दिशा ग्रोवर
कविता
समझ जा मच्छर
जूजूजू कर मच्छर बोला
काटा हाय समझ के भोला।
अगर पकड़ लूं मैं भी तुमको
छेडूं तुमको थोड़ा थोड़ा?
हर जगह पैदा हो जाते
जब देखो तब हमें सताते।
बहुत बेसुरा गाना गाते
सोते सोते हमें जगाते।
कभी-कभी तो हद कर देते
बीमारी का दुख दे देते।
क्या मां ने यह नहीं सिखाया
दुख किसी को कभी न देते!
जल्दी से अब समझ जा मच्छर
वरना तू ही पछताएगा
गुस्से में जो पकड़ लिया तो
मार बहुत बस तू खाएगा।
शब्द-भेद: कुछ शब्द एक जैसे लगते हैं। इस तरह उन्हें लिखने में अक्सर गड़बड़ी हो जाती है। इससे बचने के लिए आइए उनके अर्थ जानते हुए उनका अंतर समझते हैं।
धरा/धारा: पृथ्वी का पर्याय है धरा। इसका एक अर्थ संसार भी है। जैसे- इस धरा धाम में मनुष्य श्रेष्ठ प्राणी है। जबकि धारा का अर्थ नदी के पानी का बहाव, प्रवाह है। इसके अलावा कानून के अनुच्छेद, जिसे अंगरेजी में आर्टिकल कहते हैं, को भी धारा कहते हैं।
दमक / धमक: चमक का पर्याय है दमक। जैसे सोना दमकता है। जबकि धमक का अर्थ होता है किसी वस्तु के गिरने से पैदा होने वाला कंप। या चलने से जब फर्श पर कंपनयुक्त आवाज आती है, उसे धमक कहते हैं।
