मानस मनोहर
मेथी के गुणों से सभी परिचित हैं। मधुमेह रोगियों के लिए यह बहुत गुणकारी औषधि मानी जाती है। इसका स्वाद भी लाजवाब होता है। सर्दी में मेथी बहुतायत मिलती है। आमतौर पर लोग मेथी के परांठे बनाते या फिर आलू के साथ सब्जी के रूप में इस्तेमाल करते हैं। कुछ लोग कढ़ी भी बनाते हैं। पर मेथी को खाने के इन पारंपरिक तरीकों से अलग कुछ और भी व्यंजन बनते हैं, जो स्वाद में लाजवाब होते हैं। इस बार मेथी के कुछ ऐसे ही व्यंजन।
मेथी मटर मलाई
मेथी मटर मलाई लजीज सब्जी में शुमार है। इसमें चूंकि मलाई और फ्रेश क्रीम डाली जाती है, इसलिए यह गरिष्ठ सब्जी हो जाती है। मगर स्वाद में इसका कोई जवाब नहीं। कई लोग इसे खाने रेस्तरां जाते हैं। हालांकि इसे घर में बनाना बहुत आसान है। इसे बनाने के कई तरीके हैं। कुछ लोग इसे बटर, मलाई, काजू पेस्ट और फ्रेश क्रीम में पकाते हैं। कुछ लोग इसमें टमाटर प्यूरी या पिसा टमाटर और दही, बेसन, क्रीम का इस्तेमाल करते हैं।
हम इसे दूसरी विधि से बनाएं, तो इसे सभी आयुवर्ग के लोग खा सकते हैं। जिन्हें अधिक चिकनाई खाने से परहेज है, वे भी इसे खा सकते हैं। दरअसल, इसमें स्वाद मेथी और मटर का ही मजेदार होता है, पर मलाई यानी क्रीम पड़ने से और मजेदार हो जाता है। चूंकि इसका नाम ही है मेथी मटर मलाई, सो मलाई तो इसमें पड़नी ही चाहिए। घर में आप जो दूध इस्तेमाल करते हैं, उसे ठंडा करने के बाद उसके ऊपर से मलाई उतार कर रख लें। यह मलाई इस सब्जी में उपयोग की जा सकती है। इसके अलावा सब्जी को और लजीज बनाना चाहते हैं तो बाजार की फ्रेश क्रीम भी ले लें। अगर इसे और मुलायम बनाना चाहते हैं तो कुछ काजू के दाने भिगो कर रख दें और जब टमाटर पीसें, तो उसके साथ काजू को भी पीस लें।
तो, आइए बनाते हैं मेथी मटर मलाई। इसके लिए सबसे पहले मेथी को साफ कर के अच्छी तरह धो लें। साफ करते समय मेथी के सिर्फ मुलायम हिस्से को लें। अगर हो सके, तो सिर्फ पत्ते लें। फिर मटर के दाने धोकर साफ कर लें। मेथी और मटर की मात्रा वजन में बराबर रख सकते हैं। चाहें तो मेथी की मात्रा कुछ अधिक रखें। अगर वजन का अंदाजा नहीं कर पा रहे, तो अगर एक कटोरी मटर के दाने ले रहे हैं, तो दो से ढाई कटोरी कटी हुई मेथी के पत्ते ले सकते हैं। इसके अलावा इसमें डालने के लिए एक से डेढ़ खाने वाले चम्मच से बेसन ले लें।
एक कटोरी दूध से उतारी हुई मलाई को अच्छी तरह फेंट कर ले लें। आधा कटोरी पानी निथारा हुआ दही लें। दो मध्यम आकार के टमाटर और चार-पांच काजू के दाने ले लें। इसमें लहसुन-प्याज का इस्तेमाल न करें, तो खुशबू अच्छी आती है। वैसे हरी सब्जियों में प्याज का इस्तेमाल करने से परहेज ही करना चाहिए। अब एक कड़ाही में दो चम्मच देसी घी गरम करें। आंच तेज रखें और फिर उसमें मटर के दानों को चलाते हुए दो मिनट के लिए तल लें। उन्हें बाहर निकाल कर रख लें। फिर उसमें मेथी के पत्ते डाल कर उसी तरह तेज आंच पर दो मिनट के लिए भूनें। इस तरह मेथी की कड़वाहट कुछ कम हो जाएगी और सब्जी में उसका हरापन बरकरार रहेगा।
अब टमाटर और काजू का पेस्ट बना लें। एक कड़ाही गरम करें। उसमें दो चम्मच घी या तेल गरम करें जीरे का तड़का देने के बाद एक से डेढ़ चम्मच बेसन डाल कर मध्यम आंच पर सुनहरा होने तक भूनें। जब यह भुन जाए, तो उसमें निथरे हुए दही को अच्छी तरह फेंट कर डालें और चलाते हुए तब तक पकाएं, जब तक कि वह तेल न छोड़ दे। अब इसमें चुटकी भर लाल मिर्च पाउडर, एक चम्मच सब्जी मसाला डालें और ठीक से मिला लें। अब फेंटी हुई मलाई डालें और चलाते रहें। इसी के साथ मेथी और मटर डालें। जरूरत भर का नमक डालें और सब कुछ को मिला कर थोड़ी देर के लिए ढंक कर पकाएं। अगर पानी कम लग रहा है, तो थोड़ा-सा गरम पानी डाल सकते हैं। जब उबाल आने लगे तो ढक्कन खोलें और सब्जी को चला कर देख लें कि सब कुछ ठीक से मिल गया है या नहीं। फिर ऊपर से आधा कटोरी फ्रेश क्रीम डालें और दो मिनट चलाते हुए पकाने के बाद आंच बंद कर दें। मेथी मटर मलाई तैयार है। हरी मिर्च और अदरक से सजाएं और परोसें।
मेथी दाल
मेथी दाल रोजमर्रा उपयोग में लाई जाने वाली दाल की तरह ही होती है। इसे रोटी या चावल के साथ खाया जा सकता है। दाल में मेथी का स्वाद बहुत लजीज होता है। सेहत की दृष्टि से तो यह उत्तम है ही। मेथी दाल बनाना बहुत आसान है। यों तो इसमें किसी भी दाल का उपयोग किया जा सकता है, पर बिना छिलके वाली मूंग की दाल में इसका स्वाद बहुत अच्छा आता है। इसे बनाने के लिए अगर एक कटोरी मूंग की दाल ले रहे हैं, तो दो से ढाई कटोरी मेथी के पत्ते लें। दाल को आधे घंटे पहले भिगो कर रखें।
एक कड़ाही में दो चम्मच देसी घी गरम करें और तेज आंच पर पहले मेथी के पत्तों को दो मिनट के लिए तल कर अलग रख लें। फिर उसमें जीरा और अजवाइन का तड़का लगाएं और दाल डाल दें। अगर चटपटा बनाना चाहते हैं, तो एक टमाटर और कुछ लहसुन की कलियां बारीक काट कर तड़के में डाल सकते हैं। दो कटोरी पानी डालें और उसमें चुटकी भर हल्दी और लाल मिर्च पाउडर, जरूरत भर का नमक और एक चम्मच सब्जी मसाला डाल कर आंच धीमी करके कड़ाही पर ढक्कन लगा कर पकने दें। जब दाल में उबाल आकर झाग खत्म हो जाए, तो ढक्कन खोलें और फिर तली हुई मेथी डालें। सब कुछ को मिला लें। जब दाल के दाने पक कर फटने लगें, तो आंच बंद कर दें। दाल तैयार है। इसमें ऊपर से हरी मिर्च और अदरक महीन-महीन काट कर डालें और गरमा-गरम खाएं।

