मानस मनोहर

सर्दी के मौसम में सब्जियों की बहुतायत होती है। उन्हें सिर्फ छौंक-बघार कर, तेल-मसाले के साथ खाने के बजाय कच्चे रूप में सलाद के तौर पर या फिर उन्हें पका कर सूप या शोरबे के रूप में भी खाया जा सकता है। बहुत सारे लोग भोजन में सलाद और सूप का उपयोग करते हैं, पर इन्हें बनाने और खाने के बारे में सही जानकारी न होने के कारण कई बार पाचन तंत्र पर उनका बुरा असर भी पड़ता है। इसलिए इस बार सूप और सलाद बनाने के बारे में बात करते हैं।

प्रकृति में जो भी फल, सब्जियां, अन्न उपलब्ध हैं, वे सब स्वास्थ्य को किसी न किसी प्रकार से लाभ पहुंचाते हैं। पर हर चीज की अपनी प्रकृति होती है। हर खाद्य को पचाने के लिए आमाशय को अलग-अलग रसायन बनाने पड़ते हैं। इसलिए जब हम कई सारी चीजें को एक साथ मिला कर खाते हैं, तो उन्हें पचाने के लिए भिन्न-भिन्न प्राकार के रसायन एक साथ बनाने पड़ते हैं। इसमें लीवर पर दबाव पड़ता है। इस तरह वह कमजोर हो जाता है। इसके अलावा, जिन चीजों को पचाने के लिए वह रसायन नहीं बना पाता या कम मात्रा में बना पाता है, वह खाद्य हमारे आमाशय में पड़ा-पड़ा सड़ता रहता है, जो कई परेशानियां पैदा करता है। इसलिए जरूरी है कि खासकर सब्जियों से तैयार होने वाले खाद्य के बारे में सावधानी बरतें। सब्जियां जब भी बनाएं, उनमें एक मौसम में पैदा होने वाली सब्जियों को ही साथ पकाएं। विपरीत मौसम में तैयार सब्जियों का मेल कई बार गड़बड़ी पैदा करता है। फिर सब्जियों में फल और दुग्ध उत्पाद का मेल कभी न करें।

हरा-भरा सूप
बहुत सारे लोग सूप के लिए बाजार में उपलब्ध पैकेट वाले पाउडर को पानी में घोल कर सूप तैयार करते हैं। मगर पैकेट में उपलब्ध जो भी खाद्य सामग्री होती है, वह स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छी नहीं मानी जाती। सूप जब भी बनाएं, घर में ताजा बनाएं और खाएं या पीएं। सर्दी के मौसम में इतनी सारी सब्जियां उपलब्ध होती हैं कि आप भोजन की जगह रात को केवल सब्जियों से बना हरा-भरा सूप खाकर ही भोजन संपन्न कर सकते हैं।

हरा-भरा सूप जब भी बनाएं, उसमें इस मौसम में पैदा होने वाली सब्जियों का ही उपयोग करें। उसमें मटर, गाजर, पत्ता गोभी, फूल गोभी, चुकंदर, हरी बीन्स, पालक, ब्रोकली वगैरह ले सकते हैं। इन सारी सब्जियों को गरम पानी में नमक डाल कर पहले अच्छी तरह धो लें। फिर एक कुकर में एक गिलास पानी डालें और नमक डाल कर दो से तीन सीटी आने तक पका लें। कुकर की भाप निकल जाए, तो ढक्कन खोल दें। सारी सब्जियों को मसल लें और तीन-चार कुटी काली मिर्च डाल कर मिलाएं और गरमागरम खाएं। वैसे हरा-भरा सूप इसी तरह खाना चाहिए और भर पेट खाना चाहिए। ध्यान रखें कि इसमें पनीर, क्रीम या किसी भी प्रकार के फल का उपयोग न करें। नींबू का रस भी न डालें।

अगर सब्जियों को चबाने में दिक्कत है या फिर बाजार की तरह गाढ़ा सूप बनाना चाहते हैं, तो इन उबली हुई सब्जियों को ठंडा होने दें और फिर मिक्सर में डाल कर मोटा-मोटा पीस लें। फिर एक कड़ाही में डाल कर इसे गरम करें। ऊपर से एक चम्मच कार्नफ्लावर यानी अरारोट या मक्के का आटा पानी में घोल कर डालें। एक उबाल आने दें। सूप बाजार की तरह गाढ़ा हो जाएगा। फिर कटोरे में निकालें और ऊपर से सिर्फ कुटी हुई काली मिर्चें डाल कर गरमा-गरम पीएं।

हरियाला सलाद
भोजन में प्राय: लोग सलाद का उपयोग करते हैं। पर कई लोग सलाद बनाने में कुछ गड़बड़ियां करते हैं। सलाद बनाते समय कई लोग अंगूर, सेब, चीकू, अनान्नास, संतरा आदि फलों का उपयोग भी करते हैं। कुछ लोग इसमें क्रीम यानी दूध की मलाई या दही भी इस्तेमाल करते हैं। इस तरह सलाद खाने में स्वादिष्ट तो जरूर हो जाता है, पर सेहत की दृष्टि से विरुद्ध आहार है। फल और दूध या फिर सब्जियों का मेल कभी नही करना चाहिए। इससे पेट में जहरीले रसायन बनने की संभावना रहती है।

जब भी सलाद बनाएं, खाने से थोड़ा पहले ही बनाएं। कभी सलाद को काट कर देर तक न रखें। बस सलाद काटें, बनाएं और खा लें। इसके अलावा मुख्य भोजन के साथ सलाद खाने से परहेज करें, क्योंकि पके हुए अन्न और कच्ची सब्जियों का मेल कई बार पाचन में गड़बड़ी पैदा करता है। इसलिए सलाद को खाने से कुछ पहले या बाद में खाने का प्रयास करें। अगर चाहें तो भोजन के रूप में केवल सलाद खाएं।

सलाद का असल गुण उसका कचकचापन यानी क्रंचीनेस है। मगर पत्तेदार सब्जियों को सिर्फ सामान्य पानी से धोकर खाना आजकल सुरुक्षित नहीं रह गया है, इसलिए धोने के बाद इन्हें पहले थोड़ी देर भाप में या नमक मिले गरम पानी में रखें। फिर तुरंत बर्फ वाले पानी या बिल्कुल ठंडे पानी में डाल दें। इस तरह इसके कीटाणु भी मर जाएंगे और उनका कचकचापन भी बरकरार रहेगा।

हरियाला सलाद बनाने के लिए पत्ता गोभी, सलाद पत्ता, ब्रोकली, हरी बीन्स, पालक, खीरा, गाजर, शलजम, चुकंदर वगैरह का उपयोग कर सकते हैं। इन सबको मनचाहे आकार में काट कर पहले दो मिनट के लिए नमक मिले तेज गरम पानी में डालें, फिर निकाल कर तुरंत बर्फ के टुकड़े मिले पानी में छोड़ दें। पानी निथार कर इस पर नमक और कुटी काली मिर्च डाल कर परोसें। चाहें तो इसमें कच्चा सरसों तेल या जैतून का तेल भी थोड़ा-सा डाल कर मिला सकते हैं। इससे स्वाद बढ़ जाता है। अगर टमाटर ले रहे हैं, तो उसके साथ कच्चे सरसों तेल का मेल बहुत अच्छा लगता है। अगर चाहें, तो हरे सलाद में कुछ अंकुरित मूंग, चला, गेहूं, मेथी दाने का भी उपयोग कर सकते हैं, पर अंकुरित अन्न को भी वैसे ही पहले गरम और फिर ठंडे पानी में रखें, फिर उपयोग करें। इस तरह स्वाद और सेहत दोनों बने रहेंगे।