हिन्दू धर्म में ऐसी मान्यता है कि भगवान को बिना भोग लगाए हर पूजा अधूरी है। जिस प्रकार हमें खाने में कुछ खास चीजें पसंद आती हैं, ठीक उसी तरह हर देवी-देवता को उनका पसंदीदा भोजन अलग-अलग है। भगवान गणेश भी इन्हीं देवताओं में एक है जिन्हें लड्डू बहुत प्रिय है। कहते हैं कि गणपति बप्पा को मोतीचूर के लड्डू बहुत अच्छे लगते हैं। जिस कारण भक्त इनकी पूजा में विशेष रूप तौर पर शुद्ध घी से बने लड्डू इन्हें अर्पित करते हैं। परंतु क्या आप जानते हैं कि भगवान गणेश को लड्डू क्यों प्रिय है? साथ ही इसके पीछे की पौराणिक कथा क्या है? यदि नहीं तो आगे जानते हैं रोचक कथा।

भगवान गणेश को लड्डू प्रिय होने के पीछे पुराणों में एक कथा आती है। जिसके अनुसार एक बार ऋषि अत्रि और उनकी पत्नी ने भगवान गणेश को अपने यहां भोजन के लिए आमंत्रित किया। जब गणेश जी उनके यहां भोजन के लिए गए तो अनसूया उनके के लिए भोजन परोसीं। अनसूया खाना भरोसती जाती इधर गणेश झट से खाना खत्म कर देते थे। बार-बार ऐसा होने पर अनुसूया चिंता में पड़ गईं कि यदि गणेश जी का पेट नहीं भरा तो यह अच्छा नहीं होगा। घर बुलाए अतिथि को तो भर पेट भोजन होना चाहिए। जब अनसूया बहुत परेशान हो गईं तो उन्हें एक उपाय ध्यान में आया। अनसूया ने सोचा कि भोजन के उपरांत कुछ मीठा परोसने पर भगवान गणेश जी की भूख शांत हो जाएगी। ऐसे में उन्होंने गणेश जी के सामने मोदक का थाल लेकर आईं।

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भगवान गणेश ने जब लड्डू खाया तो खुशी से झूम उठे। मीठा-मीठा लड्डू उनके मुंह में आसानी से घुल जाता और वे मजे से इसे खाते। लड्डू के मीठेपन से उनका पेट और मन दोनों भर गया। एक बार माता पार्वती ने भी एक बार गणेश जी के सामने लड्डू का वर्णन किया। जिसे सुनकर भगवान गणेश उसे खाने की इच्छा प्रकट की। माता पार्वती द्वारा मोदक मिलते ही वह बहुत खुश हुए। कहते हैं कि तभी से यह माना जाने लगा कि भगवान गणेश को लड्डू बहुत प्रिय है।