बापू
आंखों पे गोल चश्मा
कमर पर लटके घड़ी,
तन पर बांधे लंगोटी
हाथ में लिए छड़ी।
चले अहिंसा पथ पर
मन में अडिग विश्वास लिए,
देख अधनंग फकीर को
चर्चिल भी चकित हुए।
करेंगे या मरेंगे
भारत को देकर नारा,
अंग्रेजो भारत छोड़ो
बापू ने था ललकारा।
हिंदू सिख मुसलमां की
बना दी एक मुट्ठी
झुका दिया फिरंगी को
कर दी उनकी छुट्टी।
इस पावन पर्व पर
उस विभूति को याद करें,
श्रद्धा के सुवासित फूल
बापू के चरणों में धरें।
नीचे कुछ पहेलियां और सवाल दिए गए हैं। उन्हें बूझो और बताओ। न समझ आए, तो जरा सिर घुमाओ और नीचे दिए उत्तर देख लो।
(1)
ऊंट की बैठक
हिरण की चाल
बताओ तो जरा
कौन है ये पहलवान।
(2)
रात को नभ में चमका करता
जैसे चांदी की इक थाली
चोर-उचक्के लूट न पाएं
लौटें हरदम खाली।
(3)
जो जाकर न वापस आए
जाता भी वह नजर न आए
सारे जग में उसकी चर्चा
वह तो अति बलवान कहलाए।
(4)
नीचे दिया गया चित्र किसका है, पहचानिए और बताइए।
1- मेढक, 2- चांद, 3- समय, 4- लाल बहादुर शास्त्री
कसना
किसी वस्तु को रस्सी या किसी अन्य चीज से मजबूती से बांधने को कसना कहते हैं। किसी उपकरण में पेंच लगाकर उसे जकड़ने को भी कसना कहा जाता है।
इसके अलावा
इसका एक अर्थ जांचने-परखने के संबंध में भी होता है। जैसे- सोने की पहचान के लिए उसे कसौटी पर कसना।
अंक
परीक्षा में आपको जो नंबर मिलते हैं उसे अंक भी कहते हैं। जैसे पचास प्रतिशत अंक मिले या सौ में से सत्तर अंक मिले।
इसके अलावा
अंक का एक अर्थ गोद भी होता है। जैसे मां बच्चे को अंक में लेती है। राम ने भरत को अपने अंक में भर लिया
