खास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं कि पूरी नींद लेने से शरीर स्वस्थ रहता है। कई बीमारियों से निजात मिलती है। मगर आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में देखा जा रहा है कि अनिद्रा यानी नींद न आने की समस्या अधिक बढ़ती जा रही है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में मनोचिकित्सक डॉक्टर राजेश सागर का कहना है कि अस्सी फीसद बीमारियों की जड़ में अनिद्रा भी एक लक्षण है। यह एक मानसिक बीमारी है। अनिद्रा के तनाव, अवसाद, डिमेंशिया, बाइपोलर कई कारण हो सकते हैं। अनिद्रा कई प्रकार की होती है।

प्रकार
इनीशियल इन्सोम्निया
इस अनिद्रा में आपके सोने के घंटों का समय कम हो जाता है। आप बिस्तर पर जल्दी चले जाते हैं, लेकिन नींद बहुत देर बाद आती है। इस तरह की समस्या कई बार जब व्यक्ति किसी घबराहट में होता है, तब देखी जाती है।

टर्मिनल इन्सोम्निया
इस तरह की अनिद्रा में प्रतिदिन छह बजे उठने वाला व्यक्ति चार बजे उठ जाता है। फिर उसे नींद नहीं आती। जल्दी नींद टूट जाती है। इस तरह की समस्या तब दिखाई देती है जब व्यक्ति अवसाद में होता है।

मिडिल इन्सोम्निया
मिडिल इन्सोम्निया में व्यक्ति को रात को बार-बार उठना पड़ता है, फिर उसे नींद नहीं आती। यह उठना किन्हीं वजहों से भी हो सकता है।

नौकरी और सोने का समय
आजकल आधी से ज्यादा आबादी कामकाजी है। इनमें से ऐसे भी बहुत से लोग हैं, जिनके काम के घंटे निश्चित नहीं हैं। जो लोग रात में काम करते हैं या शाम की शिफ्ट से आधी रात की शिफ्ट होती है या फिर वे लोग जो देश और दुनिया की सैर पर रहते हैं। ऐसे लोगों के लिए डॉक्टर सागर सलाह देते हैं कि ऐसे लोगों को दिन या रात किसी भी समय में से कोई एक समय ऐसा निकालना चाहिए, जिसमें उनकी नींद पूरी हो जाए। उन्हें नींद के चक्र को पूरा करना चाहिए।

उपाय
स्लीप हाइजीन
डॉक्टर राजेश सागर अनिद्रा की समस्या को हल करने के लिए कई तरीके बताते हैं। इसके अंतर्गत पहला उपाय स्लीप हाइजीन है। स्लीप हाइजीन ऐसी आदतें हैं, जिन्हें व्यक्ति को अच्छी नींद के लिए अनुसरण करना पड़ता है। इसके अंतर्गत ये व्यवहार शामिल किए जाते हैं।

सही वक्त पर सोएं : किसी भी अच्छी नींद के लिए जरूरी है कि आप सही वक्त पर सोएं। सही समय पर सोएंगे तो सही समय पर उठेंगे भी और आपकी नींद में बाधा नहीं आएगी।

समय : स्लीप हाइजीन के अंतर्गत यह भी बताया जाता है कि व्यक्ति के सोने और उठने का समय तय हो। जब आपकी दिनचर्या का समय बंटा होगा, तो आप शांत रहेंगे और नींद भी अच्छी आएगी। यह भी ध्यान रखें कि जब आप सो रहे हों तो कोई बाधा न हो।

ज्यादा न सोचें : बहुत बार अनिद्रा की समस्या ज्यादा सोचने की वजह से होती है। इसलिए अगर अच्छी नींद चाहिए, तो ज्यादा न सोचें। डॉक्टर सागर के मुताबिक अगर आपको सोचना ही है तो बिस्तर पर लेट कर न सोचें। कुर्सी पर बैठ जाएं और फिर सोचें। अगर नींद न आए तो टहल भी सकते हैं। जब आपको नींद आए तभी बिस्तर पर लेटें। बीस मिनट से ज्यादा बिस्तर पर नींद नहीं आ रही है तो बिस्तर पर न लेटें।

उत्तेजक सामग्री: डॉक्टर सागर के मुताबिक सोने से पहले ऐसी कोई भी सामग्री न देखें, जिससे आप उत्तेजित हों। मन को शांत रखें।
चाय को कहें ना : बहुत बार ऐसा होता है कि जब आपको नींद नहीं आती तो आप चाय का सहारा लेते हैं। लेकिन चाय सेहत के लिए हानिकारक होती है। इसलिए सोते समय चाय न पीएं।

योग : योग से कई रोग खत्म हो जाते हैं। अनिद्रा से बचने के लिए आप शवासन, बज्रासन और भ्रामरी प्राणायाम कर सकते हैं।

दवा: डॉक्टर सागर कहते हैं कि जब मरीज को स्लीप हाइजीन से फायदा नहीं होता, तब उसे दवाएं दी जाती हैं।