गरमी की छुट्टियां चल रही हैं और बच्चे दिन भर घर में रहते हैं। सो, वे कुछ न कुछ नया खाने की मांग करते रहते हैं। आमतौर पर लोग बाजार से डिब्बाबंद या रेस्तरां वगैरह में बनी चीजें उन्हें खाने को देते हैं। बच्चों को भी बाजार का तुरंत आहार यानी पिज्जा, बर्गर, चाउमीन, मोमो वगैरह खाना बहुत पसंद आता है। मगर गरमी में बाहर का खाना सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। खासकर चीनी व्यंजन जैसे, चाउमीन, मोमो वगैरह में पत्ता गोभी का उपयोग होता है, जो कि स्वास्थ्य की दृष्टि से खतरनाक साबित हो सकता है। इसलिए जहां तक हो सके, बच्चों को घर में बना भोजन खिलाएं और उन्हें स्वस्थ रखें। आपके हाथ का बना भोजन करके बच्चों की आपसे निकटता भी बढ़ेगी और उन्हें उचित पोषाहार मिलेगा, गरमी में पेट खराब होने की आशंका से भी बचा जा सकेगा। आज कुछ बच्चों की पसंद का बनाते हैं।
मोमो
मोमो बच्चों को बहुत पसंद आता है। यह हर जगह बाजार में सहजता से उपलब्ध होता है और चूंकि इसे पकाने में भाप का उपयोग किया जाता है, इसलिए ज्यादातर लोग इसे स्वास्थ्य की दृष्टि से हानिकारक नहीं मानते हैं। पर इसमें उपयोग होने वाली दो चीजें बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो सकती हैं- मैदा और पत्ता गोभी। चूंकि हममें से ज्यादातर लोग आटे से बनी रोटियां और दूसरी चीजें खाने के अभ्यस्त हैं, इसलिए मैदे से बनी चीजें हमारे पेट में जाकर परेशानी पैदा कर सकती हैं। दूसरी चीज है- पत्ता गोभी। पत्ता गोभी में दिमागी बुखार पैदा करने वाले कीड़ों के छिपे होने का खतरा सबसे अधिक होता है। चूंकि बाजार में खाद्य सामग्री बनाने वाले न तो अच्छी किस्म का पत्ता गोभी खरीदते हैं और न उसे धोने-काटने में समुचित सावधानी बरतते हैं, इसलिए उसे खाने से बचना ही ठीक है।
मोमो आप घर में बहुत आसानी से बना सकते हैं। इसे बनाने के लिए बहुत जहमत नहीं उठानी पड़ती। मोमो बनाने के लिए पत्ता गोभी की जगह कच्चे पपीते का उपयोग किया जा सकता है। पपीते का छिलका उतार कर उसे कद्दूकस कर लें। अब एक गाजर को भी इसी तरह कद्दूकस कर लें। इसके अलावा हरी मटर, हरे प्याज का बारीक कटा पत्ता लें। इनके अलावा बच्चों की पसंद की कोई पत्तेदार सब्जी भी ले सकते हैं। इन सबको एक साथ मिला लें।
अब एक कड़ाही में एक चम्मच खाने का तेल गरम करें और उसमें सब्जियों का मिश्रण मिला दें। अंच तेज रखें और सब्जियों को चलाते रहें। इनमें ऊपर से नमक और थोड़ा-सा धनिया पाउडर और जीरा पाउडर डाल कर चलाएं। पांच मिनट चलाने के बाद आंच बंद कर दें और सब्जियों को ठंडा होने दें। अब रोटी वाले आटे की छोटी-छोटी लोइयां लें और उनसे पतली-पतली रोटियां बेल लें। इन रोटियों में सब्जियों का मिश्रण डालें और उन्हें पोटली जैसा आकार देते हुए बंद कर लें। चाहें तो गुझिया बनाने वाले सांचे में रख कर भी इन्हें बंद कर सकते हैं।
अब स्टीमर में पानी गरम करें और उसकी ट्रे में भरे हुए मोमो रखते जाएं। इसके लिए इडली स्टैंड का भी उपयोग किया जा सकता है। अगर इनमें से कोई भी चीज न हो तो एक कुकर की तली में एक कटोरी रखें और उसे पानी से भर दें, कुछ पानी कुकर के पेंदे में रहने दें ताकि भरपूर भाप बन सके। अब एक प्लेट या स्टील की छन्नी में पतला कपड़ा बिछा कर उसमें मोमो रखें और कुकर की सीटी निकाल कर पांच-सात मिनट तक उन्हें भाप में पकने दें।
देखने में बिल्कुल बाजार जैसे, पर उससे स्वादिष्ट और सेहतमंद मोमो तैयार हैं।
मोमो के साथ चटनी
मोमो के साथ खाई जाने वाली लाल चटनी आमतौर पर घरों में नहीं बनती। उसमें लाल मिर्च का उपयोग अधिक होता है, इसलिए उसे बच्चों के पेट के लिए उत्तम नहीं माना जाता। ऐसे में मोमो के साथ खाने के लिए घर में जब चटनी तैयार करें, तो ध्यान रखें कि वह देखने में तो बाजार की चटनी जैसी हो, पर बच्चों की सेहत की दृष्टि से बेहतर हो।
इसके लिए आठ-दस लहसुन की कलियां लें। दो पके हुए टमाटर लें और दो से तीन हरी मिर्चें ले लें। इन्हें ग्राइंडर में डालें और ऊपर से नमक, थोड़ा-सा साबुत धनिया और आधा चम्मच साबुत जीरा डालें और चटनी पीस लें। चटनी देखने में लाल होगी और बाजार की चटनी से खाने में बिल्कुल अलग और सेहतमंद। इस चटनी के साथ बच्चे मोमो खाएंगे, तो बाजार की चटनी को कभी मुंह भी नहीं लगाएंगे। इस तरह मोमो और चटनी बना कर आप अपने बच्चों के दोस्तों को दावत भी दे सकते हैं।

