मानस मनोहर
गरमी के मौसम में धूप और लू की वजह से शरीर का पानी तेजी से कम होता है, जिसके चलते बार-बार प्यास लगती है। कई बार तो अधिक पानी पीते रहने से भूख मंद पड़ जाती है। इस तरह शरीर को जरूरी ऊर्जा और पोषण नहीं मिल पाता। इसलिए इस मौसम में शर्बत पीना ज्यादा लाभकारी होता है। शर्बत से न सिर्फ शरीर में पानी की कमी से बचा जा सकता है, बल्कि उससे जरूरी ऊर्जा और पोषण भी प्राप्त होता है। जो लोग मोटापे या कोलेस्ट्रॉल को लेकर सतर्क हैं, उनके लिए शर्बत उपयुक्त आहार है। आजकल बाजार में बने-बनाए शर्बत उपलब्ध हैं। बस बोतल में से एक-दो चम्मच घोल निकालो, पानी मिलाओ और पी लो। यही उपाय सबको आसान लगता है, इसलिए गरमी में शर्बत का बाजार काफी फलता-फूलता है। मगर घर में अगर थोड़ी मशक्कत करके फलों और दूसरी चीजों के शर्बत बनाएं तो वह सेहत के लिए ज्यादा अच्छा रहता है। कुछ शर्बतों को बनाना बहुत आसान है।
सौंफ का शर्बत
सौंफ की तासीर ठंडी होती है। यह पेट के लिए बहुत गुणकारी है। इसलिए अगर तेज गरमी के मौसम में सौंफ का शर्बत पीएं तो वह शरीर को ठंडक भी देगा और पेट संबंधी कई समस्याओं से मुक्ति भी दिलाएगा। सौंफ का शर्बत बनाना बहुत आसान है। एक व्यक्ति के लिए दो से तीन बड़े चम्मच सौंफ पर्याप्त होती है। उसी अनुपात में व्यक्तियों के अनुसार सौंफ लें। शर्बत बनाने के लिए सौंफ को साफ पानी में एक घंटे के लिए भिगो दें। फिर उसे मिक्सर में पीस लें। जब यह पेस्ट बन जाए तो उसे ठंडे पानी में डालें और जरूरत भर की चीनी मिला कर शर्बत बना लें। इसे छान कर पीएं। इसका स्वाद निराला होगा।

बेल का शर्बत
गरमी में बेल का फल बाजार में आ जाता है। इसमें भरपूर फाइवर और कार्बोहाइड्रेट जैसे तत्त्व होते हैं। आयुर्वेद में इसे पेट के लिए अत्यंत गुणकारी औषधि माना गया है।
बेल का शर्बत बनाना बहुत आसान है। पके हुए बेल को फोड़ कर अच्छी तरह उसका गूदा निकाल लें। एक बड़े बरतन में पानी डाल कर गूदे को हाथ से मसलते हुए उसका बीज और रेशा बाहर कर लें। ध्यान रखें कि गूदे को बिना बीज निकाले कभी मिक्सर में न पीसें। शर्बत कड़वा हो जाएगा। जब बीज और रेशे पूरी तरह निकल जाएं तो उसे छन्नी से छान लें। इस तरह छन्नी में आए मोटे गूदे को दुबारा मसल कर एकसार कर लें। फिर उसमें थोड़ी-सी चीनी मिला कर घोल लें। बेल का गूदा मीठा होता है, इसलिए उसके शर्बत में ज्यादा चीनी की जरूरत नहीं होती। चाहें तो बिना चीनी के भी पी सकते हैं। इसे और स्वादिष्ट बनाने के लिए ऊपर से नीबू का रस, भुने हुए जीरे का पाउडर और काला नमक मिला सकते हैं। दो-चार पुदीने की पत्तियां तोड़ कर डाल लें, उसकी खूशबू शर्बत को अलग जायका देगी।
फालसे का शर्बत
गरमी में फालसे का शर्बत बहुत लोकप्रिय है। इसे भी बनाना बहुत आसान है। गरमी में फालसे बाजार में सहज उपलब्ध होते हैं। लाल रंग के छोटी झरबेरियों के आकार के होते हैं। फालसे के फलों को धो लें। उन्हें मिक्सर में डालें और साथ ही थोड़ी चीनी, भुने हुए जीरे का पाउडर और थोड़ा-सा काला नमक भी मिला लें। मिक्सर को दो-तीन सेकेंड के झटके देकर चलाएं। फालसे का रस निकल आएगा। अब शर्बत को छान कर ऊपर से पुदीने की पत्तियों से सजा कर परोसें। गरमी में स्वाद और ठंडक का अहसास देगा फालसे का शर्बत।
खरबूजे का शर्बत
आपने केले और आम के शेक तो बहुत पिए होंगे, पर इस गरमी में खरबूजे का शेक यानी शर्बत बना कर पीएं, इससे ठंडक तो मिलेगी ही, यह एक तरह से संपूर्ण आहार का काम करेगा। बच्चों को यह बहुत पसंद आएगा। खरबूजे का छिलका और बीज निकाल कर छोटे टुकड़ों में काट लें। उन्हें मिक्सर में डालें। ऊपर से थोड़ी चीनी और उबाल कर ठंडा किया हुआ दूध डालें। मिक्सर को चला कर खरबूजे को अच्छी तरह पीस लें। शर्बत तैयार है। चाहें तो इसमें कुछ काजू, बादाम और अखरोट बारीक काट कर ऊपर से डालें और पीने के लिए परोसें। गरमी में यह अपने आप में संपूर्ण नाश्ते का काम करेगा।

तरबूज का शर्बत
तरबूज में पानी और शर्करा की मात्रा बहुत होती है, इसलिए इसका शर्बत बनाने के लिए बहुत मेहनत नहीं करनी पड़ती। तरबूज का गूदा निकाल लें। उसके बीज जितने निकाल सकते हैं, निकाल लें। अगर कुछ बीज रह भी जाएं तो परेशान होने की जरूरत नहीं, क्योंकि तरबूज के बीज पेट में जाकर नुकसान नहीं पहुंचाते।
अब तरबूज के गूदे को मिक्सर में डाल कर अच्छी तरह पीस लें। अगर आपको मीठा अधिक पसंद है तो कुछ चीनी भी डाल लें। थोड़ा-सा काला नमक, भुना हुआ जीरा और पुदीने की पत्तियां डाल कर शर्बत परोसें। इसी तरह इस मौसम में पैदा होने वाले फलों, यहां तक कि गुलाब, केवड़ा आदि के पूलों का शर्बत तैयार कर सकते हैं।
(नोट: आयुर्वेद के मुताबिक फलों में किसी भी प्रकार के नमक का उपयोग न किया जाए, तो सेहत के लिए अच्छा रहता है। इसलिए चाहें तो इससे बच सकते हैं।)

