लड््डू में कुछ मेवे डालना चाहें तो कुछ काजू और बादाम भी काट लें। कुछ हरी इलाइची के दाने भी कूट कर रख लें।
अब एक कड़ाही में एक चम्मच घी गरम करें और उसमें पिसा हुआ आंवला और चीनी डाल कर चलाते हुए पकाएं। मिश्रण गाढ़ा हो जाए तो उसमें इलाइची पाउडर डाल दें। जब मिश्रण का सारा पानी सूख जाए, तो उसे अलग थाली में निकाल दें। यह देखने के लिए कि मिश्रण लड््डू बनाने लायक तैयार हो गया है कि नहीं, थोड़ा-सा मिश्रण अंगुली पर लेकर देखें कि वह चिपचिपा हो गया है या नहीं। वह वहुत ढीला तो नहीं है। ठंडा होने के बाद वह लड््डू के रूप में कड़ा हो पाएगा या नहीं।
अब इस मिश्रण में कटे सूखे मेवे डाल कर मिला लें। मिश्रण हल्का गरम रह जाए तो छोटे-छोटे हिस्से लेकर मनचाहे आकार में लड््डू बना लें। यह लड््डू तीन-चार महीने तक खराब नहीं होता। बच्चों को रोज एक लड््डू खाने को अवश्य दें। इसी तरह आंवले की मीठी-चटपटी चटनी बना कर रख सकते हैं, जिसे भोजन के वक्त खा सकते हैं।
आंवले की मीठी चटनी
ड््डू की तरह आंवले की चटनी बनाना भी बहुत आसान है। जिस तरह आंवले को उबालने के बाद पीस लिया था, वैसे ही पीस लें। चटनी बनाने के लिए चाहें तो चीनी के बजाय गुड़ का उपयोग कर सकते हैं। इसमें डालने के लिए कुछ काजू और किशमिश भी ले सकते हैं। चटनी बनाने के लिए थोड़े से मसालों की भी जरूरत पड़ती है। उसमें जीरा पाउडर, धनिया पाउडर, कुटी लाल मिर्च और थोड़ा-सा काला नमक या चाट मसाला जरूर पड़ता है।
पहले एक कड़ाही में एक से दो चम्मच घी गरम करें। उसमें जीरा, मेथी दाना और अजवाइन का तड़का दें। उसी में पिसे हुए आंवले और गुड़ या बराबर मात्रा में चीनी डालें और थोड़ी देर पकने दें। जब गुड़ या चीनी ठीक से घुल जाए तो उसमें सभी मसाले डाल कर मिला लें। इस चटनी को दोनों रूपों में बनाया जा सकता है। सूखे रूप में और तरल रूप में। अगर चटनी को थोड़ा गाढ़ा तरल बनाना चाहते हैं, तो आंवले उबालने के बाद जो पानी निथार कर रखा था, उसमें से थोड़ा पानी इस मिश्रण में डालें। जब चटनी पक कर गाढ़ी हो जाए, तो आंच बंद कर दें। इस चटनी को किसी भी भोजन के साथ खाया जा सकता है। रोटी, परांठे, चावल-दाल के साथ। बच्चों को यह चटनी खाने की आदत जरूर डालें।
कच्ची हल्दी की
चटपटी चटनी
स मौसम में कच्ची हल्दी खूब मिलती है। आंवले की तरह हल्दी के गुण भी बहुत हैं। सब जानते हैं कि हल्दी अनेक तरह के बैक्टीरिया को समाप्त करता है। दर्द निवारक का भी काम करता है। पेट संबंधी अनेक समस्याओं को दूर करता है। खून को साफ करता और उसमें आक्सीजन की मात्रा बढ़ाता है। इस मौसम में कच्ची हल्दी की मीठी चटनी बना कर रख लें और पूरी सर्दी रोज खाएं, सेहत के लिए बहुत लाभकारी होगी।
हल्दी की चटनी बनाना भी बहुत आसान है। कच्ची हल्दी की गांठों से छिलका उतार लें। फिर इसे कद्दूकस कर लें या बारीक काट लें। इसमें डालने के लिए बराबर मात्रा में गुड़ या चीनी की जरूरत पड़ती है। साथ ही मसालों में जीरा, अजवाइन, साबुत धनिया, मेथी दाना, कुटी लाल मिर्च, तेजपत्ता चाहिए होता है। कड़ाही में एक या दो चम्मच देसी गी गरम करें। उसमें मेथी दाना, जीरा, साबुत धनिया, अजवाइन और तेजपत्ते का तड़का दें। फिर उसमें घिसी या कटी हुई कच्ची हल्दी और चीनी या गुड़ डालें और ठीक से चला लें।
जब चीनी घुल जाए, तो उसमें थोड़ा-सा पानी डाल कर मिला लें। अब ऊपर से कुटी लाल मिर्च, धनिया पाउडर और जीरा पाउडर डालें। चुटकी भर खाने का नमक और चुटकी भर काला नमक भी डाल दें। अब हल्दी के पक कर नरम होने और चटनी के गाढ़ा होने तक ढंक कर पकाएं। इसी में कुछ किशमिश और काजू के टुकड़े डालें और तेजपत्ता बाहर निकालने के बाद चटनी को एक जार में भर कर रख दें। रोज भोजन के साथ इस चटनी को खाएं, सर्दी में शरीर को गरमी भी देगी और अनेक तरह की समस्याओं से दूर रखेगी।

