इन दिनों अमेजन के जंगलों में लगी आग दुनिया भर में चर्चा का विषय है। इसलिए कि अमेजन के जंगलों के समाप्त होने से दुनिया का वातावरण बिगड़ेगा। विश्व भर को करीब बीस प्रतिशत आक्सीजन अकेले अमेजन के जंगल देते हैं। इस तरह उनके उजड़ने से दुनिया भर की आबो-हवा बिगड़ेगी। फिलहाल वहां लगी आग से आसमान में जिस मात्रा में धुएं का गुबार उठ रहा है, वही बड़ी मुसीबत साबित हो रहा है। जब वैश्विक ताप बढ़ेगा, तो इसका दीर्घकालिक असर पड़ेगा। अमेजन की आग के बारे में बता रही हैं दीप्ति अंगरीश।

एक पुरानी कहावत है कि जंगल में जब आग लगती है, तो केवल चूहे सुरक्षित रहते हैं, क्योंकि वे जमीन के अंदर अपना घर बनाते हैं। उसके अलावा अधिकतर जीव-जंतुओं का जीवन संकट में होता है। अगर आग की भयावहता प्रचंड हो, तो मानवीय जीवन पर भी इसके दुष्प्रभाव पड़ते हैं। जब बात दुनिया के सबसे बड़े जंगल अमेजन की हो और आग की लपटें कई दिन तक धधकती रहें, तो पूरे विश्व का चिंतित होना स्वाभाविक है। इन दिनों यही हो रहा है। पूरी दुनिया भौंचक है। कई देशों की सरकारें चिंतित हैं। पर्यावरणविद और पारिस्थितिकी विशेषज्ञ इससे पैदा होने वाले संकट पर विमर्श में जुट गए हैं।

यह कहना गलत न होगा कि आॅक्सीजन का प्राकृतिक स्रोत हैं अमेजन के जंगल। जब जंगल ही नहीं रहेंगे, तब हमारा अस्तित्व ही मिट जाएगा। इन्हें जलने से बचाना होगा, वरना हमारी सांसें अटकी रहेंगी। मीडिया रपटों के मुताबिक पिछले तीन सप्ताह से अमेजन के जंगल में आग दहक रही है। यहां आग का प्रकोप सत्ताईस सौ वर्ग किलोमीटर तक फैल चुका है। ऐसे में हमारा घबराना लाजमी है। कारण, समस्त दुनिया को बीस फीसद आॅक्सीजन अमेजन के जंगल से प्राप्त होता है।

हाल ही में सेटेलाइट की मदद से अमेजन में लगी आग की तस्वीरें ली गर्इं। इतने घने जंगल में इंसान के बूते यह संभव कहां है कि वह सही-सही आकलन कर सके। इस लिए जो तस्वीर सेटेलाइट ने दिया, उसके आधार पर ही विवेचन किया गया। उसके मुताबिक आग ब्राजील के अमेजन, रोंडोनिया, पारा और माटो ग्रासो स्टेट के जंगलों में लगी है। सबसे ज्यादा प्रभावित अमेजन हुआ है। इसका असर ब्राजील और पड़ोसी देशों पर भी पड़ा है।

ब्राजील का यह वनक्षेत्र दुनिया का कुल बीस फीसद आॅक्सीजन पैदा करता है। यह कुल दस फीसदी जैव-विविधता वाला क्षेत्र है। इस क्षेत्र को पृथ्वी का फेफड़ा माना जाता है। यह जलवायु को नियंत्रित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, अगर यह वन क्षेत्र खत्म होता है, तो इसका दुनिया पर बुरा असर पड़ेगा। वैसे अधिकारियों के मुताबिक, जंगल में आग लगने की अधिकांश घटनाओं का कारण खेती और पशुपालन होता है।

जंगल का फैलाव
गर किलोमीटर में बात करें तो अमेजन के जंगल पचपन लाख वर्ग किलोमीटर में फैले हुए हैं। यह जंगल यूरोपीय देशों के पूरे क्षेत्रफल का डेढ़ गुना बड़ा है। भारतीय परिप्रेक्ष्य में बात करें तो यह जंगल भारत के क्षेत्रफल का दोगुना है। केवल क्षेत्रफल के लिहाज से नहीं, अपनी दो विशेषताओं की वजह से भी अनूठे हैं अमेजन के जंगल। पहला, यहां सोलह हजार से ज्यादा पेड़-पौधों की प्रजातियां मौजूद हैं। साथ ही उनतालीस हजार करोड़ पेड़ हैं। यहां बाघ, शेर, गैंडा, औरांगउटांग, जिराफ, हाथी आदि जानवरों को देखा जा सकता है। दूसरा, अमेजन के जंगल से अमेजन नामक नदी प्रवाहित होती है, जो विश्व की दूसरी सबसे लंबी नदी है। मगर यहां जिस तरह पिछले तीन सप्ताह से आग दहक रही है और वह सत्ताईस हजार वर्ग किलोमीटर तक फैल चुकी है, उसमें कई जीव जंतु, पेड़-पौधे जल कर अपना अस्तित्व खो रहे हैं। अगर इस आग को बुझाया नहीं गया, तो प्राणियों को सांस लेने में तकलीफ होगी और हम पृथ्वीवासी दुर्लभ हरियाली की प्रजातियों को खो देंगे।

अमेजन का भूगोल
बता दें कि दुनिया का सबसे बड़ा जंगल है अमेजन। यह इतना विशाल है कि इसका फैलावा नौ देशों तक फैला है। ये देश हैं ब्राजील, बोलिविया, कोलंबिया, इक्वाडोर, गिनी, पेरू, फें्रच गिनी, सूरीनाम और वेनेजुएला। इस जंगल को आक्सीजन की मशीन कह सकते हैं, क्योंकि हर साल यह लाखों टन कार्बन उत्सर्जन को सोख लेता है। जब पेड़ काटे या जलाए जाते हैं, तो उनके अंदर जमा हुआ कार्बन वायुमंडल में चला जाता है।

अमेजन की लगातार होती कटाई से सिर्फ जंगल नहीं. समस्त दुनिया खतरे में है। अगर इसको सरकार ने नहीं रोका तो पृथ्वी पर तापमान बिगड़ जाएगा। क्योंकि यह पृथ्वी का सबसे महत्त्वपूर्ण हिस्सा है। यह न सिर्फ मानसून के चक्र को बनाए रखता है, बल्कि मिट्टी के कटाव को रोकने में मदद भी करता है। जंगल प्राकृतिक विविधता को बनाए रखते हैं।

क्या है पूरा घटनाक्रम
पिछले तीन सप्ताह से ब्राजील में अमेजन के जंगलों में आग लगातार फैल रही है। दक्षिण अमेरिका के ब्राजील में मौजूद दुनिया का सबसे बड़ा वर्षा वन और दुनिया के फेफड़ों के नाम से प्रसिद्ध इस जंगल में आग बुझने का नाम ही नहीं ले रही है। आग से तबाही का मंजर भयावह होता जा रहा है। यहां आग लगने से इसके आसपास के इलाके ब्राजील के उत्तरी राज्य रोरैमा, एक्रे, रोंडोनिया और अमेजोनास बुरी तरह प्रभावित हैं। इस नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्पेस रिसर्च के अनुसार बीते आठ महीने में तिहत्तर हजार बार आग लगने की घटनाएं दर्ज हुर्इं। 2018 के मुकाबले इस बार ऐसी घटनाओं में तिरासी प्रतिशत बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 2013 के बाद आग लगने का यह सबसे बड़ा आंकड़ा है। अधिकारियों के मुताबिक जंगलों में आग बीते दो-तीन सप्ताह से लगातार बढ़ रही है। ब्राजील ने इन घटनाओं पर महीने की शुरुआत में ही आपातकाल घोषित किया था।
दमघोंटू माहौल

ब्राजील के जंगल में आग की लपटों और धुएं ने जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। इससे असंख्य जीव-जंतुओं की मौत हो चुकी है और पेड़-पौधे झुलस गए हैं। यहां आग की प्रचंडता सत्ताईस सौ वर्ग किलोमीटर तक फैल चुकी है। इस आग की पुख्ता तस्वीर यूरोपियन यूनियन अर्थ आॅब्जर्वेशन प्रोग्राम के सेटेलाइट से ली गई है। आलम यह है कि आग की लपटों का काला धुआं साओ पाउलो और अन्य शहरों के ऊपर आया। नतीजतन काले धुएं और अंधेरे की वजह से विमानों की उड़ानें प्रभावित हुर्इं हैं।

जो जंगल हमारी प्राणशक्ति हैं, अगर वही न रहें, सोचिए कि कितनी भयावह स्थिति होगी। अमेजन के जंगलों में आग फैलने से चारों ओर धुआं फैल रहा है। यह अटलांटिक तट तक फैल चुका है और आगे बढ़ता ही जा रहा है। बताया गया कि करीब दो हजार मील दूर साओ पाउलो का आसमान धुएं से भर गया है। बड़े पैमाने पर कार्बन डाईआॅक्साइड पैदा हो रहा है। इस आग से कार्बन मोनो आॅक्साइड गैस भी पैदा हो रही है, जोकि आॅक्सीजन की अनुपस्थिति में लकड़ी के जलने से पैदा होती है।

अमेजन के जंगलों में लगी आग इतनी विकराल है कि अभी तक इस पर काबू नहीं पाया गया है। इसकी बानगी सरकारी स्तर पर जो सूत्रों के हवाले से बात कही गई, वही आम लोगों तक पहुंच पाई है। दमकल विभाग और सेना के लोग आग बुझाने के काम में निरंतर जुटे हुटे हैं, मगर अब तक इस पर काबू नहीं पाया जा सका है। ब्राजील की सेना दो सी130 हर्क्यूलिस विमानों से हजारों लीटर पानी आग बुझाने के लिए अमेजन के वर्षावनों पर डाल रही है।
ऐसी भयावह है आग

इस जंगल में लगी आग की घटनाओं का सबसे अधिक प्रभाव उत्तरी इलाकों में पड़ा है। रोराइमा में 141 फीसद, एके्र में 138 फीसद, रोंडोनिया में 115 फीसद और अमेजोनास में 81 फीसद आग की घटनाओं में वृद्धि हुई है, जबकि दक्षिण में मोटो ग्रोसो डो सूल में आग की घटनाएं 114 फीसद बढ़ी हैं। अमेजोनास ब्राजील का सबसे बड़ा राज्य है, जहां आपात स्थिति की घोषणा कर दी गई है। ब्राजील की अंतरिक्ष एजेंसी के आंकड़े बताते हैं कि अमेजन के वर्षा वन में इस साल रिकॉर्ड आग की घटनाएं हुई हैं। नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्पेस रिसर्च (इनपे) ने अपने सेटेलाइट आंकड़ों में दिखाया है कि 2018 के मुकाबले इस दरम्यान आग की घटनाओं में 85 फीसद की वृद्धि हुई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस साल के शुरुआती आठ महीनों में ब्राजील के जंगलों में आग की पचहत्तर हजार घटनाएं हो चुकी हैं। साल 2013 के बाद यह रिकॉर्ड है। साल 2018 में आग की कुल 39,759 घटनाएं हुई थीं।