चूहे

चूहे कविता में जगह बना रहे हैं

काली चमड़ी में छिपे उनके तीखे दांत
कविता को कुतर सकते हैं
यह भी संभव है बना दें हवादार जाली
कि चिड़ियों के पंखों से टकरा कर आती हवा
कविता की उड़ान को सहज कर दे

कविता में छिपी सुरंगों को
कोने-अंतरे को चूहे पहचानते हैं
जानते हैं उसकी मिट्टी में उलटा लटकने की विधि
चूहे जानते हैं किस द्वार से
बिल से जाने पर दिखाई देता है सूरज
और चंद्रमा के घर में
रखा भोजन

चूहे जानते हैं कविता में भूकंप आने का समय
कलाकार चूहे तो यहां तक जानते हैं
कैसे बनाया जाता है रास्ता चुटकियों में
कविता से संसद तक

चूहे कविता में जगह बना रहे हैं
और बना रहे हैं ऊंचा टीला कि भांप सकें
किधर से आ रही हैं
बिल्लियां

नुस्खा

बुरे आदमी के पास अच्छा आदमी बनने का नुस्खा था

अच्छा आदमी बनने के लिए उसने वह सब किया
जो उसके बेटे की किताब में लिखा था
और जो नहीं लिखा था जरूरी था उसने किया

अस्पताल और स्कूल खुलवाना तो सामान्य बात थी
धर्मशाला बनवाया। सड़कें बनवार्इं और कुआं खुदवाया
कंबल बांटे। विशाल भगवती जागरण किया
और बड़े बूढ़ों के पैर छुए

एक दिन उसने एक अंधे को रास्ता पार करवाया
इसके लिए थोड़ी देर उसे धूप में पैदल चलना पड़ा
अंधों के स्कूल की महत्त्वाकांक्षी योजना भी बना डाली उसने
उसी समय
साहित्यकारों के लिए उसने पुरस्कार घोषित किए
और विधवा आश्रम का शिलान्यास किया

अखबार के एक पूरे पृष्ठ पर उसने अपनी उपलब्धियां गिनार्इं
अंग्रेजी अखबारों में भी उसके चित्र
पूरी भव्यता से प्रकाशित हुए
बुरा आदमी खुश था कि वह
इतना अच्छा तो बन गया है कि उसका पुत्र
कह सके कि ये मेरे पिता हैं

हालांकि अब भी उसके घर से
एक चिड़िया के रोने की आवाज आती है
और बादल छोड़ देते हैं आंगन
बरसने के ठीक पहले

शक

हम जैसा देखना चाहते हैं
वैसा देखते हैं। हम अंधे नहीं हैं और हम
अंधे हैं

हम जैसा सुनना चाहते हैं
वैसा सुनते हैं। हम बहरे नहीं हैं और हम
बहरे हैं

हम जैसा सोचना चाहते हैं वैसा सोचते हैं
जैसे इस समय चिड़िया को होना ही चाहिए
अपने घोंसले में
हवा में उसके बदन की खुशबू तोड़ती है
हमारे अंदर कांच की
खिड़कियां

हम घड़ी की लंबी वाली सुई की दिशा
अपने सबसे अच्छे दोस्त के घर की तरफ करते हैं
और मोड़ते हैं नदी को सूरज के घर की तरफ
नदी को अपनी ही तरह
अंधा करने के लिए
हमारे पेट में बाल हैं
और हम गंजे हो रहे हैं ०