शेर को बिल्ली मौसी ने ही
सब कुछ था सिखलाया
लेकिन पेड़ पर कैसे चढ़ते
गुर यह न बतलाया
मौसी नहीं, तुम दोस्त हो मेरी
मुझको तो बतलाओ
बिन सीढ़ी के पेड़ पर चढ़ने
का वह हुनर सिखलाओ
नीचे खुद आ जाऊंगा मैं
जरा न घबराऊंगा
देखना तुमसे भी अच्छा मैं
कूद के दिखलाऊंगा
मेरी बिल्ली डांट है खाती
जब वह गंद मचाती है
देख के मम्मी के थप्पड़ को
फौरन ही छिप जाती है
लेकिन एक अदा है उसकी
मम्मी को जो भाती है
उनको चूहों से डर लगता
और वह चूहे खा जाती है
राजेश आहूजा
