
पारंपरिक रूप से पुरुष प्रधान माने जाने वाले कार्यक्षेत्रों में महिला प्रशिक्षुओं की बढ़ती मांग हर स्तर पर स्त्री-पुरुष के…

पारंपरिक रूप से पुरुष प्रधान माने जाने वाले कार्यक्षेत्रों में महिला प्रशिक्षुओं की बढ़ती मांग हर स्तर पर स्त्री-पुरुष के…

जैसे-जैसे दिल्ली में मतदान का दिन पास आ रहा है, वैसे-वैसे केजरीवाल घबराए और परेशान से लगने लग गए हैं।…

उत्तराखंड सरकार ने भले समान नागरिक संहिता बनाई है, मगर हकीकत यही है कि केंद्र सरकार उत्तराखंड के कंधों पर…

भारत की दलगत संसदीय राजनीति में निर्दलीय नेताओं की अपनी भूमिका है। ये अपना जनाधार अपने निजी काम और छवि…

अब तक सामने आई खबरें बताती हैं कि इस बार दिल्ली का चुनाव अपेक्षाकृत अधिक खुला कवरेज पा रहा है।…

हम जब कुछ लिखते हैं तो स्वयं से संघर्ष करते हैं। मन-मस्तिष्क में द्वंद्वात्मक भाव रहता है। फिर यथार्थ को…

राष्ट्रवाद इतना तंगनजर है कि पिछले दशक में अचानक हमें दिखने लगे हैं ऐसे लोग, जो खुल कर कहते हैं…

सरकार ने कारपोरेट समर्थक और मित्रतावादी पूंजीपतियों की समर्थक होने का ‘टैग’ हासिल कर लिया है। कारपोरेट मुनाफा 2022-23 में…

लोकचित्त को समझने और उसमें प्रवेश करने के लिए योग की भूमिका गहरे सूत्रों-संकेतों और संभावनाओं से युक्त है। पर…

हर चैनल पर सभी दानियों की अपनी-अपनी जनता, अपने-अपने कार्यकर्ता, अपने अपने मतदाता… हर ‘सीधे प्रसारण’ में चैनलों का ‘संतुलन’…

जिन देशों में आम मतदाता अपनी शक्ति समझते हैं पूरी तरह, वहां राजनेताओं को अपनी अंगुलियों पर नचाने का काम…

मुझे लगता है कि, बड़ी कामयाबी हासिल करने और शीर्ष पर पहुंचने के बाद, नारायणमूर्ति और सुब्रह्मण्यन ने यह योग्यता…