प्रतिभा कुशवाहा

विष्णु शर्मा : क्या आप जानते हैं कि दादी मां और नानी की कहानी नाम से जो कार्टून कहानियां आज हम टीवी पर देखते है उन्हें किसने लिखी थीं। कहा जाता है कि भारत में अमरकीर्ति नाम का एक राजा था। उसके चारों पुत्रों का मन पढ़ाई-लिखाई में नहीं लगता था। इस कारण से राजा बहुत परेशान रहता था। एक दिन राजा ने पंडित विष्णु शर्मा नामक विद्वान को बुला कर राजकुमारों को शिक्षित करने की जम्मेदारी सौंपी। विष्णु शर्मा ने जीव जंतुओं को अपनी कहानी का पात्र बनाकर बड़े रोचक और दिलचस्प तरीके से चारों राजकुमारों को सदाचार और नीति का ज्ञान देने लगे। आज यही कहानियां पंचतंत्र के रूप में हमारे पास है। ये कहानियां इतनी प्रसिद्ध हैं कि इनका अनुवाद संसार की कई भाषाओं में किया गया। तो है न यह रोचक बात।ईसप- ईसप यूनान का रहने वाला एक गुलाम था। वह पशु-पक्षियों पर आधारित कहानियां बोल-बोलकर सभी को सुनाता रहता था। ईसप कहानी बुनने में बहुत ही कुशल और तेज थे। उसकी कहानियों में भी पशु-पक्षी होते थे। बाद में यूनान के ही वेव्रियस नामक व्यक्ति ने ईसप की कहानियों को लिखकर एक संग्रह तैयार किया। रोम के राजा फायड्रस ने ‘ईसप की कहानियों’ का लैटिन भाषा में अनुवाद करवाया। ये कहानियां आज हमारे पास ‘ईसप की कहानियां’ के रूप में मौजूद हैं।

रस्किन बांड : रस्टी और अंकल केन के बारे तो आपने सुना ही होगा। रस्टी और अंकल केन की कहानियां रस्किन बांड ने ही हम सभी को बताई है। ऐसा कोई बचपन नहीं होगा जिसने रस्किन बांड की कहानियां न पढ़ी हों। रस्किन बांड अपनी दादी के यहां पले-बढ़े। उन्होंने सत्रह साल की उम्र में ही ‘रूम आॅन द रूफ’ नाम से पहली कहानी लिख डाली थी। उनकी कहानी ‘द ब्लू अंब्रेला’ भी काफी प्रसिद्ध है। इस पर फिल्म भी बन चुकी है।

सी एस लुईस- लुईस ऐसे कहानीकार हैं जिन्होंने बच्चों की सर्वाधिक काल्पनिक दुनिया नार्निया की कल्पना की। इस कल्पना को उन्होंने ‘द नार्निया आॅॅफ क्रॉनिकल्स’ में बड़े ही रोचक तरीके से रचा है। ये सात पुस्तकों की एक के बाद एक शृंखला है। इन किताबों में ढेर सारा जादू है। अब तक बच्चों ने द लायन, द विच एंड द वार्डरोब, प्रिंस कैस्पियन एवं द वॉयज आॅफ द डॉन ट्रेडर नाम से नार्निया पर फिल्में देखी है। सभी कहानियां बच्चों की साहस की कहानियां है।

जे के रोलिंग- हैरी पॉटर का नाम किसने नहीं सुना होगा। यह एक बच्चा है जो जादू सीखता है और जादू से बड़े बड़े कारनामे कर डालता है। हैरी पॉटर और उनके साथियों के कारनामों के बारे में जे के रोलिंग ने लिखा है। अब तक लेखिका ने हैरी पॉटर पर सात उपन्यास लिख डाले हैं, जिन पर फिल्में भी बन चुकी हंै। हैरी पाटर की सारी कहानियां अपने रहस्य, जादू, तंत्र-मंत्र और बच्चों के साहस और बहादुरी के लिए पढ़ी जाती हैं। हैरी पॉटर एक अनाथ बच्चा है। वह जादू-टोने के विद्यालय हॉग्वर्ट्स जाता है जहां उसे उसका दुश्मन वोल्डमार्ट मिलता है। कैसे हैरी पॉटर इन सबसे मुकाबला करता है। इन सबकी कहानी हैरी पॉटर और पारस पत्थर, हैरी पॉटर और रहस्यमयी तहखाना, हैरी पॉटर और अज्कबान का कैदी, हैरी पॉटर और आग का प्याला, हैरी पॉटर और मायापंछी का समूह, हैरी पॉटर और हाफ-ब्लड प्रिंस, हैरी पॉटर और मौत के तोहफे किताबों में है।

लोइस लौरी- इन्होंने बच्चों के लिए ढेर सारा साहित्य लिखा है। उन्हें पढ़ने का बहुत शौक था। जब वे बहुत छोटी थीं तभी उन्होंने निश्चित कर लिया था कि वह लेखिका बनेगी। उन्होंने बच्चों के लिए हंसने-हंसाने वाली कहानियों की शृंखला अनास्तासिया क्रुपनिक नाम से तैयार की। उनकी किताब ‘द गिवर’ भी काफी चर्चित है। बाद में उनहोंने ‘गूनी बर्ड ग्रीने’ लिखी जिसमें स्कूली बच्चों की शरारतों और उनके कारनामे हैं।

लुइस कैरोल- लुइस कैरोल का वास्तविक नाम चार्ल्स लुटविज डागसन था। उन्होंने एलिस के लिए एक जादुई चमत्कारों से भरा एक ऐसा संसार बनाया जहां हर बच्चा जाना चाहता है। ‘एलिसेस एंडवेंचरस इन वंडरलैंड’ लिख कर बच्चों को जादू के संसार में पहुंचा दिया। इनकी कहानियों को इंग्लैंड की महारानी विक्टोरिया ने भी खूब सराहना की थी। ०