अगर आपने अपने घर का रंग-रोगन करा लिया है, तो काफी हद तक घर की सफाई हो गई है। मगर बहुत सारे लोग हर दिवाली में घर का रंग-रोगन नहीं कराते या करा पाते। ऐसे लोगों को घर की सफाई का विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है। कहते हैं, साफ-सुथरे घर में ही लक्ष्मी यानी सुख-समृद्धि का वास होता है। इसके पीछे केवल धार्मिक कारण नहीं हैं। वैज्ञानिक कारण भी हैं। दिवाली का त्योहार बरसात के बाद आता है। बरसात की वजह से नमी और ऊमस के चलते घर के विभिन्न हिस्सों में बैक्टीरिया पैदा हो जाते हैं। अगर उनकी ठीक से सफाई न हो तो बीमारियां पैदा करते हैं। इसी तरह मच्छरों के अंडे, छिपकलियों का बसेरा, तिलचट्टों आदि कीटों का घर में वास हो जाता है। उनकी सफाई का यह सबसे उपयुक्त मौसम होता है।

इसलिए दिवाली में सफाई पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। बहुत सारे लोग सफाई का मतचब ठीक से झाड़ू-पोंछा करना मान लेते हैं। बहुत हुआ, तो पंखों, अलमारियों, रसोई की सफाई कर लेते हैं। पर इतने से काम नहीं बनता। दीवारों से लेकर घर के हर कोने की सफाई जरूरी है। रसोई और बाथरूम पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है।

दीवारों से करें शुरुआत

बरसात में नमी की वजह से सबसे अधिक दीवारों पर गंदगी चिपकती है। उसमें तरह-तरह के बैक्टीरिया और कीट पलते हैं। अपने पंखों के डैनों पर ध्यान दें, वे गंदगी से काले पड़ गए होते हैं, तो अंदाजा लगाइए कि बाहर से आने वाले धूल-धुएं के प्रभाव से आपकी दीवारें भला कैसे वंचित रह सकती हैं। दीवारों की गंदगी सहज ही नहीं दिखती, पर कपड़े से पोंछ कर देखें, तो पता चलेगा कि उन पर कितनी गंदगी जमी है। इसलिए सबसे पहले सफाई की शुरुआत दीवारों से करें। पहले ऊपर की दीवार यानी छत से। पंखों को उतार कर उनके डैनों को खोल कर गरम पानी और सर्फ से पोंछ कर साफ करें। कभी भी टंगे हुए पंखों की सफाई न करें, इससे डैने टेढ़े हो जाते हैं और फिर उनकी हवा ठीक से नहीं आती।

फिर कपड़े वाले ब्रश से रगड़ कर छत की सफाई करें। गीले कपड़े का प्रयोग न करें, नहीं तो दाग बन सकता है। अगर दीवारों पर प्लास्टिक पेंट लगा है, तो उन पर लगे दाग को पानी से भी साफ कर सकते हैं। इसी तरह सारी दीवारों को पोंछ कर साफ कर लें। खासकर कोनों की सफाई पर विशेष ध्यान दें।
इसी तरह घर की अलमारियों, सजावटी वस्तुओं आदि को पहले सूखे कपड़े से और फिर गीले कपड़े या कोलीन जैसे रसायनों से सफाई कर सकते हैं।

रसोई की सफाई

सफाई के लिहाज से घर में रसोई सबसे महत्त्वपूर्ण हिस्सा होता है। वहां रोज भोजन पकने से तेल, घी, फलों के रस वगैरह की चिकनाई और फिर उनमें गंदगी जमा होती रहती है। उसमें बैक्टीरिया पलते रहते हैं। इसलिए रसोई की सफाई करते समय हर उपकरण को सावधानीपूर्वक साफ करें। खासकर चिमनी, गैस चूल्हा, अवन, मिक्सर वगैरह। चूल्हे की नॉब यानी बटनों को सावधानी से निकाल लें, फिर उन्हें गरम पानी में डिटर्जेंट डाल कर दांत मांजने वाले ब्रश से रगड़ कर ठीक से साफ कर लें। इसी तरह चिमनी की जालियों को निकाल कर गरम पानी में डिटर्जेंट मिला कर थोड़ी देर भिगोएं और जब उन पर जमा गंदगी फूल जाए तो ब्रश से रगड़ कर धो लें। चिमनी की जालियां साफ नहीं होतीं, तो चिमनी की मोटर पर असर पड़ता है और रसोई का धुआं बाहर नहीं निकलता, इसलिए उसी सफाई पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। इसी तरह ओवन और दूसरे उपकरणों को साफ कर लें।

बाथरूम

हम बाथरूम में रोज नहाते-धोते हैं, पर सामान्य तौर पर उसकी सफाई के नाम पर बस पोंछा वगैरह लगा कर काम पूरा हुआ मान लेते हैं। बाथरूम की सफाई भी बहुत जरूरी होती है। पानी, साबुन डिटर्जेंट वगैरह की परत उसकी दीवारों पर जमती रहती है। उसे रगड़ कर साफ करना होता है। इसके लिए बाजार में रसायन आते हैं, जिसे ब्रश की मदद से लगा कर कुछ देर छोड़ दें और फिर रगड़ कर साफ करें। बाथरूम के कोनों में अक्सर पीले रंग की परत जम जाती है, वह सामान्य रूप से पोंछने पर नहीं उतरती, उसे रसायन से ही साफ करना पड़ता है। इस गंदगी में बैक्टीरिया पलते रहते हैं। इसी तरह बाथरूम के जलनिकास वाली जालियों को भी रगड़ कर साफ करना जरूरी है, नहीं तो वहां सबसे अधिक बैक्टीरिया पैदा होते हैं। पॉट की सफाई तो नियमित होनी ही चाहिए, बाथरूम की अलमारियों आदि की भी सफाई जरूरी है।

नींबू और फिटकरी का उपयोग

अक्सर बाजार में उपलब्ध सफाई के रसायनों का उपयोग किया जाता है। पर कई जगह इन रसायनों के इस्तेमाल से बुरा प्रभाव भी पड़ता है। जैसे बाथरूम या रसोई में लगे नल, फ्रिज, ओवन आदि की सफाई में बाजार के रसायनों का इस्तेमाल करने से उनकी चमकीली परत धूमिल पजड़ने और फिर उखड़ने लगती है। इसलिए उनकी सफाई में तेजाब मिले रसायनों का उपयोग कभी नहीं करना चाहिए। इसके लिए कुछ घरेलू चीजों का उपयोग करना चाहिए। जैसे फ्रिज और रसोई गैस के चूल्हे वगैरह की सफाई में फिटकरी के घोल का उपयोग करें, तो सफाई भी ठीक हो जाती है और इन चीजों की चमक भी नहीं जाती।

इसी तरह चिकनाई उतारने के लिए नींबू का रस बहुत कारगर साबित होता है। गरम पानी में नींबू का रस डाल कर रसोई गैस, ओवन आदि की सफाई करें, तो चिकनाई बहुत आसानी से उतर जाती है। नींबू के रस का उपयोग सब्जी काटने वाले फट्टे और चिकनाई युक्त बर्तनों जैसे कड़ाही, तवा आदि की सफाई में भी करना चाहिए। नींबू से सफाई तो अच्छी होती ही है, बदबू वगैरह भी मिट जाती है।