मुझको पहचानो

एक किरण सूरज की
एक किरण चंदा की
एक किरण आशा की
मुझ तक आने दो!

इक तारा आसमां का
इक तारा जमीं का
इक तारा आंखों का
मुझको बन जाने दो!

इक फूल किसी जंगल का
इक फूल किसी के दिल का
इक फूल किसी मंजिल का
हूं मैं, मुझको पहचानो!

तुम बनो हवा

तुम बनो हवा
हम पतंग बन जाएं
बिन मांझे के हमें उड़ाओ
दूर चांद तक जाएं
चांद पर जीवन कैसा होगा
जरा देख कर आएं!

तुम बनो मेघ
हम धरती बन जाएं
तुम रिमझिम-रिमझिम बरसो
हम फसलें नई उगाएं
मेहनत से जो ना घबराएं
वे ही हमको पाएं!

तुम बनो धूप
हम छाया बन जाएं
आंख-मिचौली पकड़म-पकड़ी
खेलें, हाथ न आएं
शाम की चादर
ओढ़
रात की गोदी में सो जाएं!