Yellow Sapphire Gemstone: ज्योतिष शास्त्र में हर ग्रह का एक प्रतिनिधि रत्न होता है। इस रत्न को धारण करने से उस ग्रह से संबंधित शुभ प्रभाव व्यक्ति को मिलने शुरू हो जाते हैं। यहां हम बात करने जा रहे हैं पुखराज रत्न के बारे में। जिसका संबंध देवताओं के गुरु बृहस्पति से माना जाता है। गुरु ग्रह को ज्योतिष को वृद्धि और समृद्धि का कारक माना जाता है। इसलिए पुखराज धारण करने से व्यक्ति की आर्थकि स्थिति में सुधार आने की मान्यता है। आइए जानते हैं पुखराज धारण करने के लाभ और पहनने की विधि…
इन राशियों को लकी माना गया है पुखराज
ज्योतिष शास्त्र अनुसार पुखराज रत्न धनु और मीन राशियों के लिए शुभ माना गया है। क्योंकि इन राशियों पर गुरु बृहस्पति का आधिपत्य है। साथ ही तुला लग्न वाले लोग पुखराज धारण कर सकते हैं, क्योंकि गुरु आपके पंचम स्थान के स्वामी होते हैं। इसलिए आपको पुखराज पहना लाभकारी साबित हो सकता है।
साथ ही कर्क लग्न में जिन लोगों का जन्म होता है उनके लिए गुरु भाग्य के स्वामी ग्रह माने जातें हैं जबकि सिंह लग्न वालों के लिए पंचम भाव के स्वामी होने से इन्हें पुखराज धारण करने से अच्छा लाभ मिल सकता है। वहीं पुखराज के साथ हीरा धारण करने से बचना चाहिए। अन्यथा नुकसान हो सकता है। वहीं गुरु ग्रह अगर कुंडली में नीच के स्थित हों तो भी पुखराज नहीं धारण करें। वहीं पुखराज के साथ मोती और माणिक्य पहन सकते हैं। क्योंकि चंंद्रमा और सूर्य देव से गुरु ग्रह का मित्रता का भाव है।
इस विधि से करें धारण
पुखराज बाजार से सवा सात से सवा 10 रत्ती का खरीदना चाहिए। साथ ही पुखराज को सोने के धातु में जड़वाकर पहनना चाहिए। पुखराज को धारण करने के लिए सबसे शुभ दिन एकादशी या फिर बृहस्पतिवार का माना गया है। पुखराज को तर्जनी उंगली में पहनना चाहिए। वहीं धारण करने से पहले अंगूठी को गंगाजल और कच्चे दूध से शुद्ध कर लें और पहनने से पहले गुरु ग्रह के बीज मंत्र का 108 बार जाप करें। वहीं धारण करने के बाद गुरु ग्रह से संबंधित दान निकालें और किसी मंदिर में जाकर पुजारी को चरण स्पर्ष करके देकर आएं।
