कविता: बिल्ली आई

श्रवण कुमार सेठ

बिल्ली आई बिल्ली आई
चूहे ने आवाज लगाई

गहरी नींद से जागे चूहे
डर के मारे भागे चूहे

बिल से चूहे झांक रहे थे
थर थर थर कांप रहे थे

पेड़ के पीछे छुप गई बिल्ली
इतने में इक चुहिया निकली

बिल्ली ने झपट्टा मारा
चुहिया ने फेंक दुपट्टा मारा

घुस गई फिर से बिल में चुहिया
बिल्ली चिल्लाई मईया मईया।

शब्द-भेद: कुछ शब्द एक जैसे लगते हैं। इस तरह उन्हें लिखने में अक्सर गड़बड़ी हो जाती है। इससे बचने के लिए आइए उनके अर्थ जानते हुए उनका अंतर समझते हैं।

असमान / आसमान: समान यानी एक बराबर का विलोम है असमान। यानी जब दो या दो से अधिक वस्तुए अपने गुण-धर्म में एक समान न हों तो उन्हें असमान कहते हैं। जबकि आसमान शब्द से आप परिचित हैं। आसमान यानी आकाश, गगन।

उद्यत / उद्धत: जब कोई किसी कार्य के लिए तत्पर रहता हो, हर समय उसे करने को तैयार रहता हो तो उसे उद्यत कहते हैं। जबकि उद्धत का अर्थ होता है, उद्दंड, प्रचंड, उग्र, अक्खड़। जो उद्दंड स्वभाव के होते हैं उन्हें उद्धत कहा जाता है।