दिविक रमेश
कविता: मैं प्यारी या मिर्ची

मम्मी आओ जल्दी-जल्दी
लाओ जल्दी पानी!
सच खराब है मम्मी कितनी
देखो तो शैतानी!

आकर मम्मी बोली डर कर
अरी हुआ क्या बिटिया?
मम्मी इसने जीभ जला दी
रोकर बोली बिटिया।

बहुत शरारती है न मम्मी
यह नन्ही सी मिर्ची!
बड़ी शरीफ दिखी थी मुझको
हाय लगा दी सी सी!

हंस कर बोली खुश हो मम्मी
तुझ सी लगती मिर्ची!
पर बतलाओ मम्मी सच-सच
मैं प्यारी या मिर्ची?


शब्द-भेद: कुछ शब्द एक जैसे लगते हैं। इस तरह उन्हें लिखने में अक्सर गड़बड़ी हो जाती है। इससे बचने के लिए आइए उनके अर्थ जानते हुए उनका अंतर समझते हैं।

आतप / आपत / आफत/ आपात: धूप, घाम, सूरज की उष्णता को आतप कहते हैं, जबकि आपत आपद् यानी विपत्ति, आफत के अर्थ में प्रयोग होता है। जैसे आपत्काल, आपातकाल। आफत का अर्थ है विपत्ति, संकट। जबकि आपात का अर्थ भी आपत या आपद् है। अंगरेजी में इसके लिए इमरजेंसी शब्द है।

गोद / गोंद: जब दोनों बांहों को मिला कर सहारा दिया जाता है, तो उसे गोद कहते हैं। मां की गोद से तो आप सभी परिचित हैं। जबकि गोंद एक प्रकार का लसलसा पदार्थ होता है, जिसका कागज वगैरह चिपकाने, मिठाई बनाने में उपयोग किया जाता है।